भारत के कैपिटल मार्केट में बढ़ती संभावनाओं पर विदेशी निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत होता दिख रहा है। इसी कड़ी में चॉइस इंटरनेशनल लिमिटेड (Choice International) के शेयरों में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी की ब्रोकिंग सब्सिडियरी में दक्षिण कोरिया की प्रमुख सिक्योरिटीज कंपनी NH Investment & Securities द्वारा 899 करोड़ रुपये के रणनीतिक निवेश की घोषणा के बाद शेयर करीब 8% उछलकर 829 रुपये तक पहुंच गया।
42 लाख से अधिक CCPS खरीदेगी दक्षिण कोरियाई कंपनी
चॉइस इंटरनेशनल ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि उसकी प्रमुख सहायक कंपनी Choice Equity Broking Private Limited (CEBPL) और दक्षिण कोरिया की NH Investment & Securities Co. Ltd. के बीच एक निश्चित समझौता हुआ है।
इस समझौते के तहत NH Investment & Securities लगभग 899 करोड़ रुपये का निवेश करते हुए 42 लाख से अधिक Compulsorily Convertible Preference Shares (CCPS) खरीदेगी। भविष्य में ये प्रेफरेंस शेयर नियामकीय नियमों के अनुसार इक्विटी शेयरों में परिवर्तित किए जाएंगे। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस निवेश के बावजूद चॉइस इक्विटी पर प्रमोटर्स का नियंत्रण बना रहेगा।
कारोबार विस्तार में होगा निवेश का इस्तेमाल
कंपनी के अनुसार जुटाई गई पूंजी का उपयोग ग्रोथ कैपिटल के रूप में किया जाएगा। इसके तहत कई प्रमुख क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं—
- मार्जिन ट्रेडिंग फंडिंग (MTF) बुक का विस्तार
- नई टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म
- ग्राहक आधार बढ़ाना
- अनुभवी टैलेंट की नियुक्ति
- नए प्रोडक्ट्स का विकास
- बिजनेस स्केलेबिलिटी को मजबूत करना
कंपनी का लक्ष्य इस रणनीतिक साझेदारी के सहारे अगले तीन वर्षों में ब्रोकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार को 5 गुना तक बढ़ाना है। साथ ही डिजिटल क्षमताओं, इंस्टीट्यूशनल फ्रैंचाइज़ और ग्राहक सेवाओं को भी मजबूत किया जाएगा।
भारत के कैपिटल मार्केट पर मजबूत भरोसा
चॉइस इंटरनेशनल का कहना है कि भारत में रिटेल निवेशकों की तेजी से बढ़ती भागीदारी, निवेशकों में बढ़ती जागरूकता और डिजिटल तकनीक के विस्तार ने कैपिटल मार्केट के लिए बड़े अवसर पैदा किए हैं। कंपनी का मानना है कि इन अनुकूल परिस्थितियों का लाभ उठाकर वह अपने ब्रोकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, इन्वेस्टमेंट डिस्ट्रीब्यूशन और कैपिटल मार्केट कारोबार का विस्तार करेगी।
CEO अरुण पोद्दार ने क्या कहा?
चॉइस इंटरनेशनल के CEO और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरुण पोद्दार ने कहा कि यह निवेश कंपनी की ग्रोथ यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने कहा कि यह सौदा कंपनी के विजन, बिजनेस मॉडल और दीर्घकालिक संभावनाओं पर एक प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थान के मजबूत विश्वास को दर्शाता है। उनके अनुसार यह साझेदारी कंपनी की विकास योजनाओं को नई गति देगी।
NH Investment & Securities ने जताया भरोसा
NH Investment & Securities के प्रेसिडेंट और CEO शिन जे वूक (Shin Jae Wook) ने कहा कि यह निवेश कंपनी की वैश्विक रणनीति का अहम हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि चॉइस ग्रुप के साथ साझेदारी के माध्यम से दोनों कंपनियां अपनी-अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर ग्राहकों को बेहतर वित्तीय सेवाएं देंगी और लंबे समय के लिए मजबूत ग्रोथ इंजन तैयार करेंगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा किसी भारतीय वित्तीय सेवा कंपनी में इस स्तर का रणनीतिक निवेश यह संकेत देता है कि वैश्विक कंपनियां भारत के तेजी से बढ़ते कैपिटल मार्केट को लेकर आशावादी हैं। यदि कंपनी अपने विस्तार की योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करती है, तो आने वाले वर्षों में इसके कारोबार और बाजार हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।


