Stock in Focus: रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) का असर अब भी वैश्विक कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है। इसका ताजा उदाहरण Graphite India Ltd है, जिसने जर्मनी में अपने ग्रेफाइट स्पेशल्टीज और कोटिंग डिवीजनों को बंद करने का फैसला किया है। इस घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों पर दबाव बढ़ गया। यदि आपके पोर्टफोलियो में भी यह स्टॉक शामिल है, तो कंपनी के इस फैसले की वजह और इसके वित्तीय असर को समझना जरूरी है।
खरीदारी के माहौल में भी फिसला शेयर
गुरुवार के कारोबार में जहां भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स व निफ्टी 50 मजबूत बढ़त के साथ खुले, वहीं Graphite India के शेयर बिकवाली के दबाव में रहे। बीएसई पर कंपनी का शेयर करीब 1.48% गिरकर ₹571 के स्तर पर पहुंच गया।
इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी द्वारा जर्मनी में अपने ग्रेफाइट स्पेशल्टीज और कोटिंग कारोबार को बंद करने की घोषणा रही।
क्यों बंद हो रहा है जर्मनी का कारोबार?
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध के लंबे समय तक बने असर, यूरोप में कमजोर मांग और बढ़ती लागत के कारण जर्मनी स्थित ग्रेफाइट स्पेशल्टीज और कोटिंग डिवीजनों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हुई है।
इसी वजह से स्थानीय प्रबंधन ने इन डिवीजनों और उनसे जुड़ी सर्विस गतिविधियों को बंद करने का निर्णय लिया है। कंपनी के अनुसार, स्थानीय वर्क्स काउंसिल के साथ चर्चा के बाद अगले छह महीनों में यह प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
कारोबार और नेटवर्थ की स्थिति
वित्त वर्ष 2025-26 में जर्मनी के इन डिवीजनों का कुल कारोबार ₹105.29 करोड़ रहा। हालांकि मार्च 2026 तक इनकी नेटवर्थ घटकर निगेटिव ₹322.53 करोड़ हो गई थी।
इसके बावजूद कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड नेटवर्थ ₹5,859 करोड़ रही, जिससे संकेत मिलता है कि यह डिवीजन कंपनी के लिए लगातार बोझ बन चुका था।
मार्च तिमाही में कमजोर रहे नतीजे
ग्रेफाइट इंडिया के लिए वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही भी निराशाजनक रही।
- शुद्ध मुनाफा ₹29 करोड़ से घटकर ₹16 करोड़ रह गया।
- ऑपरेटिंग स्तर पर कंपनी ₹62 करोड़ के मुनाफे से ₹10 करोड़ के घाटे में पहुंच गई।
- कुल राजस्व (Revenue) में लगभग 12% की गिरावट दर्ज हुई और यह ₹720 करोड़ रहा।
हालांकि कंपनी ने निवेशकों को राहत देते हुए ₹2 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹11 प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा की थी।
एक साल में कैसी रही शेयर की चाल?
पिछले एक वर्ष में Graphite India के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
- 29 अगस्त 2025: 52 सप्ताह का निचला स्तर ₹506
- 15 मई 2026: 52 सप्ताह का उच्च स्तर ₹802.20
यानी निचले स्तर से शेयर ने करीब 58.5% की तेजी दिखाई थी, लेकिन हालिया कारोबारी फैसलों और कमजोर प्रदर्शन के कारण अब इसमें फिर दबाव देखने को मिल रहा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण यूरोप में औद्योगिक मांग और कारोबारी माहौल पर लगातार असर पड़ रहा है। Graphite India का जर्मनी में कारोबार बंद करने का फैसला अल्पकाल में निवेशकों की चिंता बढ़ा सकता है। हालांकि, यदि कंपनी घाटे वाले कारोबार से बाहर निकलकर अपने मुख्य व्यवसाय पर फोकस करती है, तो लंबे समय में इसका सकारात्मक असर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को कंपनी के आगामी तिमाही नतीजों और प्रबंधन की रणनीति पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


