नई दिल्ली: ऑनलाइन फर्नीचर और होम अप्लायंसेज रेंटल प्लेटफॉर्म Rentomojo को अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) से मंजूरी मिल गई है। हालांकि, कंपनी की लिस्टिंग की राह अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। पूर्व सह-संस्थापक (Co-founder) और पूर्व COO अजय नैन द्वारा नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में दायर याचिका इस आईपीओ के सामने बड़ी कानूनी चुनौती बनकर खड़ी है।
₹150 करोड़ के नए शेयर जारी करेगी कंपनी
आईपीओ के ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, Rentomojo ₹150 करोड़ के नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। इसके अलावा, मौजूदा निवेशक और प्रमोटर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 2.84 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे।
हालांकि, यदि कंपनी ₹30 करोड़ तक का प्री-IPO प्लेसमेंट करती है, तो नए शेयरों के इश्यू का आकार उसी अनुपात में कम किया जा सकता है।
NCLT में क्या है पूरा मामला?
Rentomojo के पूर्व को-फाउंडर और पूर्व COO अजय नैन ने NCLT की बेंगलुरु बेंच में याचिका दायर कर आईपीओ प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।
याचिका में उनका आरोप है कि वर्ष 2023 में उन्हें कथित रूप से गुमराह कर उनकी 9.41% हिस्सेदारी बेचने के लिए मजबूर किया गया। अब उन्होंने अपनी हिस्सेदारी वापस दिलाने की मांग की है।
ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, कंपनी ने इस मामले में कैविएट दायर की है ताकि उसकी बात सुने बिना कोई अंतरिम आदेश पारित न किया जाए। फिलहाल इस मामले की सुनवाई होना बाकी है, इसलिए आईपीओ की आगे की प्रक्रिया पर इसका असर पड़ सकता है।
जुटाई गई रकम का कहां होगा इस्तेमाल?
आईपीओ से जुटाई गई राशि में से:
- OFS से मिलने वाला पैसा संबंधित शेयर बेचने वाले निवेशकों और प्रमोटरों को जाएगा।
- नए शेयर जारी कर जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल कंपनी:
- कर्ज कम करने,
- वेयरहाउस की लाइसेंस फीस और लीज रेंटल के भुगतान,
- कारोबार के विस्तार,
- और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने में करेगी।
देश का बड़ा ऑनलाइन रेंटल प्लेटफॉर्म
DRHP के मुताबिक, Rentomojo फर्नीचर और घरेलू अप्लायंसेज के क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन रेंटल और सब्सक्रिप्शन प्लेटफॉर्म होने का दावा करती है।
वित्त वर्ष 2025 में सब्सक्रिप्शन आधारित आय के आधार पर संगठित फर्नीचर और वॉटर प्योरिफायर को छोड़ अन्य घरेलू अप्लायंसेज के रेंटल बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 42% से 47% के बीच रही।
सितंबर 2025 तक कंपनी:
- 22 शहरों में परिचालन कर रही थी।
- 2,27,511 एक्टिव सब्सक्राइबर थे।
- 21 वेयरहाउस और 67 एक्सपीरियंस स्टोर संचालित कर रही थी।
- ओमनीचैनल प्लेटफॉर्म पर 7,28,773 लाइव प्रोडक्ट्स उपलब्ध थे।
वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत रहा है।
- FY26 की पहली छमाही में:
- ऑपरेशनल रेवेन्यू: ₹176.6 करोड़
- शुद्ध मुनाफा: ₹61.4 करोड़
- FY25 में:
- ऑपरेशनल रेवेन्यू: ₹266 करोड़
- शुद्ध मुनाफा: ₹43.1 करोड़
कंपनी लगातार लाभ में रहने के साथ अपने सब्सक्रिप्शन मॉडल को विस्तार देने पर फोकस कर रही है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी IPO या शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


