मुंबई/नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनियों में शामिल Jio Platforms ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया है। कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। इस दस्तावेज़ में एक ऐसे निवेशक की कहानी सामने आई है, जिसने Jio के शुरुआती दिनों में सिर्फ ₹10 प्रति शेयर के भाव पर निवेश किया था और आज उसकी हिस्सेदारी की कीमत करीब ₹5,800 करोड़ पहुंच चुकी है।
यह निवेशक हैं Mahendra Nahata, जिन्हें Jio IPO के सबसे बड़े विजेताओं में गिना जा रहा है।
₹47 करोड़ का निवेश बना ₹5,800 करोड़ का खजाना
DRHP के अनुसार, महेंद्र नाहटा और उनके परिवार ने वर्ष 2020 में Jio Platforms में कुल 47.87 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इसके बदले उन्हें कंपनी में 0.54% हिस्सेदारी मिली थी।
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने Jio Platforms की अनुमानित इक्विटी वैल्यू करीब 10.7 लाख करोड़ रुपये आंकी है। इस वैल्यूएशन के आधार पर नाहटा परिवार की हिस्सेदारी का वर्तमान मूल्य लगभग 5,800 करोड़ रुपये बैठता है।
इस तरह उनका निवेश करीब 121 गुना बढ़ चुका है, जो लगभग 11,983% रिटर्न के बराबर है।
कैसे खरीदे थे Jio के शेयर?
महेंद्र नाहटा ने 7 जुलाई 2020 को दो चरणों में Jio Platforms के शेयर हासिल किए थे।
परिवार ने कम्पल्सरी कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (CCD) को कन्वर्ट कर 37.04 करोड़ रुपये में 3.704 करोड़ शेयर खरीदे। इसके अलावा रिलायंस समूह की ओर से 10.83 करोड़ रुपये मूल्य के 1.083 करोड़ अतिरिक्त शेयर भी आवंटित किए गए।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद नाहटा परिवार के पास Jio Platforms में 0.54% हिस्सेदारी हो गई।
Meta और Google ने खरीदे महंगे शेयर
Jio Platforms में निवेश करने वाले बड़े वैश्विक निवेशकों में Meta Platforms, Google, Public Investment Fund, KKR, Vista Equity Partners, Mubadala Investment Company और अन्य दिग्गज शामिल हैं।
इन 13 निवेशकों ने मिलकर Jio Platforms में लगभग 1.52 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था। अधिकांश निवेशकों ने करीब ₹549.31 प्रति शेयर के भाव पर निवेश किया, जबकि Meta और Google को लगभग ₹488.34 प्रति शेयर की कीमत पर शेयर मिले थे।
इसके मुकाबले महेंद्र नाहटा का निवेश सिर्फ ₹10 प्रति शेयर के स्तर पर हुआ था, जिससे उन्हें असाधारण लाभ मिला।
Jio की कहानी से कैसे जुड़ा नाहटा परिवार?
महेंद्र नाहटा की Jio से जुड़ी कहानी वर्ष 2010 से शुरू होती है।
11 जून 2010 को उनकी कंपनी Infotel Broadband Services ने पूरे भारत के लिए ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम हासिल किया था। कुछ ही घंटों बाद Reliance Industries ने 4,800 करोड़ रुपये में Infotel Broadband में 95% हिस्सेदारी खरीद ली।
हालांकि नाहटा के पास 5% हिस्सेदारी बनी रही। बाद में यही Infotel Broadband आगे चलकर Reliance Jio की नींव बनी और इसी से नाहटा परिवार को Jio Platforms में हिस्सेदारी मिली।
IPO में क्या होगा खास?
Jio Platforms का प्रस्तावित IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। कंपनी 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। इस इश्यू में किसी मौजूदा निवेशक की ओर से Offer For Sale (OFS) शामिल नहीं किया गया है।
यानी IPO से जुटाई गई पूरी राशि सीधे कंपनी को मिलेगी।
जुटाए गए पैसों का क्या करेगी Jio?
DRHP के मुताबिक कंपनी IPO से मिलने वाली राशि में से लगभग 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपनी टेलीकॉम यूनिट Reliance Jio Infocomm के कर्ज को समय से पहले चुकाने में करेगी।
इसके अलावा शेष धनराशि का उपयोग विस्तार योजनाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
फिलहाल Reliance Industries की Jio Platforms में 66.43% हिस्सेदारी है। वहीं Meta की सहयोगी कंपनी Jaadhu Holdings के पास 9.98% और Google International LLC के पास 7.73% हिस्सेदारी मौजूद है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


