Wealth Management Tips for New Parents: घर में बच्चे का जन्म हर परिवार के लिए खुशियों का सबसे बड़ा मौका होता है। लेकिन इस खुशी के साथ कई नई जिम्मेदारियां भी जुड़ जाती हैं। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा भविष्य में अच्छी शिक्षा हासिल करे, स्वस्थ रहे और आर्थिक रूप से सुरक्षित जीवन जिए। इसके लिए शुरुआत से ही सही वित्तीय योजना बनाना बेहद जरूरी है।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश नए माता-पिता बच्चे की देखभाल में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि उसके भविष्य की फाइनेंशियल प्लानिंग को टाल देते हैं। हालांकि, अगर सही समय पर कुछ जरूरी कदम उठा लिए जाएं, तो आने वाले वर्षों में बड़े आर्थिक लक्ष्यों को आसानी से हासिल किया जा सकता है।
1. सबसे पहले लें पर्याप्त टर्म और हेल्थ इंश्योरेंस
किसी भी परिवार की वित्तीय सुरक्षा की शुरुआत इंश्योरेंस से होती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नए माता-पिता को सबसे पहले पर्याप्त टर्म इंश्योरेंस लेना चाहिए ताकि किसी अप्रत्याशित परिस्थिति में भी बच्चे का भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित रहे।
इसके साथ ही पूरे परिवार के लिए एक कॉम्प्रीहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस भी जरूरी है। बढ़ते मेडिकल खर्चों के दौर में यह आपकी बचत और निवेश को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
2. कम से कम 6 महीने का इमरजेंसी फंड तैयार रखें
नौकरी छूटना, बिजनेस में नुकसान या अचानक मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियां कभी भी आ सकती हैं। ऐसे समय में आर्थिक संकट से बचने के लिए कम से कम 6 महीने के घरेलू खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड तैयार रखना चाहिए।
यह राशि सेविंग्स अकाउंट या लिक्विड फंड में रखी जा सकती है, जिससे जरूरत पड़ने पर आपको अपने लॉन्ग-टर्म निवेश तोड़ने की जरूरत न पड़े।
3. बच्चे की पढ़ाई के लिए जल्द शुरू करें SIP
बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाए, उतना बेहतर होता है। एक्सपर्ट्स इक्विटी म्यूचुअल फंड में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करने की सलाह देते हैं।
यदि संभव हो तो यह SIP बच्चे के नाम से जुड़े निवेश लक्ष्य के साथ शुरू करें, ताकि उस रकम का इस्तेमाल किसी अन्य खर्च में न हो और निवेश अनुशासित तरीके से चलता रहे।
4. शिक्षा महंगाई को कभी नजरअंदाज न करें
भारत में उच्च शिक्षा की लागत लगातार बढ़ रही है। अनुमान है कि शिक्षा क्षेत्र में महंगाई करीब 8% सालाना की दर से बढ़ रही है।
उदाहरण के तौर पर, आज जिस उच्च शिक्षा की लागत लगभग 30 लाख रुपये है, वही 18 साल बाद बढ़कर करीब 1.2 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। यदि इस लक्ष्य को हासिल करना है तो समय पर निवेश शुरू करना बेहद जरूरी है।
5. निवेश में देरी पड़ सकती है भारी
अगर 18 साल बाद 1.2 करोड़ रुपये का लक्ष्य हासिल करना है, तो लगभग ₹15,765 प्रति माह की SIP (12.62% अनुमानित वार्षिक रिटर्न के आधार पर) पर्याप्त हो सकती है।
लेकिन यदि इस निवेश को शुरू करने में सिर्फ 1 साल की देरी कर दी जाए, तो लक्ष्य राशि में करीब 15 लाख रुपये की कमी आ सकती है। इसलिए समय पर निवेश शुरू करना सबसे बड़ा फायदा देता है।
नए माता-पिता के लिए जरूरी वित्तीय चेकलिस्ट
- पर्याप्त टर्म इंश्योरेंस लें।
- पूरे परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदें।
- 6 महीने का इमरजेंसी फंड तैयार रखें।
- बच्चे की शिक्षा के लिए जल्द से जल्द SIP शुरू करें।
- लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते रहें।
निष्कर्ष
बच्चे का भविष्य सुरक्षित बनाने के लिए केवल अच्छी परवरिश ही नहीं, बल्कि मजबूत वित्तीय योजना भी उतनी ही जरूरी है। यदि माता-पिता शुरुआत से ही टर्म इंश्योरेंस, हेल्थ कवर, इमरजेंसी फंड और लॉन्ग-टर्म निवेश जैसे कदम उठाते हैं, तो भविष्य में शिक्षा और अन्य बड़े खर्चों का बोझ काफी हद तक कम किया जा सकता है। समय पर लिया गया सही वित्तीय फैसला आपके बच्चे के सपनों को मजबूत आधार देने का काम करता है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


