नई दिल्ली: विदेश यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगने वाले फ्यूल सरचार्ज (Fuel Surcharge) में 39% तक की कटौती कर दी है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में आई गिरावट के बाद लिया गया है।
एयरलाइन ने खास तौर पर उत्तर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और ब्रिटेन जाने वाली उड़ानों पर यह राहत दी है। इससे इन रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों की टिकट की कुल कीमत कम होने की संभावना है। हालांकि, सिंगापुर, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे रूटों के लिए फिलहाल फ्यूल सरचार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
क्या है फ्यूल सरचार्ज और क्यों लगता है?
फ्यूल सरचार्ज वह अतिरिक्त शुल्क होता है जिसे एयरलाइंस विमान ईंधन (ATF) की बढ़ती लागत को संतुलित करने के लिए टिकट में जोड़ती हैं।
जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ATF की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तब एयरलाइंस इस अतिरिक्त खर्च का कुछ हिस्सा यात्रियों से वसूलने के लिए फ्यूल सरचार्ज लागू करती हैं। वहीं, जब ईंधन की कीमतें घटती हैं तो एयरलाइंस इस शुल्क को कम या समाप्त भी कर सकती हैं।
यानी फ्यूल सरचार्ज में कमी का सीधा फायदा यात्रियों को टिकट की कम कीमत के रूप में मिलता है।
एयर इंडिया ने कितनी कटौती की?
एयर इंडिया ने 1 जुलाई से लागू नए ढांचे में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रूटों पर फ्यूल सरचार्ज घटा दिया है।
उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया
पहले इन रूटों पर प्रति टिकट 280 अमेरिकी डॉलर का फ्यूल सरचार्ज लगाया जा रहा था।
अब इसे घटाकर 200 अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है।
यानी प्रति टिकट 80 डॉलर (करीब 39% तक) की राहत मिलेगी।
यूरोप और ब्रिटेन
ब्रिटेन, फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्सटर्डम, कोपनहेगन, विएना और अन्य यूरोपीय शहरों के लिए पहले 205 डॉलर का फ्यूल सरचार्ज लिया जाता था।
अब इसे घटाकर 125 डॉलर कर दिया गया है।
यानी यात्रियों को 80 डॉलर तक की बचत होगी।
किन रूटों पर नहीं मिली राहत?
एयर इंडिया ने फिलहाल निम्न क्षेत्रों के लिए फ्यूल सरचार्ज में कोई बदलाव नहीं किया है—
- सिंगापुर
- मिडिल ईस्ट
- पश्चिम एशिया
- अफ्रीका
- चीन
- दक्षिण-पूर्व एशिया
- सार्क देशों की उड़ानें
इन रूटों पर अभी भी 24 डॉलर से 130 डॉलर तक का फ्यूल सरचार्ज लागू रहेगा।
क्या घरेलू उड़ानें भी सस्ती होंगी?
फिलहाल नहीं।
एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों पर लागू फ्यूल सरचार्ज में कोई बदलाव नहीं किया है।
दो हजार किलोमीटर तक की घरेलू उड़ानों के लिए अप्रैल में लगाया गया 299 रुपये से 899 रुपये तक का फ्यूल सरचार्ज अभी भी जारी है।
हालांकि, यदि ATF की कीमतें आगे भी कम रहती हैं तो घरेलू यात्रियों को भी आने वाले समय में राहत मिल सकती है।
यात्रियों पर क्या होगा असर?
फ्यूल सरचार्ज घटने से टिकट की अंतिम कीमत कम हो सकती है। हालांकि टिकट का किराया कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।
इनमें शामिल हैं—
- बेस फेयर
- एयरपोर्ट टैक्स
- यूजर डेवलपमेंट फीस
- सिक्योरिटी चार्ज
- अन्य सरकारी शुल्क
इसके बावजूद फ्यूल सरचार्ज में कमी से लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों की कुल लागत में अच्छी-खासी बचत हो सकती है।
एयर इंडिया ने अप्रैल में क्यों बढ़ाया था सरचार्ज?
अप्रैल 2026 में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल आया था।
इसी वजह से एयर इंडिया ने—
- 8 अप्रैल से कई अंतरराष्ट्रीय रूटों पर 24 से 130 डॉलर तक का फ्यूल सरचार्ज लगाया।
- 10 अप्रैल से यूरोप के लिए 205 डॉलर और उत्तर अमेरिका तथा ऑस्ट्रेलिया के लिए 280 डॉलर प्रति टिकट फ्यूल सरचार्ज लागू किया।
अब तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद एयरलाइन ने इसमें राहत देने का फैसला किया है।
इंडिगो का क्या है प्लान?
एयर इंडिया की तरह इंडिगो ने भी अप्रैल में अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लागू किया था।
- घरेलू उड़ानों पर 275 रुपये से 950 रुपये तक।
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 900 रुपये से 10,000 रुपये तक।
हालांकि फिलहाल इंडिगो ने अपने फ्यूल सरचार्ज में किसी तरह की कटौती की घोषणा नहीं की है। लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए कंपनी भी आने वाले दिनों में ऐसा कदम उठा सकती है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी दी राहत
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पश्चिम एशिया के लिए अस्थायी रूप से बंद की गई कई उड़ानों को दोबारा शुरू करने का ऐलान किया है।
शेड्यूल के अनुसार—
- कोझिकोड–सलालाह सेवा 2 जुलाई से शुरू हो चुकी है।
- कोझिकोड–कुवैत उड़ानें 3 जुलाई से शुरू होंगी।
- बेंगलुरु–कुवैत सेवा 4 जुलाई से बहाल होगी।
इसके अलावा एयर इंडिया और इंडिगो भी कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।
आगे क्या सस्ती होंगी फ्लाइट टिकट?
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ATF की कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, तो एयरलाइंस आगे भी फ्यूल सरचार्ज में कटौती कर सकती हैं। इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय बल्कि घरेलू उड़ानों के किराए में भी कमी आने की संभावना है।
हालांकि अंतिम फैसला एयरलाइंस की लागत, मांग, प्रतिस्पर्धा और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
एयर इंडिया द्वारा फ्यूल सरचार्ज में 39% तक की कटौती अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। विशेष रूप से उत्तर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और ब्रिटेन जाने वाले यात्रियों को टिकट पर अच्छी बचत मिल सकती है। यदि आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतें और नरम रहती हैं, तो अन्य एयरलाइंस भी इसी तरह की राहत दे सकती हैं, जिससे हवाई यात्रा और अधिक किफायती हो सकती है।


