चार दिनों की लगातार तेजी के बाद सोमवार को शेयर बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि बाजार की व्यापक तस्वीर अभी भी सकारात्मक बनी हुई है। तकनीकी संकेतकों के अनुसार, जब तक निफ्टी 24,500 के ऊपर मजबूती से नहीं निकलता, तब तक बाजार में सीमित दायरे (कंसोलिडेशन) में कारोबार जारी रह सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ सत्रों में निवेशकों की नजर कंपनियों के जून तिमाही नतीजों पर रहेगी। ऐसे में स्टॉक-विशिष्ट गतिविधियां तेज रह सकती हैं, जबकि प्रमुख इंडेक्स सीमित दायरे में कारोबार कर सकते हैं।
निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,300-24,200 का दायरा तत्काल सपोर्ट जोन है। यदि यह स्तर टूटता है तो 24,000 अगला मजबूत सपोर्ट माना जाएगा।
वहीं ऊपर की ओर 24,500-24,600 का क्षेत्र मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में सामने आ सकता है। जब तक निफ्टी 24,500 के ऊपर टिकाऊ बढ़त दर्ज नहीं करता, तब तक बाजार में कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना बनी रहेगी।
पिवट पॉइंट्स के आधार पर निफ्टी
सपोर्ट
- S1: 24,357
- S2: 24,314
- S3: 24,244
रेजिस्टेंस
- R1: 24,496
- R2: 24,539
- R3: 24,608
तकनीकी संकेत क्या बता रहे हैं?
डेली चार्ट पर निफ्टी ने ऊपर और नीचे दोनों तरफ शैडो वाली बेयरिश कैंडल बनाई है, जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस का संकेत देती है। हालांकि इंडेक्स अभी भी अधिकांश महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है।
- RSI 63.02 पर है, जो मजबूत मोमेंटम दर्शाता है।
- MACD का हरा हिस्टोग्राम लगातार चौथे दिन बढ़ा है।
- MACD अभी भी सिग्नल लाइन और जीरो लाइन के ऊपर बना हुआ है।
- 10-दिन का EMA, 100-दिन के EMA के ऊपर पहुंच चुका है।
इन संकेतों से स्पष्ट है कि फिलहाल तेजी का बड़ा ट्रेंड कायम है, भले ही बाजार कुछ समय के लिए सीमित दायरे में कारोबार करे।
बैंक निफ्टी का टेक्निकल सेटअप
बैंक निफ्टी में सोमवार को करीब 91 अंकों की गिरावट आई और इंडेक्स ने रेड कैंडल बनाई। इसके बावजूद बैंकिंग इंडेक्स का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी मजबूत बना हुआ है।
पिवट पॉइंट्स के आधार पर
रेजिस्टेंस
- 58,477
- 58,588
- 58,768
सपोर्ट
- 58,117
- 58,006
- 57,826
फाइबोनैचि स्तर
रेजिस्टेंस
- 59,195
- 61,678
सपोर्ट
- 57,332
- 56,465
तकनीकी रूप से बैंक निफ्टी सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है। RSI 63.45 पर बना हुआ है, जबकि MACD में 22 मई के बाद पहली बार बेयरिश क्रॉसओवर देखने को मिला है। इससे संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में थोड़ी कमजोरी आ सकती है, लेकिन लंबी अवधि का बुलिश ट्रेंड अभी बरकरार है।
FII और DII की गतिविधि
7 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी और करीब 393 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 383 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
इंडिया VIX क्या संकेत दे रहा है?
बाजार में उतार-चढ़ाव का पैमाना माने जाने वाला India VIX 1.44 फीसदी गिरकर 11.65 पर बंद हुआ, जो 11 फरवरी के बाद का सबसे निचला स्तर है।
कम VIX यह संकेत देता है कि फिलहाल बाजार में घबराहट कम है और निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक VIX का 10-12 के दायरे में बने रहना बाजार के लिए सकारात्मक माना जाएगा।
पुट-कॉल रेशियो (PCR)
निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो (PCR) पिछले कारोबारी सत्र के 1.38 से घटकर 1.08 पर आ गया।
आमतौर पर 1 या उससे ऊपर का PCR बाजार में सकारात्मक धारणा का संकेत देता है, जबकि 0.7 से नीचे जाने पर कमजोरी की आशंका बढ़ती है। मौजूदा स्तर अभी भी बाजार में बुलिश सेंटीमेंट की ओर इशारा कर रहा है।
F&O बैन लिस्ट
7 जुलाई तक किसी भी स्टॉक पर F&O प्रतिबंध लागू नहीं है।
- नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
- पहले से प्रतिबंधित स्टॉक: कोई नहीं
- प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
निष्कर्ष
तकनीकी संकेतकों के अनुसार भारतीय शेयर बाजार की दीर्घकालिक तस्वीर अभी भी सकारात्मक बनी हुई है। हालांकि निफ्टी के 24,500 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट मिलने तक बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखनी चाहिए तथा तिमाही नतीजों के आधार पर स्टॉक-विशिष्ट रणनीति अपनानी चाहिए।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


