नई दिल्ली। भारत की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। कंपनी ने 20 गीगावाट (GW) ऑपरेशनल क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही AGEL मुख्य रूप से ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के माध्यम से यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली कंपनी बन गई है।
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत वर्ष 2030 तक अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को तेजी से पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है। AGEL की यह सफलता देश की ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा परिवर्तन के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Highlights
- AGEL ने 20 GW ऑपरेशनल क्षमता का आंकड़ा पार किया।
- ग्रीनफील्ड विकास के जरिए यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी।
- सालाना 52 बिलियन यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन।
- FY26 में 5,051 MW नई क्षमता जोड़कर बनाया रिकॉर्ड।
- 2030 तक 50 GW क्षमता हासिल करने का लक्ष्य।
दिल्ली और मुंबई जैसे दो बड़े शहरों की बिजली जरूरत पूरी करने की क्षमता
कंपनी के अनुसार, AGEL अब हर साल 52 बिलियन यूनिट (BU) से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन कर रही है। यह भारत की कुल बिजली खपत का करीब 3 प्रतिशत हिस्सा है।
इतनी बिजली से पूरे न्यूयॉर्क शहर को एक वर्ष तक ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सकती है। वहीं भारत में यह उत्पादन मुंबई और नई दिल्ली जैसे दो बड़े महानगरों की सालभर की बिजली जरूरतों को एक साथ पूरा करने के बराबर माना जा रहा है।
एक दशक में तय किया लंबा सफर
अदाणी ग्रीन एनर्जी ने वर्ष 2016 में तमिलनाडु के कामुथी में अपना पहला बड़े स्तर का सोलर प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसके बाद कंपनी ने लगातार सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार किया और आज देश की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में शामिल हो चुकी है।
कंपनी का कहना है कि पिछले दस वर्षों में किए गए निवेश, आधुनिक तकनीक और तेज परियोजना क्रियान्वयन ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है।
FY26 में जोड़ी रिकॉर्ड क्षमता
वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के दौरान AGEL ने 5,051 मेगावाट (MW) नई क्षमता जोड़ी। कंपनी के मुताबिक, यह चीन के बाहर किसी भी ऊर्जा कंपनी द्वारा एक वित्त वर्ष में जोड़ी गई सबसे अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता है।
इस उपलब्धि ने AGEL को वैश्विक स्तर पर भी प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर्स की सूची में मजबूत स्थान दिलाया है।
बैटरी स्टोरेज में भी बड़ी उपलब्धि
सिर्फ बिजली उत्पादन ही नहीं, बल्कि ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) के क्षेत्र में भी कंपनी ने बड़ा कदम उठाया है।
AGEL ने 3.55 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को चालू किया है। यह चीन के बाहर स्थापित सबसे बड़े बैटरी स्टोरेज सिस्टम में से एक माना जा रहा है। इससे सौर और पवन ऊर्जा की उपलब्धता को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।
2030 तक 50 GW क्षमता का लक्ष्य
AGEL के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी ने कहा कि 20 GW क्षमता पार करना कंपनी के अनुशासित क्रियान्वयन, मजबूत योजना और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि कंपनी भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव को तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है। AGEL का अगला बड़ा लक्ष्य 2030 तक 50 GW ऑपरेशनल क्षमता हासिल करना है।
खावड़ा में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित कर रही है।
- परियोजना का कुल क्षेत्रफल: 538 वर्ग किलोमीटर
- प्रस्तावित कुल क्षमता: 30 GW
- अब तक चालू सौर क्षमता: 9.5 GW
यह परियोजना पूरी होने के बाद भारत के स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में ऐतिहासिक योगदान देगी और देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेगी।
भारत के ऊर्जा परिवर्तन में बड़ी भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत की बिजली मांग लगातार बढ़ेगी। ऐसे में सौर और पवन ऊर्जा जैसी स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार न केवल कार्बन उत्सर्जन कम करेगा बल्कि आयातित ईंधन पर निर्भरता भी घटाएगा।
AGEL की 20 GW क्षमता का आंकड़ा इसी दिशा में भारत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। यदि कंपनी 2030 तक 50 GW के लक्ष्य को हासिल कर लेती है, तो वह वैश्विक स्तर पर भी सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है।


