नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप की डिमर्जर के बाद बनी कंपनियों में से एक वेदांता आयरन एंड स्टील निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरी है। कंपनी के शेयर ने मंगलवार को लगातार 11वें कारोबारी सत्र में अपर सर्किट लगाया। ट्रेडिंग शुरू होते ही स्टॉक 10% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। 15 जून 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद से इस शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है।
कंपनी का शेयर लिस्टिंग के समय ₹20 पर शुरू हुआ था, जो अब बढ़कर ₹35.65 तक पहुंच चुका है। यानी महज कुछ ही कारोबारी सत्र में निवेशकों को करीब 70% का रिटर्न मिल चुका है।
11 कारोबारी सत्र में 70% की शानदार तेजी
वेदांता आयरन एंड स्टील का शेयर पिछले 11 ट्रेडिंग सेशन से लगातार खरीदारी के दम पर ऊपरी सर्किट में बना हुआ है। सोमवार को यह ₹32.45 पर बंद हुआ था और मंगलवार को ₹34 पर खुलने के बाद सीधे 10% के अपर सर्किट पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी का मार्केट कैप भी तेजी से बढ़ा है। लिस्टिंग के समय जहां कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹7,821 करोड़ था, वहीं अब यह बढ़कर ₹13,941 करोड़ के आसपास पहुंच गया है।
5% से बढ़कर 10% हुआ अपर सर्किट
मंगलवार से वेदांता ग्रुप की डिमर्जर के बाद सूचीबद्ध कंपनियों के लिए सर्किट फिल्टर में बदलाव लागू हुआ। वेदांता आयरन एंड स्टील के शेयर पर पहले 5% का सर्किट लिमिट लागू थी, जिसे अब बढ़ाकर 10% कर दिया गया है। नई सीमा लागू होते ही शेयर सीधे अपर सर्किट में पहुंच गया।
आखिर क्यों दौड़ रहा है यह शेयर?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं।
- वेदांता ग्रुप के डिमर्जर के बाद अलग-अलग बिजनेस की वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद।
- संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी।
- स्टील कारोबार के स्वतंत्र रूप से बेहतर प्रदर्शन की संभावना।
- निवेशकों में कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ को लेकर सकारात्मक धारणा।
लगातार खरीदारी के चलते शेयर में बिकवाली बेहद सीमित रही है, जिससे यह लगातार अपर सर्किट पर बना हुआ है।
प्रेमजी इनवेस्ट की एंट्री से बढ़ा भरोसा
लिस्टिंग के तुरंत बाद अजीम प्रेमजी समर्थित Premji Invest की PI Opportunities AIF V LLP ने कंपनी में करीब ₹102 करोड़ का निवेश किया। इस निवेश को बाजार ने कंपनी के भविष्य पर बड़े संस्थागत भरोसे के रूप में देखा।
विश्लेषकों का मानना है कि इस निवेश के बाद रिटेल और अन्य संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी भी शेयर में बढ़ी है।
क्या है कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी?
वेदांता आयरन एंड स्टील का लक्ष्य अपने विशाल आयरन ओर संसाधनों और इंटीग्रेटेड ऑपरेशन का फायदा उठाकर एक मजबूत रिसोर्स-बेस्ड इंटीग्रेटेड स्टील प्लेटफॉर्म बनना है। कंपनी खनन से लेकर स्टील उत्पाद तैयार करने तक पूरी वैल्यू चेन पर फोकस कर रही है, जिससे लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने की संभावना बनती है।
भारत और अफ्रीका में फैला है कारोबार
वेदांता आयरन एंड स्टील का कारोबार भारत के अलावा अफ्रीका तक फैला हुआ है। कंपनी आयरन ओर की खोज, खनन और प्रोसेसिंग के साथ कई वैल्यू-एडेड उत्पाद बनाती है।
कंपनी के प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं:
- स्टील
- वायर रॉड
- टीएमटी बार
- पिग आयरन
- डक्टाइल आयरन पाइप
- फेरो-सिलिकॉन
- सीमेंट
- मेटालर्जिकल कोक
इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल और मजबूत कच्चे माल की उपलब्धता कंपनी की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
डिमर्जर के बाद वेदांता ग्रुप की कंपनियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। वेदांता आयरन एंड स्टील में लगातार अपर सर्किट यह दिखाता है कि बाजार कंपनी के भविष्य को लेकर काफी आशावादी है। हालांकि, इतनी तेज तेजी के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और अपने जोखिम प्रोफाइल का ध्यान रखना चाहिए।


