ITR Filing 2026: वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है। इस बीच आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स के लिए एक महत्वपूर्ण एडवायजरी जारी करते हुए आगाह किया है कि रिटर्न दाखिल करते समय छोटी-सी गलती भी रिफंड में देरी, नोटिस या जुर्माने की वजह बन सकती है। विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 10 जरूरी सुझाव साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर टैक्सपेयर्स आसानी से सही तरीके से ITR फाइल कर सकते हैं।
Highlights
- सही टैक्स रिजीम और ITR फॉर्म का चुनाव करना बेहद जरूरी।
- AIS, Form 26AS और सभी दस्तावेजों का मिलान करने की सलाह।
- अंतिम तारीख का इंतजार न करें, समय पर ई-वेरिफिकेशन भी पूरा करें।
- गलत जानकारी देने पर नोटिस, जुर्माना और रिफंड अटकने का खतरा।
ITR फाइल करने से पहले इन 10 बातों का रखें विशेष ध्यान
1. सही Tax Regime का करें चुनाव
ITR भरने से पहले यह तय करें कि आपके लिए नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) बेहतर है या पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime)। दोनों विकल्पों में मिलने वाली टैक्स छूट और देनदारी की तुलना करें और वही विकल्प चुनें, जिससे आपका टैक्स कम बने।
2. सही ITR Form चुनना है सबसे जरूरी
आयकर विभाग अलग-अलग प्रकार के टैक्सपेयर्स के लिए अलग-अलग ITR फॉर्म जारी करता है। आपकी आय का स्रोत, कुल आय और टैक्सपेयर की श्रेणी के अनुसार सही फॉर्म चुनना जरूरी है। गलत फॉर्म भरने पर आपका रिटर्न डिफेक्टिव घोषित किया जा सकता है।
3. AIS और Form 26AS का मिलान करें
रिटर्न दाखिल करने से पहले Annual Information Statement (AIS) और Form 26AS डाउनलोड करके जांच लें। इसमें आपकी आय, TDS और अन्य टैक्स संबंधी जानकारी दर्ज होती है। यदि कोई अंतर दिखाई दे तो पहले उसे ठीक करवाएं।
4. सभी जरूरी दस्तावेज पहले से रखें तैयार
ITR भरने से पहले निम्न दस्तावेज अपने पास रखें—
- Form 16
- बैंक स्टेटमेंट
- ब्याज प्रमाणपत्र (Interest Certificate)
- टैक्स बचत निवेश के प्रमाण
- अन्य आय से जुड़े दस्तावेज
अधूरे दस्तावेजों के साथ रिटर्न भरने से गलतियां होने की संभावना बढ़ जाती है।
5. Pre-filled जानकारी को भी जरूर जांचें
ITR पोर्टल पर कई जानकारियां पहले से भरी होती हैं, लेकिन उन पर पूरी तरह निर्भर न रहें। अपना नाम, PAN, Aadhaar, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अच्छी तरह जांच लें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपका PAN और Aadhaar लिंक हो।
6. टैक्स छूट का दावा सही जानकारी के साथ करें
यदि आपने पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनी है और विभिन्न धाराओं के तहत टैक्स छूट का दावा कर रहे हैं, तो निवेश की सही राशि ही दर्ज करें। गलत जानकारी देने से नोटिस आ सकता है या रिफंड रुक सकता है।
7. ज्यादा रिफंड के लिए गलत जानकारी देने से बचें
कमाई छिपाना या फर्जी टैक्स छूट दिखाना कानूनन अपराध है। आयकर विभाग अब डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए ऐसी गड़बड़ियों को आसानी से पकड़ सकता है। गलत जानकारी मिलने पर नोटिस और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
8. अंतिम तारीख का इंतजार न करें
आखिरी समय में वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ने या तकनीकी दिक्कतों की संभावना रहती है। समय रहते ITR दाखिल करने से यदि कोई गलती रह जाए तो उसे सुधारने का भी मौका मिलता है।
9. लेट फीस और ब्याज से बचें
समय सीमा के बाद ITR दाखिल करने पर लेट फीस, टैक्स पर ब्याज और कई टैक्स लाभों से वंचित होने का जोखिम रहता है। इसलिए तय समय के भीतर ही रिटर्न दाखिल करें।
10. ITR फाइल करने के बाद e-Verification जरूर करें
सिर्फ ITR जमा करना पर्याप्त नहीं है। निर्धारित समय के भीतर उसका e-Verification करना अनिवार्य है। यदि ई-वेरिफिकेशन नहीं किया गया तो आयकर विभाग आपके रिटर्न को वैध नहीं मानेगा और प्रक्रिया अधूरी रह जाएगी।
छोटी गलती भी पड़ सकती है भारी
आयकर विभाग का कहना है कि टैक्सपेयर्स जल्दबाजी में रिटर्न दाखिल करने के बजाय सभी जानकारियों और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें। सही टैक्स रिजीम, सही ITR फॉर्म, आय और TDS का मिलान तथा समय पर ई-वेरिफिकेशन करने से नोटिस, जुर्माने और रिफंड में देरी जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। यदि किसी बिंदु पर भ्रम हो तो टैक्स विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही रिटर्न दाखिल करना बेहतर रहेगा।


