8th Pay Commission Pension Revision: केंद्र सरकार के करीब 65 लाख पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने ऐसी मांगें रखी हैं, जिनके लागू होने पर न्यूनतम पेंशन में 67% तक बढ़ोतरी और 90 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनर्स को आखिरी वेतन का 100% तक पेंशन देने जैसी व्यवस्था लागू हो सकती है। हालांकि फिलहाल ये केवल सुझाव हैं, जिन पर आयोग विचार कर रहा है। अंतिम फैसला केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
8वें वेतन आयोग में पेंशनर्स पर विशेष फोकस

8वें वेतन आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग का दायरा केवल मौजूदा केंद्रीय कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स की पेंशन व्यवस्था की समीक्षा भी इसमें शामिल है।
इसी उद्देश्य से आयोग देशभर में कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और विभिन्न हितधारकों से सुझाव प्राप्त कर रहा है, ताकि नई सिफारिशें तैयार की जा सकें।
किन कर्मचारी संगठनों ने क्या मांग रखी?
1. NC-JCM (National Council for Joint Consultative Machinery)
इस संगठन ने मांग की है कि नई वेतन संरचना के अनुरूप पेंशन का भी पूर्ण पुनर्गठन किया जाए, ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच किसी प्रकार का असंतुलन न रहे।
2. महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन
इस संगठन ने कई अहम सुझाव दिए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली।
- यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में सुधार।
- पेंशन को महंगाई भत्ते (DA/DR) से बेहतर तरीके से जोड़ना।
3. ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF)
AIDEF ने मांग की है कि संशोधित वेतनमान के आधार पर सभी पेंशनर्स के लिए समान और न्यायसंगत पेंशन व्यवस्था लागू की जाए।
पेंशन रिवीजन से जुड़ी 5 सबसे बड़ी मांगें
1. न्यूनतम पेंशन 67% करने की मांग
सबसे बड़ी मांग यह है कि किसी भी पेंशनर की न्यूनतम पेंशन उसके अंतिम प्राप्त वेतन या अंतिम 10 महीनों के औसत वेतन का 67% निर्धारित की जाए।
यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो लाखों पेंशनर्स की मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
2. फिटमेंट फैक्टर और डियरनेस रिलीफ (DR) में बदलाव
कर्मचारी संगठनों ने मांग रखी है कि—
- फिटमेंट फैक्टर को संशोधित किया जाए।
- पेंशन कैलकुलेशन का नया फार्मूला बनाया जाए।
- डियरनेस रिलीफ (DR) को अधिक प्रभावी तरीके से पेंशन लाभों में शामिल किया जाए।
इससे महंगाई के असर को बेहतर तरीके से संतुलित किया जा सकेगा।
3. फैमिली पेंशन और ग्रेच्युटी में सुधार
संगठनों ने सुझाव दिया है कि—
- फैमिली पेंशन का दायरा बढ़ाया जाए।
- ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाई जाए।
- पेंशन कम्यूटेशन (एकमुश्त राशि निकालने) के नियमों को अधिक सरल और लाभकारी बनाया जाए।
4. OPS, NPS और UPS में से चुनने का विकल्प
एक महत्वपूर्ण मांग यह भी है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार—
- पुरानी पेंशन योजना (OPS)
- नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
- यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS)
में से किसी एक विकल्प को चुनने की स्वतंत्रता दी जाए।
5. उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में स्वतः बढ़ोतरी
बढ़ती उम्र के साथ चिकित्सा और जीवन-यापन का खर्च भी बढ़ता है। इसे देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने आयु आधारित अतिरिक्त पेंशन की मांग रखी है।
प्रस्ताव के अनुसार—
| आयु | प्रस्तावित अतिरिक्त लाभ |
|---|---|
| 80 वर्ष के बाद | अतिरिक्त पेंशन शुरू |
| 85 वर्ष के बाद | और अधिक वृद्धि |
| 90 वर्ष से अधिक | आखिरी वेतन का 100% तक पेंशन देने का प्रस्ताव |
हालांकि यह अभी केवल सुझाव है और इस पर अंतिम निर्णय आयोग तथा केंद्र सरकार द्वारा लिया जाएगा।
आयोग का जुलाई कार्यक्रम
देशभर से सुझाव जुटाने के लिए आयोग लगातार विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहा है।
भुवनेश्वर (ओडिशा)
- 6 और 7 जुलाई को हितधारकों के साथ बैठकें।
- रजिस्ट्रेशन 15 जून को बंद हो चुके थे।
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
- 9 और 10 जुलाई को विभिन्न कर्मचारी संगठनों से चर्चा।
मुंबई
आयोग ने मुंबई में सेंट्रल रेलवे ज़ोन के विभिन्न विभागों का दौरा करने की भी इच्छा जताई है ताकि कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अध्ययन किया जा सके।
कब लागू हो सकती हैं 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?
पिछले वेतन आयोगों के अनुभव के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि—
- आयोग अपनी रिपोर्ट 2027 के मध्य (फरवरी से अप्रैल 2027 के आसपास) सौंप सकता है।
- इसके बाद केंद्र सरकार रिपोर्ट की समीक्षा करेगी।
- मंजूरी और अधिसूचना की प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 2 से 3 वर्ष का समय लग सकता है।
ऐसे में यदि सब कुछ सामान्य प्रक्रिया के अनुसार चलता है तो नई वेतन और पेंशन व्यवस्था 2029 या 2030 तक पूरी तरह लागू हो सकती है।
क्या अभी पेंशन बढ़ना तय है?
यह समझना जरूरी है कि फिलहाल 67% न्यूनतम पेंशन, 100% तक आयु आधारित पेंशन, OPS चुनने का विकल्प और अन्य सभी प्रस्ताव केवल कर्मचारी संगठनों द्वारा आयोग को दिए गए सुझाव हैं। आयोग इन पर विचार करेगा और अपनी अंतिम सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजेगा। इसलिए अभी किसी भी पेंशन वृद्धि को अंतिम या स्वीकृत फैसला नहीं माना जाना चाहिए।
निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग से देश के लाखों केंद्रीय पेंशनर्स को बड़ी उम्मीदें हैं। न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, आयु आधारित अतिरिक्त पेंशन, फैमिली पेंशन में सुधार, फिटमेंट फैक्टर संशोधन और OPS-NPS-UPS के विकल्प जैसी मांगें यदि किसी रूप में स्वीकार होती हैं, तो यह पेंशन व्यवस्था में पिछले कई वर्षों का सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। हालांकि फिलहाल सभी प्रस्ताव विचाराधीन हैं और अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट तथा केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा।


