8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की बैठकों का दौर जारी है और देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों की नजर आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई है। इस बीच भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (Indian Defence Workers Federation) ने न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) को मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर ₹72,000 करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि यह केवल एक सुझाव है, इस पर अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।
Highlights
- 8वें वेतन आयोग की बैठकें देशभर में जारी।
- भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने ₹72,000 न्यूनतम बेसिक सैलरी का प्रस्ताव दिया।
- फिटमेंट फैक्टर 4 गुना करने की मांग।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग भी दोहराई गई।
- सरकार या आयोग की ओर से अभी कोई अंतिम फैसला नहीं।
केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग का इंतजार
देश के लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। आयोग अलग-अलग राज्यों में कर्मचारी संगठनों और यूनियनों से मुलाकात कर उनकी मांगों और सुझावों को सुन रहा है, ताकि अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा सके।
हाल ही में भुवनेश्वर में बैठक पूरी होने के बाद अब आयोग 10 जुलाई तक कोलकाता में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ चर्चा कर रहा है।
₹72,000 बेसिक सैलरी का प्रस्ताव किसने दिया?
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने आयोग के सामने फिटमेंट फैक्टर को 4 गुना करने का प्रस्ताव रखा है।
वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है। यदि 4 गुना फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो न्यूनतम मूल वेतन बढ़कर ₹72,000 तक पहुंच सकता है।
हालांकि यह केवल कर्मचारी संगठन का सुझाव है। इसे मंजूरी मिलना अभी तय नहीं है।
फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा जोर
8वें वेतन आयोग की बैठकों में सबसे बड़ा मुद्दा फिटमेंट फैक्टर का बना हुआ है।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
- फिटमेंट फैक्टर 2.86 से 3.8 या उससे अधिक किया जाए।
- भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने 4.0 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया।
- HRA, TA और अन्य भत्तों में भी संशोधन किया जाए।
- महंगाई को देखते हुए वेतन संरचना में व्यापक बदलाव किए जाएं।
गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था।
OPS बहाल करने की मांग भी तेज
बैठकों के दौरान कई कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme – OPS) को फिर से लागू करने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए OPS को बहाल किया जाना चाहिए।
हालांकि इस विषय पर भी आयोग या केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
किन शहरों में हो चुकी हैं बैठकें?
8वें वेतन आयोग अब तक कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कर्मचारी संगठनों से चर्चा कर चुका है। इनमें शामिल हैं—
- दिल्ली
- लखनऊ
- हैदराबाद
- श्रीनगर
- लद्दाख
- भुवनेश्वर
- कोलकाता (वर्तमान बैठक)
इन बैठकों के आधार पर आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा।
क्या सच में ₹72,000 हो जाएगी न्यूनतम बेसिक सैलरी?
फिलहाल इसका जवाब नहीं है।
₹72,000 की बेसिक सैलरी कोई सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ द्वारा दिया गया एक प्रस्ताव है। आयोग सभी कर्मचारी संगठनों के सुझावों पर विचार करने के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगा। इसके बाद सरकार रिपोर्ट का अध्ययन कर अंतिम निर्णय लेगी।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹72,000 तय हो जाएगी।


