JSW Steel JFE Deal: जापान की दिग्गज स्टील कंपनी JFE Steel Corporation ने JSW JFE Kalinga में 25% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹7,875 करोड़ का निवेश पूरा कर लिया है। इस निवेश के बाद कंपनी की हिस्सेदारी बढ़कर 50% हो गई है। अब JSW Steel और JFE Steel संयुक्त रूप से इस कंपनी का संचालन करेंगे। इस सौदे को भारतीय स्टील सेक्टर में विदेशी निवेश और तकनीकी साझेदारी के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है।
Highlights
- JFE Steel ने JSW JFE Kalinga में 25% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी।
- निवेश का कुल मूल्य ₹7,875 करोड़ रहा।
- JFE की हिस्सेदारी बढ़कर 50% हो गई।
- अब JSW Steel और JFE Steel के बीच 50:50 जॉइंट कंट्रोल रहेगा।
- यह साझेदारी भारत में हाई-ग्रेड स्टील उत्पादन को नई गति दे सकती है।
नई दिल्ली।
भारतीय स्टील उद्योग में एक बड़ा निवेश सामने आया है। जापान की अग्रणी इस्पात निर्माता JFE Steel Corporation ने JSW JFE Kalinga में 25 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने का सौदा पूरा कर लिया है। JSW Steel ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि इस निवेश के साथ JFE की हिस्सेदारी बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई है और अब दोनों कंपनियां संयुक्त रूप से इस जॉइंट वेंचर का संचालन करेंगी।
कंपनी के मुताबिक, यह निवेश ₹7,875 करोड़ का है और इसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इससे पहले मार्च 2026 में JSW Steel ने इस निवेश योजना की जानकारी शेयरधारकों और स्टॉक एक्सचेंज को दी थी।
50:50 पार्टनरशिप के साथ होगा संयुक्त नियंत्रण
JSW Steel ने बताया कि 3 दिसंबर 2025 को हुए जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट के तहत JFE Steel द्वारा निवेश और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में आवश्यक बदलाव पूरे होने के बाद अब दोनों कंपनियों के पास JSW JFE Kalinga पर समान अधिकार होंगे।
इसके साथ ही JSW JFE Steel (जिसे पहले JSW Sambalpur Steel Limited के नाम से जाना जाता था) पर भी दोनों कंपनियों का संयुक्त नियंत्रण स्थापित हो गया है। इसका मतलब है कि भविष्य के सभी महत्वपूर्ण कारोबारी फैसले दोनों साझेदारों की सहमति से लिए जाएंगे।
इस निवेश का क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि JFE Steel की तकनीकी विशेषज्ञता और JSW Steel की भारतीय बाजार में मजबूत मौजूदगी का फायदा कंपनी को मिलेगा। इस साझेदारी से कई क्षेत्रों में लाभ मिलने की संभावना है—
- हाई-ग्रेड और वैल्यू-एडेड स्टील का उत्पादन बढ़ेगा।
- ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए बेहतर गुणवत्ता वाला स्टील उपलब्ध होगा।
- आधुनिक जापानी तकनीक और उत्पादन क्षमता का लाभ भारत में मिलेगा।
- कंपनी की प्रतिस्पर्धी क्षमता और निर्यात अवसर मजबूत हो सकते हैं।
JSW Steel का कारोबार कितना बड़ा है?
JSW Steel, 23 अरब डॉलर के JSW Group की प्रमुख कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से लौह एवं इस्पात उत्पादों के निर्माण और बिक्री का कारोबार करती है। समूह ऊर्जा, सीमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, पेंट, खेल और वेंचर कैपिटल जैसे कई क्षेत्रों में भी सक्रिय है।
वर्तमान में JSW Steel का मार्केट कैप लगभग ₹3.01 लाख करोड़ है, जबकि कंपनी का शेयर करीब ₹1,229 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। देश के निजी स्टील उत्पादकों में JSW Steel का प्रमुख स्थान है।
भारतीय स्टील सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह डील?
भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टील उत्पादक देशों में शामिल है और सरकार लगातार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही है। ऐसे समय में विदेशी कंपनियों द्वारा बड़े निवेश यह संकेत देते हैं कि भारत का स्टील बाजार लंबे समय के लिए आकर्षक बना हुआ है।
JFE Steel और JSW Steel की बराबरी की साझेदारी से भविष्य में नई उत्पादन क्षमता, अत्याधुनिक तकनीक और वैश्विक स्तर के स्टील उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे भारत की स्टील इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत हो सकती है।


