Noida Airport Real Estate Boom: उत्तर प्रदेश के जेवर में विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब सिर्फ एक एयरपोर्ट परियोजना नहीं रह गया है, बल्कि इसे पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की विकास यात्रा का नया इंजन माना जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की बदौलत नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास रियल एस्टेट बाजार में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह इलाका देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट और औद्योगिक हब के रूप में उभर सकता है।
एयरपोर्ट से बदलेगी पूरे क्षेत्र की विकास कहानी
रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी CBRE की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट केवल हवाई यात्रा तक सीमित नहीं रहते। इनके आसपास उद्योग, वेयरहाउस, होटल, कमर्शियल स्पेस, आवासीय प्रोजेक्ट और रोजगार के नए अवसर तेजी से विकसित होते हैं। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी इसी मॉडल पर आगे बढ़ रहा है।
पहले चरण में एयरपोर्ट की क्षमता हर साल 1.2 करोड़ यात्रियों (12 MPPA) को संभालने की होगी। इसके साथ एक रनवे, करीब 11 लाख वर्ग फुट का आधुनिक टर्मिनल और 2.5 लाख मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाला कार्गो टर्मिनल विकसित किया जा रहा है।
लंबी अवधि की योजना के तहत वर्ष 2040-2050 तक इसे 5 से 6 रनवे वाले एरोट्रोपोलिस के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, जिसकी कुल क्षमता 7 से 12 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक पहुंच सकती है।
बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी सबसे बड़ी ताकत
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कई बड़े सड़क और रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिससे पूरे NCR को सीधा लाभ मिलेगा।
- जेवर-फरीदाबाद एक्सप्रेसवे एयरपोर्ट को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा।
- पलवल-नोएडा एयरपोर्ट रेल लिंक यात्रियों और कर्मचारियों के लिए तेज और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराएगी।
- गाजियाबाद-जेवर RRTS कॉरिडोर बनने के बाद गाजियाबाद से एयरपोर्ट तक यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के बीच कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।
रियल एस्टेट बाजार में पहले से दिख रहा असर
एयरपोर्ट परियोजना का असर अब रियल एस्टेट बाजार में साफ दिखाई देने लगा है।
- वर्ष 2021 में ग्रेटर नोएडा में लगभग 2,900 आवासीय यूनिट लॉन्च हुई थीं।
- वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 15,200 से अधिक पहुंच गई।
- इसी अवधि में 17,800 से ज्यादा घरों की बिक्री दर्ज की गई, जो इस क्षेत्र में वास्तविक खरीदारों और निवेशकों दोनों की मजबूत मांग को दर्शाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती वर्षों में प्लॉटेड डेवलपमेंट सबसे अधिक लोकप्रिय रहेगा, जबकि भविष्य में आधुनिक टाउनशिप और बेहतर सामाजिक सुविधाओं के साथ आवासीय परियोजनाओं की मांग और तेज होगी।
वेयरहाउस और उद्योगों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
एयरपोर्ट के संचालन से सबसे पहले लाभ लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर को मिलने की उम्मीद है।
YEIDA मास्टर प्लान के तहत सेक्टर 8F में आधुनिक लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा—
- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क
- मेडिकल डिवाइस पार्क
- MSME क्लस्टर
- बड़े औद्योगिक क्षेत्र
- कोरियाई और जापानी इंडस्ट्रियल टाउनशिप
जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगी।
होटल और रिटेल कारोबार को भी मिलेगा बूस्ट
एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों और बिजनेस ट्रैवलर्स की संख्या बढ़ने से होटल उद्योग को सीधा फायदा मिलने की संभावना है। इसके साथ ही हाईवे आधारित रिटेल, मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट और टाउनशिप आधारित शॉपिंग सेंटरों का भी तेजी से विस्तार हो सकता है।
भविष्य में बढ़ेगी ऑफिस स्पेस की मांग
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे आबादी, रोजगार और परिवहन नेटवर्क मजबूत होगा, वैसे-वैसे बड़ी कंपनियां भी यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर कॉरिडोर में अपने कार्यालय स्थापित करना शुरू करेंगी।
फिलहाल इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम भूमि लागत डेवलपर्स और निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण बनी हुई है, जिससे आने वाले वर्षों में कमर्शियल रियल एस्टेट को भी नई गति मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट का प्रभाव केवल कुछ वर्षों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले कई दशकों तक इस पूरे क्षेत्र की विकास गति को नई दिशा देगा। बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश, रोजगार के अवसर और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का संयुक्त असर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल कर सकता है।
अब सवाल यह नहीं है कि जेवर कॉरिडोर विकसित होगा या नहीं, बल्कि यह है कि निवेशक, डेवलपर और घर खरीदने वाले इस विकास यात्रा में किस समय शामिल होना चाहते हैं।


