Inflation News: देश के कई हिस्सों में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय होने से पहले ही रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। टमाटर की कीमतों में सबसे तेज उछाल देखने को मिला है, जबकि प्याज और आलू भी महंगे हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी, बेमौसम बारिश और सप्लाई में आई बाधाओं के कारण आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
Highlights
- टमाटर की कीमतों में एक महीने में औसतन 18% की बढ़ोतरी।
- दिल्ली में टमाटर के दाम लगभग दोगुने तक पहुंच गए।
- प्याज 11% और आलू 1.3% महंगा हुआ।
- भीषण गर्मी और कमजोर सप्लाई सबसे बड़ी वजह।
- मॉनसून के दौरान कीमतों में और उतार-चढ़ाव की आशंका।
नई दिल्ली
देशभर में महंगाई का दबाव एक बार फिर आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। मॉनसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले ही टमाटर, प्याज और आलू जैसी रोजमर्रा की जरूरत वाली सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। खासतौर पर टमाटर की कीमतों में आई उछाल ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में टमाटर की औसत खुदरा कीमत 18%, प्याज 11% और आलू 1.3% महंगा हुआ है। इन तीनों सब्जियों का कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में कुल योगदान लगभग 1.75% है, इसलिए इनके दाम बढ़ने का असर खाद्य महंगाई पर भी दिखाई दे सकता है।
दिल्ली समेत कई राज्यों में टमाटर के दाम में बड़ी छलांग
बीते साल की तुलना में देखें तो टमाटर की कीमतों में करीब 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि प्याज करीब 3.3% महंगा हुआ है। दूसरी ओर, आलू की कीमतें अभी भी पिछले साल की तुलना में लगभग 17% कम हैं।
हालांकि अलग-अलग राज्यों में स्थिति अलग है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में टमाटर के दाम 50% तक बढ़ गए हैं, जबकि दिल्ली में कई बाजारों में इसकी कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सब्जियों के दाम?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार भीषण गर्मी ने टमाटर की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। अत्यधिक तापमान के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ और कई इलाकों में फसल समय से पहले खराब हो गई।
इसके अलावा:
- भीषण गर्मी से उत्पादन में गिरावट आई।
- टमाटर जल्दी खराब होने के कारण लंबी दूरी तक परिवहन मुश्किल हो गया।
- राजस्थान और हरियाणा से दिल्ली आने वाली सप्लाई कम हो गई।
- कई राज्यों में बेमौसम बारिश से प्याज के भंडारण की गुणवत्ता प्रभावित हुई।
- सप्लाई चेन कमजोर होने से मंडियों में आवक घटी।
प्याज भी महंगा होने लगा
टमाटर के अलावा प्याज की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। व्यापारियों के अनुसार बेमौसम बारिश से स्टोरेज में रखी फसल प्रभावित हुई है, जिससे बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज की उपलब्धता कम हो गई। इसी कारण कई राज्यों में प्याज की कीमतों में 10% से 20% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
व्यापारी ने बताई असली वजह
आजादपुर प्याज व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक कौशिक के मुताबिक, भीषण गर्मी का असर केवल उत्पादन पर ही नहीं बल्कि परिवहन पर भी पड़ा है।
उनका कहना है कि गर्म मौसम में टमाटर तेजी से खराब हो रहे हैं, जिससे लंबी दूरी तक उन्हें सुरक्षित पहुंचाना मुश्किल हो गया है। यही कारण है कि दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में सप्लाई कम हो गई और कीमतें तेजी से बढ़ीं।
मॉनसून में और बढ़ सकती है चुनौती
आमतौर पर हर साल मॉनसून के दौरान टमाटर और प्याज की कीमतों में मौसमी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इस बार भी यदि लगातार बारिश, परिवहन में बाधा या फसल को नुकसान जैसी स्थिति बनी रहती है तो आने वाले हफ्तों में सब्जियों के दाम और बढ़ सकते हैं।
हालांकि यदि मॉनसून सामान्य रहता है और नई फसल समय पर बाजार में पहुंचती है, तो कीमतों में धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना भी रहेगी।
एक नजर में कीमतों का हाल
| सब्जी | पिछले 1 महीने में बदलाव | पिछले साल के मुकाबले |
|---|---|---|
| टमाटर | +18% | +25% |
| प्याज | +11% | +3.3% |
| आलू | +1.3% | -17% |


