नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही (1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026) के लिए छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने इस बार भी PPF, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) समेत सभी प्रमुख योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी निवेशकों को पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) वाली ही ब्याज दरें दूसरी तिमाही में भी मिलेंगी।
सरकार हर तीन महीने में इन योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। हालांकि लगातार कई तिमाहियों से ब्याज दरें स्थिर रखी गई हैं। ऐसे में यदि आप सुरक्षित निवेश के साथ भविष्य के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो ये योजनाएं आज भी बेहतरीन विकल्प मानी जाती हैं।
क्या हैं स्मॉल सेविंग स्कीम्स?
स्मॉल सेविंग स्कीम्स भारत सरकार द्वारा संचालित सुरक्षित निवेश योजनाएं हैं। इनका उद्देश्य लोगों में बचत की आदत बढ़ाना और उन्हें लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देना है। इन योजनाओं में निवेश पर सरकार की गारंटी होती है, इसलिए जोखिम लगभग न के बराबर रहता है।
इन योजनाओं में निवेश करने वाले लोगों को टैक्स लाभ, निश्चित ब्याज और सुरक्षित रिटर्न का फायदा मिलता है। यही वजह है कि लाखों निवेशक हर साल पोस्ट ऑफिस और बैंकों के माध्यम से इनमें निवेश करते हैं।
जुलाई-सितंबर 2026 के लिए ब्याज दरें
| योजना | ब्याज दर |
|---|---|
| पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट | 4.0% |
| 1 वर्ष टाइम डिपॉजिट | 6.9% |
| 2 वर्ष टाइम डिपॉजिट | 7.0% |
| 3 वर्ष टाइम डिपॉजिट | 7.1% |
| 5 वर्ष टाइम डिपॉजिट | 7.5% |
| 5 वर्ष रिकरिंग डिपॉजिट | 6.7% |
| मंथली इनकम स्कीम (MIS) | 7.4% |
| नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) | 7.7% |
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.1% |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.5% |
| सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) | 8.2% |
| सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) | 8.2% |
PPF में कितना बनेगा फंड?
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) लंबी अवधि की सबसे लोकप्रिय सरकारी योजनाओं में शामिल है। इसकी मैच्योरिटी 15 साल होती है और इसमें मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है।
यदि कोई निवेशक हर साल ₹10,000 जमा करता है तो अनुमानित गणना इस प्रकार होगी—
- वार्षिक निवेश: ₹10,000
- अवधि: 15 वर्ष
- कुल निवेश: ₹1,50,000
- ब्याज दर: 7.1%
- अनुमानित मैच्योरिटी राशि: करीब ₹2.71 लाख
PPF उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है जो लंबी अवधि में सुरक्षित तरीके से रिटायरमेंट फंड तैयार करना चाहते हैं।
SSY में सबसे बेहतर रिटर्न
सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई सरकारी योजना है। वर्तमान में इस पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो छोटी बचत योजनाओं में सबसे अधिक है।
यदि हर साल ₹10,000 का निवेश किया जाए तो—
- वार्षिक निवेश: ₹10,000
- कुल निवेश: ₹1.50 लाख
- ब्याज दर: 8.2%
- अनुमानित मैच्योरिटी राशि: करीब ₹4.79 लाख
अगर कोई अभिभावक हर साल अधिकतम ₹1.5 लाख निवेश करता है तो मैच्योरिटी पर यह राशि कई लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
SCSS वरिष्ठ नागरिकों के लिए शानदार विकल्प
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है। इसमें तिमाही आधार पर ब्याज का भुगतान किया जाता है।
उदाहरण के तौर पर—
- वार्षिक निवेश: ₹1 लाख
- अवधि: 5 वर्ष
- कुल निवेश: ₹5 लाख
- ब्याज दर: 8.2%
- अनुमानित मैच्योरिटी राशि: करीब ₹7.05 लाख
यह योजना नियमित आय चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए काफी लोकप्रिय है।
NSC में कितना मिलेगा रिटर्न?
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पोस्ट ऑफिस की सुरक्षित निवेश योजना है। इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है और धारा 80C के तहत टैक्स लाभ भी मिलता है।
यदि कोई निवेशक—
- हर साल निवेश: ₹1 लाख
- अवधि: 5 वर्ष
- कुल निवेश: ₹5 लाख
- ब्याज दर: 7.7%
- अनुमानित मैच्योरिटी राशि: करीब ₹7.25 लाख
तो उसे अच्छा सुरक्षित रिटर्न मिल सकता है।
किस योजना में किसे निवेश करना चाहिए?
- PPF: लंबी अवधि में टैक्स-फ्री रिटायरमेंट फंड बनाने वालों के लिए।
- SSY: बेटी की शिक्षा और शादी के लिए सबसे बेहतर विकल्प।
- SCSS: रिटायरमेंट के बाद नियमित आय चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए।
- NSC: मध्यम अवधि के सुरक्षित निवेश और टैक्स बचत के लिए।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
हर योजना का उद्देश्य अलग-अलग है। निवेश करने से पहले अपनी उम्र, वित्तीय लक्ष्य, निवेश अवधि और नकदी की जरूरत को समझना जरूरी है। यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना है तो PPF और SSY बेहतर विकल्प हो सकते हैं, जबकि नियमित आय के लिए SCSS उपयुक्त है।
सरकारी योजनाओं में जोखिम कम होता है, लेकिन रिटर्न तय होता है। इसलिए इन्हें अपने पोर्टफोलियो में स्थिरता लाने के लिए शामिल किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


