म्यूचुअल फंड निवेश को लेकर देश के दो बड़े निवेश प्लेटफॉर्म Zerodha और Groww के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। Zerodha के फाउंडर और CEO नितिन कामत की एक पोस्ट के बाद डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड्स को लेकर चर्चा तेज हो गई। कई निवेशकों ने इस पर अपनी राय रखी, जबकि Groww को भी अपनी नई सर्विस को लेकर सफाई देनी पड़ी।
नितिन कामत के पोस्ट से क्यों शुरू हुई बहस?
When we started the discount brokerage (flat fee per trade) model in India in 2010, we decided to charge the same fee regardless of trade size. The logic was simple: if the effort to execute a trade is the same, why should customers pay differently? We applied the same logic to… pic.twitter.com/we0sogPJdY
— Nithin Kamath (@Nithin0dha) July 9, 2026 9 जुलाई को नितिन कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि Zerodha का उद्देश्य शुरू से ही निवेश को आसान, पारदर्शी और कम लागत वाला बनाना रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने प्लेटफॉर्म Coin by Zerodha पर ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के डायरेक्ट म्यूचुअल फंड उपलब्ध कराती है।
कामत ने यह भी कहा कि यदि कोई प्लेटफॉर्म निवेश की राशि के आधार पर फीस वसूलता है, तो उसे खुद को “लो-कॉस्ट” या “डिस्काउंट” प्लेटफॉर्म नहीं कहना चाहिए। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे Groww की हाल ही में लॉन्च हुई MF Prime सर्विस पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी माना।
Groww ने दी सफाई
We've seen some confusion and some misinformation about Groww's mutual fund offering. So let us be unambiguous.
Direct mutual funds are, and will remain, the heart of Groww. Over 1 crore investors have built more than ₹1.9 lakh crore of mutual fund investments on our platform,… https://t.co/GTzhpih7TL
— Groww (@_groww) July 9, 2026 कामत के पोस्ट के बाद Groww ने स्पष्ट किया कि कंपनी की डायरेक्ट म्यूचुअल फंड सेवा पहले की तरह पूरी तरह जारी रहेगी और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
Groww के अनुसार, MF Prime एक वैकल्पिक (Optional) पेड सर्विस है, जिसे उन निवेशकों के लिए लॉन्च किया गया है जो अपने पोर्टफोलियो के प्रबंधन, रिसर्च और अतिरिक्त सहायता जैसी सुविधाएं चाहते हैं। कंपनी ने कहा कि उसकी बेसिक डायरेक्ट म्यूचुअल फंड सेवा पहले की तरह मुफ्त रहेगी।
डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड में क्या अंतर है?
म्यूचुअल फंड में निवेश के दो प्रमुख विकल्प होते हैं—डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान।
डायरेक्ट म्यूचुअल फंड
- निवेश सीधे AMC (फंड हाउस) के जरिए किया जाता है।
- इसमें कोई ब्रोकर या डिस्ट्रीब्यूटर शामिल नहीं होता।
- निवेश पर कोई डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन नहीं लगता।
- कम एक्सपेंस रेशियो होने से लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।
रेगुलर म्यूचुअल फंड
- निवेश ब्रोकर, एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से किया जाता है।
- फंड के एक्सपेंस रेशियो में डिस्ट्रीब्यूटर का कमीशन शामिल होता है।
- निवेशक को सलाह और सहायता मिलती है, लेकिन इसकी कीमत अधिक लागत के रूप में चुकानी पड़ती है।
नितिन कामत ने लागत का दिया उदाहरण
कामत ने अपने पोस्ट में बताया कि लंबी अवधि में छोटी-सी लागत भी निवेश पर बड़ा असर डालती है।
उन्होंने DSP Large Cap Fund में हर महीने ₹5,000 की SIP का उदाहरण देते हुए बताया कि समान अवधि में:
- डायरेक्ट प्लान का निवेश बढ़कर लगभग ₹19.5 लाख हो जाता है।
- रेगुलर प्लान में यही राशि करीब ₹18.3 लाख तक पहुंचती है।
यानी केवल कमीशन और अधिक एक्सपेंस रेशियो की वजह से लगभग ₹1.2 लाख का अंतर देखने को मिलता है।
Coin by Zerodha को लेकर क्या बोले कामत?
कामत ने कहा कि Zerodha का प्लेटफॉर्म Coin देश का सबसे बड़ा डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म है, जहां डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग ₹1.6 लाख करोड़ है।
उन्होंने दावा किया कि डायरेक्ट फंड्स के जरिए Zerodha के ग्राहकों ने वर्षों में कमीशन के रूप में हजारों करोड़ रुपये की बचत की है और कंपनी भविष्य में भी डायरेक्ट फंड्स मुफ्त उपलब्ध कराती रहेगी।
Groww ने क्या कहा?
Groww का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म पर 1 करोड़ से अधिक निवेशकों ने करीब ₹1.9 लाख करोड़ का निवेश डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स में किया है।
कंपनी ने दोहराया कि MF Prime केवल अतिरिक्त सुविधाओं के इच्छुक निवेशकों के लिए है और इससे उसकी मुफ्त डायरेक्ट म्यूचुअल फंड सेवा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
Zerodha और Groww के बीच छिड़ी इस बहस ने एक बार फिर निवेशकों का ध्यान डायरेक्ट बनाम रेगुलर म्यूचुअल फंड की ओर खींचा है। यदि आप स्वयं निवेश संबंधी फैसले लेने में सक्षम हैं, तो डायरेक्ट प्लान कम लागत के कारण लंबे समय में अधिक रिटर्न दे सकता है। वहीं, जिन्हें निवेश संबंधी मार्गदर्शन और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट की जरूरत होती है, उनके लिए रेगुलर प्लान या अतिरिक्त सलाह वाली सेवाएं उपयोगी हो सकती हैं।
आखिरकार, सही विकल्प आपके निवेश ज्ञान, अनुभव और वित्तीय जरूरतों पर निर्भर करता है।


