नई दिल्ली: शेयर बाजार में सोमवार की शुरुआत वेदांता ऑयल एंड गैस (Vedanta Oil & Gas) के निवेशकों के लिए निराशाजनक रही। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर में जोरदार बिकवाली देखने को मिली और कुछ ही मिनटों में स्टॉक लगभग 9 प्रतिशत तक टूट गया। पिछले कारोबारी सत्र में 42.79 रुपये पर बंद हुआ यह शेयर सोमवार को 40 रुपये के नीचे फिसल गया और इंट्राडे में 39 रुपये के स्तर से भी नीचे पहुंच गया। खबर लिखे जाने तक शेयर करीब 7.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे दो प्रमुख वजहें रहीं—अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में कमजोरी और पिछले सप्ताह आई तेज तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली (Profit Booking)।
Highlights
- बाजार खुलते ही Vedanta Oil & Gas का शेयर करीब 9% तक टूटा।
- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा असर स्टॉक पर पड़ा।
- पिछले सप्ताह लगभग 20% की तेजी के बाद निवेशकों ने की मुनाफावसूली।
- शुरुआती कारोबार में करीब 6 करोड़ शेयरों का हुआ लेनदेन।
- आगे शेयर की दिशा काफी हद तक क्रूड ऑयल की कीमतों पर निर्भर करेगी।
पिछले सप्ताह 20% की शानदार तेजी के बाद आई बिकवाली
दिलचस्प बात यह है कि वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयर ने पिछले सप्ताह निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया था। केवल एक सप्ताह में स्टॉक करीब 20 प्रतिशत तक उछल गया था, जिससे कई निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिला।
सोमवार को बाजार खुलते ही बड़ी संख्या में निवेशकों ने इसी मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए अपने शेयर बेचना शुरू कर दिया। इसका असर यह हुआ कि शेयर में बिकवाली का दबाव तेजी से बढ़ा और कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।
सुबह करीब 10 बजे तक कंपनी के करीब 6 करोड़ शेयरों का कारोबार हो चुका था, जो इस बात का संकेत है कि स्टॉक में भारी गतिविधि बनी रही।
कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी बनी सबसे बड़ी वजह
Vedanta Oil & Gas का मुख्य कारोबार कच्चे तेल के उत्पादन और बिक्री से जुड़ा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट का सीधा असर कंपनी की आय पर पड़ता है।
जब कच्चा तेल सस्ता होता है तो कंपनी को हर बैरल तेल बेचने पर पहले की तुलना में कम राजस्व मिलता है। इससे भविष्य की कमाई और मुनाफे को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ जाती है। यही कारण है कि सोमवार को क्रूड ऑयल में कमजोरी का असर कंपनी के शेयर पर भी साफ दिखाई दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों के शेयर अक्सर अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी कीमतों के साथ चलते हैं। इसलिए क्रूड ऑयल में उतार-चढ़ाव का असर Vedanta Oil & Gas के शेयर पर आगे भी देखने को मिल सकता है।
मुनाफावसूली ने बढ़ाया गिरावट का दबाव
सिर्फ कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ही इस कमजोरी की वजह नहीं रही। पिछले सप्ताह आई जोरदार तेजी के बाद कई निवेशकों ने अपने मुनाफे को सुरक्षित करने का फैसला किया।
शेयर बाजार में इसे प्रॉफिट बुकिंग कहा जाता है। जब किसी शेयर में कम समय में तेज उछाल आता है तो निवेशक लाभ कमाने के लिए शेयर बेचते हैं। इससे मांग की तुलना में सप्लाई बढ़ जाती है और शेयर की कीमतों पर दबाव बन जाता है।
Vedanta Oil & Gas के मामले में भी यही स्थिति देखने को मिली, जहां क्रूड ऑयल की कमजोरी और प्रॉफिट बुकिंग दोनों ने मिलकर शेयर को नीचे धकेल दिया।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न क्या कहता है?
कंपनी के उपलब्ध शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार—
- प्रमोटर्स की हिस्सेदारी लगभग 56% है।
- पब्लिक यानी रिटेल निवेशकों के पास करीब 37% हिस्सेदारी है।
- घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की हिस्सेदारी लगभग 13% है।
रिटेल निवेशकों की अच्छी भागीदारी होने की वजह से शेयर में उतार-चढ़ाव के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम भी अधिक देखने को मिलता है।
आगे क्या रहेगा निवेशकों के लिए अहम?
आने वाले दिनों में Vedanta Oil & Gas के शेयर की चाल काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। यदि क्रूड ऑयल में फिर से मजबूती आती है तो कंपनी के राजस्व और मुनाफे की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं, जिससे शेयर को भी सहारा मिल सकता है।
वहीं, यदि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में कमजोरी बनी रहती है तो शेयर पर दबाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए कंपनी के तिमाही नतीजों, उत्पादन आंकड़ों और वैश्विक कमोडिटी बाजार के रुझानों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


