भारत में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। E20 पेट्रोल को देशभर में लागू करने के बाद अब E25 पेट्रोल की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि इस बीच लग्जरी कार निर्माता मर्सिडीज बेंज इंडिया ने सरकार से अपील की है कि अगले चरण को लागू करने में जल्दबाजी न की जाए और इसके लिए स्पष्ट एवं चरणबद्ध रोडमैप तैयार किया जाए।
सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई लोग दावा कर रहे हैं कि इससे गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है और इंजन पर भी असर पड़ रहा है। हालांकि सरकार और वाहन निर्माता कंपनियां इसे सुरक्षित और मानकों के अनुरूप बता रही हैं।
मर्सिडीज बेंज ने क्या कहा?
मर्सिडीज बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ संतोष अय्यर ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन कार्यक्रम के अगले चरण में सरकार को सोच-समझकर आगे बढ़ना चाहिए। उनके मुताबिक ऑटोमोबाइल कंपनियों को नई तकनीक विकसित करने और वाहनों को नए ईंधन के अनुरूप तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिलना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क पर पहले से चल रहे लाखों पुराने वाहनों के हितों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि E25 लागू किया जाता है तो पुराने वाहन मालिकों के लिए भी उपयुक्त ईंधन विकल्प उपलब्ध रहने चाहिए।
नई मर्सिडीज कारें E20 और E25 के लिए तैयार
संतोष अय्यर के अनुसार कंपनी के सभी नए मॉडल पहले से ही E20 पेट्रोल के अनुकूल हैं। वहीं नई एस-क्लास हाइब्रिड जैसी कुछ प्रीमियम कारें E25 पेट्रोल पर भी चल सकती हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि पेट्रोल पंपों पर अलग-अलग ग्रेड के ईंधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि ग्राहक अपनी गाड़ी के अनुसार सही विकल्प चुन सकें।
E25 पेट्रोल की टेस्टिंग शुरू
सरकार ने E25 पेट्रोल को लेकर परीक्षण प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस दिशा में ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) लगभग 1.5 लाख किलोमीटर का परीक्षण करेगी। इसके बाद रिपोर्ट की समीक्षा ICAT द्वारा की जाएगी। परीक्षण के नतीजों के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।
E20 पेट्रोल पर क्या है कंपनी का अनुभव?
मर्सिडीज बेंज का कहना है कि अब तक उनकी कारों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कोई तकनीकी समस्या सामने नहीं आई है। हालांकि ग्राहकों की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में ईंधन की गुणवत्ता को लेकर कुछ चिंताएं जरूर सामने आई हैं।
सिर्फ इथेनॉल नहीं, EV इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर
ऑटो उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने E20 लागू करने की प्रक्रिया काफी तेज गति से पूरी की है। ऐसे में सरकार को इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी समान प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि भविष्य की परिवहन व्यवस्था संतुलित तरीके से विकसित हो सके।
सरकार का लक्ष्य
भारत ने पहले वर्ष 2030 तक पूरे देश में E20 पेट्रोल लागू करने का लक्ष्य रखा था। बाद में इसे घटाकर 2025 कर दिया गया और यह लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर लिया गया। अब सरकार E25 की दिशा में अगला कदम बढ़ा रही है, लेकिन उद्योग जगत चाहता है कि यह बदलाव स्पष्ट योजना और सभी हितधारकों की तैयारी के साथ लागू किया जाए।


