भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह शानदार तेजी देखने को मिली, जिसका फायदा देश की शीर्ष सूचीबद्ध कंपनियों को भी मिला। हालांकि इस दौरान मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) में करीब ₹18,946 करोड़ की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद रिलायंस देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बनी हुई है। दूसरी ओर, भारती एयरटेल ने सबसे अधिक बाजार पूंजीकरण बढ़ाकर सभी बड़ी कंपनियों में सबसे शानदार प्रदर्शन किया।
शेयर बाजार में रही मजबूती
बीते कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 663.44 अंक यानी 0.86% चढ़कर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 214.85 अंक यानी 0.89% की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा।
इस तेजी का असर देश की शीर्ष 10 कंपनियों पर भी दिखाई दिया। इनमें से 6 कंपनियों के संयुक्त मार्केट कैप में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जबकि 4 कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा।
भारती एयरटेल बनी सबसे बड़ी विजेता
सप्ताह के दौरान सबसे अधिक फायदा भारती एयरटेल को हुआ। कंपनी के मार्केट कैप में ₹36,529.21 करोड़ का इजाफा हुआ, जिससे उसका कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर ₹11.64 लाख करोड़ के करीब पहुंच गया।
इसके अलावा:
- बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप ₹33,059.83 करोड़ बढ़कर ₹6.43 लाख करोड़ हो गया।
- आईसीआईसीआई बैंक ने ₹16,084.29 करोड़ की बढ़त के साथ ₹10.12 लाख करोड़ का मार्केट कैप हासिल किया।
- एलआईसी के बाजार पूंजीकरण में ₹8,601.99 करोड़ की वृद्धि हुई और यह ₹5.44 लाख करोड़ पर पहुंच गया।
- एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप ₹7,664.89 करोड़ बढ़कर ₹12.34 लाख करोड़ हो गया।
- हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) के वैल्यूएशन में ₹6,461.38 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और कंपनी का मार्केट कैप ₹5.17 लाख करोड़ हो गया।
इन चार दिग्गज कंपनियों को लगा झटका
जहां कई कंपनियों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया, वहीं चार बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट दर्ज की गई।
सबसे बड़ा नुकसान लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को हुआ, जिसका बाजार पूंजीकरण ₹26,572.20 करोड़ घटकर ₹5.54 लाख करोड़ रह गया।
इसके अलावा:
- रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹18,945.56 करोड़ घटकर ₹17.65 लाख करोड़ रह गया।
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के वैल्यूएशन में ₹4,846.08 करोड़ की कमी आई और इसका मार्केट कैप ₹9.60 लाख करोड़ रह गया।
- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का मार्केट कैप ₹1,031.15 करोड़ घटकर ₹7.57 लाख करोड़ पर आ गया।
नुकसान के बावजूद रिलायंस का दबदबा कायम
हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज को पिछले सप्ताह बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय गिरावट का सामना करना पड़ा, लेकिन कंपनी अब भी भारत की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बनी हुई है। रिलायंस के बाद बाजार पूंजीकरण के आधार पर एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, एलआईसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान है।
टॉप 10 कंपनियों का ताजा मार्केट कैप (₹ करोड़)
| कंपनी | मार्केट कैप |
|---|---|
| रिलायंस इंडस्ट्रीज | 17,64,981.36 |
| एचडीएफसी बैंक | 12,33,646.33 |
| भारती एयरटेल | 11,63,877.30 |
| आईसीआईसीआई बैंक | 10,11,695.03 |
| एसबीआई | 9,59,891.92 |
| टीसीएस | 7,57,175.27 |
| बजाज फाइनेंस | 6,43,141.36 |
| लार्सन एंड टुब्रो | 5,53,978.63 |
| एलआईसी | 5,44,139.55 |
| हिंदुस्तान यूनिलीवर | 5,17,086.30 |
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में जारी तेजी का मुख्य कारण बेहतर आर्थिक संकेतक, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और आगामी तिमाही नतीजों को लेकर सकारात्मक उम्मीदें हैं। हालांकि, अलग-अलग सेक्टरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को केवल मार्केट कैप में बदलाव देखकर निवेश का फैसला करने के बजाय कंपनी की कमाई, बिजनेस ग्रोथ, वैल्यूएशन और भविष्य की संभावनाओं का भी मूल्यांकन करना चाहिए।


