BTech Graduate Job Search: इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद अच्छी नौकरी पाना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है। बेंगलुरु के एक बीटेक ग्रेजुएट ने एक महीने के भीतर 500 से अधिक कंपनियों में आवेदन किया, लेकिन उसे एक भी इंटरव्यू कॉल नहीं मिला। सोशल मीडिया पर शेयर की गई उसकी कहानी ने भारत में फ्रेशर्स के मुश्किल होते जॉब मार्केट और बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर नई बहस छेड़ दी है।
एक महीने में 500 से ज्यादा आवेदन, फिर भी नहीं मिला मौका
बेंगलुरु के इस युवा इंजीनियर ने लिंक्डइन, विभिन्न जॉब पोर्टल्स और कंपनियों की आधिकारिक करियर वेबसाइटों के जरिए लगातार नौकरी के लिए आवेदन किए। उसने बताया कि पूरे महीने में 500 से ज्यादा रिज्यूमे भेजने के बावजूद उसे एक भी इंटरव्यू कॉल नहीं मिली।
उसके मुताबिक, वह किसी बड़े पैकेज या नामी कंपनी की तलाश में नहीं है। उसकी सिर्फ इतनी इच्छा है कि उसे ऐसा अवसर मिले, जहां वह काम सीख सके, अनुभव हासिल कर सके और अपने करियर की शुरुआत कर पाए।
‘बड़ी सैलरी नहीं, सिर्फ सीखने का मौका चाहिए’
युवा इंजीनियर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह शुरुआती स्टार्टअप्स या किसी भी अच्छे टेक रोल में काम करने के लिए तैयार है। उसका मानना है कि शुरुआती अनुभव ही भविष्य के करियर की सबसे बड़ी पूंजी होता है।
उसने कहा कि फिलहाल उसकी प्राथमिकता ज्यादा वेतन नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में कदम रखने का मौका है।
ऑनलाइन आवेदन बेअसर हुए तो Reddit पर मांगी मदद
जब लगातार ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने अपनी कहानी Reddit पर साझा की। उसकी पोस्ट का शीर्षक था—
“Applied to 500+ jobs in a month, still not a single interview.”
पोस्ट में उसने स्टार्टअप फाउंडर्स, रिक्रूटर्स और टेक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से नौकरी दिलाने या सही दिशा दिखाने की अपील की।
हजारों फ्रेशर्स ने साझा किया अपना दर्द
यह पोस्ट वायरल होते ही कई अन्य फ्रेशर्स भी सामने आए और उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने भी सैकड़ों कंपनियों में आवेदन किए, लेकिन इंटरव्यू कॉल मिलना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
कुछ यूजर्स का कहना था कि मौजूदा समय में केवल ऑनलाइन आवेदन करना काफी नहीं है। उम्मीदवारों को सीधे एचआर, फाउंडर्स या कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश करनी चाहिए।
हालांकि, कई लोगों ने यह भी बताया कि उन्होंने 100 से ज्यादा एचआर को मैसेज भेजे, लेकिन वहां से भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
‘स्किल्स होने के बावजूद नौकरी नहीं मिल रही’
एक अन्य टेक उम्मीदवार ने कमेंट में लिखा कि उसके पास इंटर्नशिप का अनुभव है और वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन, ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्चर, LangChain और LangGraph जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम कर चुका है। इसके बावजूद उसे इंटरव्यू के अवसर नहीं मिल रहे हैं।
इससे साफ होता है कि केवल तकनीकी स्किल्स होना भी कई बार नौकरी की गारंटी नहीं बन पा रहा है।
सोशल मीडिया पर बंटी लोगों की राय
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
- कुछ लोगों ने कहा कि फ्रेशर्स के लिए प्रतियोगिता पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
- कई यूजर्स ने नेटवर्किंग और रेफरल को नौकरी पाने का सबसे प्रभावी तरीका बताया।
- वहीं कुछ लोगों ने सकारात्मक अनुभव भी साझा किए और कहा कि सही प्लेटफॉर्म और धैर्य के साथ इंटरव्यू मिलने की संभावना बनी रहती है।
क्या सिर्फ डिग्री अब पर्याप्त नहीं?
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आज के नौकरी बाजार में केवल इंजीनियरिंग की डिग्री और तकनीकी ज्ञान काफी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां अब उम्मीदवारों के प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप, कम्युनिकेशन स्किल्स, नेटवर्किंग और समस्या सुलझाने की क्षमता को भी उतनी ही अहमियत दे रही हैं। ऐसे में फ्रेशर्स के लिए सिर्फ रिज्यूमे भेजना नहीं, बल्कि मजबूत प्रोफाइल और प्रोफेशनल नेटवर्क बनाना भी जरूरी होता जा रहा है।


