Asian Market Today: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली के कारण बुधवार, 8 जुलाई को एशियाई शेयर बाजारों की शुरुआत कमजोर रही। जापान से लेकर दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया तक प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। वहीं, तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
एशियाई बाजारों में रही दबाव वाली शुरुआत
बुधवार को जापान का निक्केई 225 शुरुआती कारोबार में 0.55% गिर गया, जबकि व्यापक टॉपिक्स इंडेक्स में 0.70% की कमजोरी दर्ज की गई।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.72% नीचे खुला, जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक में 1.94% की बड़ी गिरावट देखने को मिली। ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख S&P/ASX 200 भी शुरुआती कारोबार में 1.36% तक फिसल गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा वैश्विक जोखिमों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया है।
टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली
पूरे एशिया में टेक सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 6% से अधिक टूट गए, जबकि कंपनी ने AI मेमोरी चिप्स की मजबूत मांग के दम पर बाजार अनुमान से बेहतर तिमाही मुनाफा दर्ज किया।
वहीं, SK Hynix के शेयर भी करीब 4.2% गिर गए। कंपनी की अमेरिकी लिस्टिंग प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
विश्लेषकों का कहना है कि AI सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, ऊंचे वैल्यूएशन और भारी पूंजीगत खर्च को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ रही हैं।
अमेरिकी फ्यूचर्स भी दबाव में
एशियाई कारोबार के दौरान अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स भी कमजोर दिखाई दिए। Nasdaq 100 Futures लगभग 0.4% फिसल गए, जिससे संकेत मिला कि वॉल स्ट्रीट की हालिया तेजी फिलहाल कमजोर पड़ सकती है।
निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पिछली मौद्रिक नीति बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
कच्चे तेल में आई तेजी
कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 0.4% बढ़कर 72.25 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर के टकराने की खबर के बाद वैश्विक शिपिंग मार्गों को लेकर नई चिंताएं पैदा हुईं। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है, इसलिए किसी भी तनाव का असर सीधे तेल की कीमतों पर पड़ता है।
जापानी येन पर भी दबाव
जापानी करेंसी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर लगभग 162.15 के स्तर पर पहुंच गई।
बाजार आंकड़ों के अनुसार, हेज फंड्स 2007 के बाद पहली बार येन पर सबसे अधिक बेयरिश पोजिशन में हैं। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों को फिलहाल जापानी मुद्रा में मजबूती की उम्मीद कम है।
बॉन्ड मार्केट पर भी नजर
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में सोमवार की तेजी के बाद ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया।
वहीं, जापान में 30 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की नीलामी से पहले बॉन्ड फ्यूचर्स में हल्की मजबूती दर्ज की गई। निवेशकों की नजर इस नीलामी में मिलने वाली मांग पर बनी हुई है।
अमेरिकी शेयर बाजार का हाल
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी दबाव में बंद हुए। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया।
- S&P 500 करीब 0.45% गिरकर 7,503.85 अंक पर बंद हुआ।
- Nasdaq Composite 1.16% टूटकर 25,818.69 अंक पर आ गया।
- Dow Jones Industrial Average 0.25% की गिरावट के साथ 52,925.15 अंक पर बंद हुआ।
हालांकि कारोबार के दौरान डॉव जोन्स ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ था, लेकिन अंत में बाजार बिकवाली के दबाव में लाल निशान में बंद हुआ।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
फिलहाल वैश्विक बाजारों की दिशा तीन प्रमुख कारकों पर निर्भर करती दिख रही है—
- अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
- AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर आगे की रणनीति
यदि तनाव और बढ़ता है तो इक्विटी बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, जबकि सुरक्षित निवेश विकल्पों और कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


