भारत के एडटेक सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने upGrad Education द्वारा Sorting Hat Technologies (Unacademy की पैरेंट कंपनी) में हिस्सेदारी खरीदने और उसके बाद दोनों कंपनियों के विलय (Merger) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ लंबे समय से चर्चा में चल रही यह डील अब आधिकारिक रूप से आगे बढ़ सकेगी।
दिलचस्प बात यह है कि यह अधिग्रहण Unacademy की 2021 की रिकॉर्ड वैल्यूएशन के मुकाबले बेहद कम कीमत पर हो रहा है। माना जा रहा है कि कंपनी की वैल्यूएशन अपने पीक से 90% से अधिक गिर चुकी है, जो एडटेक इंडस्ट्री में आए बड़े बदलाव को दर्शाती है।
Highlights
- CCI ने upGrad और Unacademy के मर्जर को मंजूरी दी।
- upGrad, Sorting Hat Technologies में हिस्सेदारी खरीदेगी।
- बाद में Sorting Hat Technologies का upGrad में विलय किया जाएगा।
- Unacademy की वैल्यूएशन 2021 के मुकाबले 90% से अधिक कम होने की संभावना।
- डील पूरी तरह 100% शेयर-स्वैप (Stock Swap) के जरिए होगी।
CCI ने दी मर्जर को हरी झंडी
CCI के बयान के अनुसार, प्रस्तावित ट्रांजैक्शन के तहत upGrad Education पहले Sorting Hat Technologies में हिस्सेदारी खरीदेगी। इसके बाद कंपनी का विलय upGrad में कर दिया जाएगा।
करीब चार महीने पहले Unacademy के सह-संस्थापक और CEO गौरव मुंजाल ने बताया था कि दोनों कंपनियों ने 100% शेयर-स्वैप डील के जरिए अधिग्रहण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। अब CCI की मंजूरी मिलने के बाद इस डील को नियामकीय स्तर पर बड़ी राहत मिल गई है।
क्या करती हैं दोनों कंपनियां?
upGrad Education का मुख्य फोकस उच्च शिक्षा, प्रोफेशनल स्किल डेवलपमेंट और अपस्किलिंग प्रोग्राम्स पर है। कंपनी औपचारिक (Formal) और गैर-औपचारिक (Non-formal) शिक्षा दोनों क्षेत्रों में सक्रिय है।
वहीं Sorting Hat Technologies की प्रमुख पहचान उसके ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म Unacademy से है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस टेस्ट और सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले भारत के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म्स में शामिल रहा है।
महामारी के दौरान मिली थी जबरदस्त ग्रोथ
2015 में शुरू हुई Unacademy को कोविड-19 महामारी के दौरान जबरदस्त फायदा मिला था। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के बंद होने के कारण ऑनलाइन शिक्षा की मांग तेजी से बढ़ी और कंपनी ने रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की।
इसी दौर में कंपनी ने बड़ी फंडिंग जुटाई और 2021 में इसकी वैल्यूएशन लगभग 3.4 अरब डॉलर (3.4 Billion Dollar) तक पहुंच गई थी। हालांकि महामारी के बाद ऑनलाइन शिक्षा की रफ्तार धीमी पड़ने और निवेशकों की रणनीति बदलने से पूरे एडटेक सेक्टर में वैल्यूएशन में भारी गिरावट देखने को मिली।
अब कितनी हो सकती है Unacademy की वैल्यूएशन?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरी तरह स्टॉक-आधारित इस डील में Unacademy की वैल्यूएशन करीब ₹2,055 करोड़ रहने की संभावना है। यह 2021 की वैल्यूएशन की तुलना में 90% से अधिक की गिरावट को दर्शाता है।
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में upGrad ने कंपनी के लिए 300-400 मिलियन डॉलर की वैल्यूएशन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन जनवरी 2026 में दोनों पक्षों के बीच बातचीत सफल नहीं हो पाई थी। बाद में संशोधित शर्तों के साथ शेयर-स्वैप डील पर सहमति बनी।
एडटेक सेक्टर के लिए क्या मायने हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विलय भारत के एडटेक उद्योग में कंसोलिडेशन (Consolidation) की दिशा में बड़ा कदम है। महामारी के दौरान तेज़ी से विस्तार करने वाली कंपनियां अब लाभप्रदता (Profitability), लागत नियंत्रण और टिकाऊ बिजनेस मॉडल पर अधिक ध्यान दे रही हैं। ऐसे में बड़े खिलाड़ियों के बीच मर्जर और अधिग्रहण की गतिविधियां आगे भी बढ़ सकती हैं।
मालाबार समूह के विलय को भी मिली मंजूरी
CCI ने इसी बैठक में Malabar Group की 51 कंपनियों के Malabar Gold & Diamonds Limited में विलय को भी मंजूरी दी। यह कंपनी सोने, हीरे, चांदी और अन्य आभूषणों के निर्माण, व्यापार और वितरण के क्षेत्र में देश की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।


