भारतीय शेयर बाजार में आज कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। ग्लोबल बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत, अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल में उछाल और डॉलर की मजबूती निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। GIFT निफ्टी भी गैप-डाउन ओपनिंग की ओर इशारा कर रहा है। ऐसे में आज इंट्राडे ट्रेडिंग या नया निवेश करने से पहले बाजार को प्रभावित करने वाले इन प्रमुख फैक्टर्स पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
GIFT निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत का संकेत
बुधवार सुबह GIFT निफ्टी करीब 24,251.50 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो घरेलू शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत का संकेत है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक शुरुआती कारोबार में सतर्क रह सकते हैं।
पिछले कारोबारी सत्र में कैसी रही बाजार की चाल?
7 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत जरूर की, लेकिन दिन के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली हावी हो गई। लगातार चार दिनों की तेजी के बाद बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
- सेंसेक्स 104.35 अंक (0.13%) गिरकर 78,180.72 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 31.65 अंक (0.13%) टूटकर 24,398.70 पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
आज एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिल रहा है।
- निक्केई: 0.43% की गिरावट
- कोस्पी: करीब 2% कमजोर
- ताइवान: 0.35% नीचे
- शंघाई कंपोजिट: 0.09% गिरावट
- हैंगसेंग: 1.44% की तेजी
- स्ट्रेट्स टाइम्स: 0.65% की बढ़त
इससे साफ है कि निवेशकों का रुख अभी भी सतर्क बना हुआ है।
अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों पर दबाव
वॉल स्ट्रीट में AI सेक्टर से जुड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। माइक्रोन टेक्नोलॉजी सहित कई चिप कंपनियों के शेयरों में कमजोरी रही, जिससे नैस्डैक पर सबसे ज्यादा दबाव दिखा।
- S&P 500: 0.45% गिरावट
- Nasdaq: 1.16% फिसला
- Dow Jones: 0.25% कमजोर
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता
अमेरिका द्वारा ईरान में नए हवाई हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में जोखिम की भावना बढ़ा दी है। इसका सीधा असर ऊर्जा बाजार और निवेशकों के सेंटीमेंट पर दिखाई दे रहा है।
डॉलर इंडेक्स मजबूत
डॉलर इंडेक्स इस सप्ताह के उच्च स्तर के करीब 101.13 पर बना हुआ है। सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से डॉलर को मजबूती मिल रही है, जिसका असर उभरते बाजारों की करेंसी पर भी दिखाई दे रहा है।
बॉन्ड यील्ड स्थिर
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं है।
- 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड: 4.55%
- 2 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड: 4.18%
एशियाई करेंसी पर दबाव
डॉलर की मजबूती के कारण अधिकांश एशियाई मुद्राओं में कमजोरी देखने को मिली।
- मलेशियन रिंगित सबसे ज्यादा कमजोर
- फिलीपीन पेसो, जापानी येन और थाई बहत में भी गिरावट
- इंडोनेशियाई रुपिया में हल्की मजबूती दर्ज की गई
कच्चे तेल में तेज उछाल
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड करीब 2% चढ़कर 76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और बाजार दोनों पर दबाव बढ़ा सकती हैं।
सोना और चांदी
भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोने में सीमित तेजी देखने को मिली।
- कॉमेक्स गोल्ड: 0.08% की बढ़त
- चांदी: 0.16% मजबूत
FII और DII का रुख
7 जुलाई को विदेशी निवेशकों ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भारतीय बाजार में खरीदारी जारी रखी।
- FII: 393 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी
- DII: 383 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली
विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से कुछ दबाव बना रह सकता है।
आज निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
- GIFT निफ्टी की शुरुआती चाल
- अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी नई खबरें
- कच्चे तेल और डॉलर इंडेक्स की दिशा
- वैश्विक बाजारों का रुख
- विदेशी निवेशकों की गतिविधियां
- दिनभर होने वाली मुनाफावसूली और सेक्टर आधारित मूवमेंट
अगर वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो भारतीय बाजार में शुरुआती दबाव देखने को मिल सकता है। हालांकि विदेशी निवेशकों की खरीदारी बाजार को कुछ सहारा दे सकती है।


