रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Suzlon Energy के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कंपनी को Sunsure Energy से 105 मेगावाट की नई पवन ऊर्जा (Wind Energy) परियोजना का ऑर्डर मिला है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में पहली बार कंपनी के S175 (5.0 MW) विंड टर्बाइन का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाएगा, जिसे भारत का सबसे ऊंचा और सबसे शक्तिशाली विंड टर्बाइन माना जाता है।
Highlights
- सुजलॉन एनर्जी को सनश्योर एनर्जी से 105 मेगावाट का नया ऑर्डर मिला
- भारत के सबसे ऊंचे और शक्तिशाली S175 विंड टर्बाइन का पहला कमर्शियल ऑर्डर
- पिछले 14 महीनों में सनश्योर ने तीसरी बार सुजलॉन को दिया प्रोजेक्ट
- दोनों कंपनियों के बीच कुल साझेदारी बढ़कर 400.8 मेगावाट हुई
- ऑर्डर की घोषणा के बाद सुजलॉन के शेयरों में तेजी
हालांकि कंपनी ने इस ऑर्डर की वित्तीय कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इस घोषणा के बाद निवेशकों का उत्साह बढ़ा और शेयर में तेजी देखने को मिली।
शेयर में दिखी मजबूती
ऑर्डर मिलने की खबर के बाद Suzlon Energy के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी का शेयर 57.19 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 57.43 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान यह 58.15 रुपये तक पहुंच गया।
दोपहर करीब 12:30 बजे शेयर लगभग 1.22% की बढ़त के साथ 57.89 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया।
14 महीनों में तीसरी बार मिला ऑर्डर
कंपनी के मुताबिक, S175 टर्बाइन लॉन्च होने के महज दो सप्ताह के भीतर उसे इसका पहला कमर्शियल ऑर्डर मिल गया है। यह ऑर्डर Sunsure Energy की ओर से मिला है।
यह पिछले 14 महीनों से भी कम समय में Sunsure द्वारा दिया गया तीसरा प्रोजेक्ट है। इस नए अनुबंध के बाद दोनों कंपनियों के बीच कुल साझेदारी बढ़कर 400.8 मेगावाट हो गई है, जो उनके मजबूत कारोबारी रिश्ते को दर्शाती है।
कर्नाटक में लगेंगे 21 अत्याधुनिक विंड टर्बाइन
इस परियोजना के तहत कर्नाटक के बीजापुर में कुल 21 S175 विंड टर्बाइन जनरेटर (WTG) लगाए जाएंगे।
सुजलॉन इस प्रोजेक्ट में केवल उपकरणों की आपूर्ति ही नहीं करेगा, बल्कि:
- टर्बाइन की सप्लाई
- इंस्टॉलेशन
- कमीशनिंग (चालू करना)
- संचालन एवं रखरखाव (Operations & Maintenance)
की पूरी जिम्मेदारी भी निभाएगा।
क्या खास है S175 टर्बाइन?
Suzlon का नया S175-5.0 MW टर्बाइन कंपनी की अगली पीढ़ी की तकनीक पर आधारित है। इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं:
- भारत का सबसे ऊंचा विंड टर्बाइन
- 5 मेगावाट क्षमता
- अधिक बिजली उत्पादन की क्षमता
- कम हवा वाले क्षेत्रों में भी बेहतर प्रदर्शन
- कम लागत में अधिक ऊर्जा उत्पादन
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हाई-कैपेसिटी टर्बाइन भारत के बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कंपनी प्रबंधन ने क्या कहा?
सुजलॉन ग्रुप के वाइस चेयरमैन गिरीश तांती ने कहा कि Sunsure Energy ने अपनी पवन ऊर्जा यात्रा की शुरुआत सुजलॉन के साथ की थी और आज वह भारत की सबसे तेजी से बढ़ती Commercial & Industrial (C&I) केंद्रित रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में शामिल हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि लगातार तीसरा ऑर्डर दोनों कंपनियों के बीच भरोसे और मजबूत साझेदारी का प्रमाण है।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
यह नया ऑर्डर कई वजहों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- कंपनी के ऑर्डर बुक में और मजबूती आएगी।
- नए S175 टर्बाइन को बाजार में व्यावसायिक स्वीकृति मिली।
- रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में सुजलॉन की प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत होगी।
- लंबे समय के कारोबार और सर्विस रेवेन्यू की संभावना बढ़ेगी।
- निवेशकों का भरोसा कंपनी पर और मजबूत हो सकता है।
हालांकि, केवल किसी एक ऑर्डर के आधार पर निवेश का फैसला लेना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, ऑर्डर बुक, मार्जिन और भविष्य की ग्रोथ रणनीति का भी मूल्यांकन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


