Share Market Rally: घरेलू शेयर बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, रुपये की मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार का माहौल सकारात्मक बना दिया। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव बना रहा।
लगातार पांचवें दिन बाजार में तेजी
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी 50 पहली बार फिर 24,500 के स्तर के ऊपर पहुंच गया।
सुबह करीब 11:15 बजे सेंसेक्स 294.47 अंक (0.38%) की बढ़त के साथ 78,579.54 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 78.35 अंक (0.32%) चढ़कर 24,508.70 पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 78,584.87 और निफ्टी 24,514.85 के इंट्राडे हाई तक गया।
हालांकि व्यापक बाजार में कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग आधा फीसदी तक फिसल गए।
बाजार में तेजी की 5 बड़ी वजह
1. कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
बाजार को सबसे बड़ा सहारा कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से मिला। सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने अगस्त महीने के लिए अपने सबसे लोकप्रिय Arab Light Crude का आधिकारिक बिक्री मूल्य प्रति बैरल 11 डॉलर तक घटा दिया, जो पिछले 26 वर्षों की सबसे बड़ी कटौती मानी जा रही है।
तेल सस्ता होने से भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर दिखाई दिया।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख भी बाजार के पक्ष में रहा। सोमवार को एफआईआई ने 243.03 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने 1,355.33 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, विदेशी निवेशकों की खरीदारी अभी बहुत मजबूत नहीं है, लेकिन बिकवाली से खरीदारी की ओर उनका रुख बदलना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
3. रुपये में मजबूती
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का फायदा भारतीय मुद्रा को भी मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे मजबूत होकर 95.28 पर पहुंच गया।
फॉरेक्स विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में सामान्य होते ट्रैफिक से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता घटी है, जिससे रुपये को मजबूती मिली।
4. IT सेक्टर में जोरदार खरीदारी
मंगलवार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2.5% तक चढ़ गया।
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों ने आईटी शेयरों में जमकर खरीदारी की। पिछले दो महीनों में आईटी इंडेक्स करीब 10.5% गिर चुका था, इसलिए वैल्यू बाइंग भी देखने को मिली।
5. मजबूत टेक्निकल संकेत
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, निफ्टी का 24,400 के ऊपर क्लोज होना आगे 24,800 से 25,250 तक की तेजी की संभावना बढ़ाता है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 24,600 के आसपास कुछ मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। उनके अनुसार 24,360 का स्तर फिलहाल महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा।
वहीं चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि निफ्टी ने फरवरी के बाद पहली बार 200-दिवसीय EMA के ऊपर वापसी की है, जो बाजार में तेजी के रुझान का संकेत देता है। उनके मुताबिक, हालिया तेजी के बाद कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन संभव है, लेकिन जब तक निफ्टी 24,300–24,400 के सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहेगा, तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति प्रभावी रह सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार की मौजूदा तेजी को कई सकारात्मक वैश्विक और घरेलू संकेतों का समर्थन मिल रहा है। हालांकि व्यापक बाजार में कमजोरी यह भी दिखाती है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा बड़े शेयरों पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं। ऐसे में आगामी कॉरपोरेट नतीजों और वैश्विक संकेतों पर बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।


