HNIs का बदल रहा निवेश का तरीका, SIF स्कीमों में बढ़ी दिलचस्पी
नई दिल्ली: हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) यानी अमीर निवेशकों के निवेश करने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बेहतर रिटर्न के साथ टैक्स बचाने की रणनीति के तहत अब वे पारंपरिक निवेश विकल्पों के बजाय स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIF) और कुछ खास म्यूचुअल फंड स्कीमों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
ये फंड्स डेट इंस्ट्रूमेंट्स, इक्विटी आर्बिट्राज, REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट), InvITs (इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) और अन्य वैकल्पिक एसेट्स को एक साथ मिलाकर ऐसा पोर्टफोलियो तैयार करते हैं, जिसका उद्देश्य बेहतर रिटर्न के साथ जोखिम और टैक्स का बोझ कम करना होता है।
कैसे काम करता है SIF मॉडल?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, SIF का उद्देश्य केवल शेयर बाजार पर निर्भर रहना नहीं है। इसके बजाय यह अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश कर पोर्टफोलियो को संतुलित बनाता है।
उदाहरण के तौर पर यूनिफाई डायनेमिक असेट एलोकेशन फंड (UDAAF) अपने निवेश को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटता है—
- करीब एक-तिहाई निवेश इक्विटी आर्बिट्राज में
- एक-तिहाई उच्च रेटिंग वाले डेट पेपर्स में
- एक-तिहाई क्रेडिट इंस्ट्रूमेंट्स में
यह फंड सीधे शेयर बाजार का जोखिम लेने के बजाय बायबैक, ओपन ऑफर और IPO जैसे कॉर्पोरेट अवसरों का फायदा उठाकर अतिरिक्त रिटर्न कमाने की कोशिश करता है।
एक साल में कैसा रहा प्रदर्शन?
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक वर्ष में UDAAF ने 8.05% का रिटर्न दिया। तुलना करें तो इसी श्रेणी के फंड्स का औसत रिटर्न 2.24% रहा, जबकि CRISIL Hybrid Index ने केवल 1.28% का रिटर्न दिया।
बेहतर प्रदर्शन की वजह से इस तरह की रणनीतियों में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
नए SIF प्रोडक्ट्स भी हो रहे लोकप्रिय
जून में लॉन्च हुए RedHex Hybrid Long Short Fund (RHLSF) ने भी विविध निवेश रणनीति अपनाई है। इसके पोर्टफोलियो में शामिल हैं—
- 25-35% इक्विटी आर्बिट्राज
- 10% तक REITs
- 15% तक InvITs
- 15-25% हाई-यील्ड NCDs
- 10-15% लिक्विड फिक्स्ड इनकम
- 5-15% रिटेल लोन सिक्योरिटाइजेशन
इस तरह का विविध निवेश पोर्टफोलियो जोखिम को संतुलित रखते हुए बेहतर रिटर्न हासिल करने की कोशिश करता है।
छोटे फंड हाउस भी तैयारी में
SIF आधारित प्रोडक्ट्स को निवेशकों से मिल रहे सकारात्मक रिस्पॉन्स के बाद अब कई छोटे एसेट मैनेजमेंट कंपनियां भी इस सेगमेंट में नई स्कीम लॉन्च करने की योजना बना रही हैं। इससे आने वाले समय में निवेशकों के पास अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
विशेषज्ञों का मानना है कि SIF उन निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है जो पारंपरिक निवेश से आगे बढ़कर बेहतर जोखिम-समायोजित रिटर्न और टैक्स दक्षता चाहते हैं। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले फंड की रणनीति, जोखिम, लागत और अपनी वित्तीय जरूरतों का आकलन करना जरूरी है। SIF अभी अपेक्षाकृत नया निवेश विकल्प है, इसलिए निवेशकों को पूरी जानकारी लेकर ही फैसला करना चाहिए।


