नई दिल्ली। सोमवार का कारोबारी सत्र NOCIL लिमिटेड के निवेशकों के लिए बेहद खास साबित हुआ। रबर केमिकल्स बनाने वाली इस दिग्गज कंपनी के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली और स्टॉक करीब 20 फीसदी की तेजी के साथ अपर सर्किट पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर NOCIL का शेयर ₹159.02 के पिछले बंद भाव से उछलकर ₹190.82 तक पहुंच गया।
शेयर में आई इस अचानक तेजी के पीछे सरकार का एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है, जिसने घरेलू रबर केमिकल उद्योग को बड़ा समर्थन दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से NOCIL की कमाई, बाजार हिस्सेदारी और प्राइसिंग पावर में आने वाले वर्षों में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
एंटी-डंपिंग ड्यूटी के फैसले से बदला माहौल
NOCIL के शेयर में आई इस तेजी का सबसे बड़ा कारण केंद्र सरकार द्वारा लिया गया एंटी-डंपिंग ड्यूटी (Anti-Dumping Duty) का फैसला है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने चीन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) से आयात होने वाले “सल्फेनामाइड एक्सेलेरेटर” पर अगले पांच वर्षों के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागू कर दी है।
सल्फेनामाइड एक्सेलेरेटर रबर उद्योग में इस्तेमाल होने वाला एक महत्वपूर्ण केमिकल है। इसका उपयोग मुख्य रूप से टायर, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और अन्य रबर उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।
अब तक विदेशी कंपनियां कम कीमतों पर यह उत्पाद भारतीय बाजार में बेच रही थीं, जिससे घरेलू निर्माताओं को प्रतिस्पर्धा में नुकसान उठाना पड़ रहा था। एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगने के बाद सस्ते आयात पर लगाम लगेगी और भारतीय कंपनियों को समान अवसर मिलेगा।
NOCIL को कैसे होगा फायदा?
NOCIL भारत की सबसे बड़ी रबर केमिकल निर्माता कंपनी है। कंपनी अपने उत्पादों को “Pilcure” ब्रांड नाम के तहत बाजार में बेचती है। विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी आयात महंगा होने से घरेलू ग्राहकों का झुकाव भारतीय उत्पादों की ओर बढ़ सकता है।
इससे NOCIL को कई स्तरों पर फायदा मिलने की संभावना है—
- घरेलू बाजार में बिक्री बढ़ सकती है।
- कंपनी की बाजार हिस्सेदारी मजबूत हो सकती है।
- प्राइसिंग पावर में सुधार हो सकता है।
- मार्जिन और मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
- क्षमता उपयोग (Capacity Utilization) बढ़ने की संभावना है।
यही कारण है कि निवेशकों ने इस खबर को सकारात्मक रूप में लिया और शेयर में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
भारतीय बाजार की दिग्गज कंपनी है NOCIL
अरविंद मफतलाल ग्रुप की कंपनी NOCIL भारतीय रबर केमिकल्स उद्योग में अग्रणी स्थान रखती है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹3,185 करोड़ है।
भारतीय रबर केमिकल बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत बताई जाती है, जो इसे इस क्षेत्र का मार्केट लीडर बनाती है।
मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार—
- प्रमोटर हिस्सेदारी: 33.76%
- घरेलू म्यूचुअल फंड: 7.10%
- विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI): 4.50%
- रिटेल निवेशक: 26.20%
कंपनी में लगभग 1.6 लाख छोटे निवेशकों की हिस्सेदारी है, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाती है।
शेयर ने इस साल दिया शानदार रिटर्न
NOCIL का स्टॉक हाल के महीनों में लगातार मजबूती दिखा रहा है।
रिटर्न की बात करें तो—
- साल 2026 में अब तक 25% से अधिक की तेजी
- पिछले एक महीने में लगभग 13.33% का रिटर्न
- सोमवार को एक ही दिन में करीब 20% की छलांग
हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए तस्वीर थोड़ी अलग रही है।
- पिछले 3 वर्षों में लगभग 14.42% की गिरावट
- पिछले 5 वर्षों में करीब 11.17% का नकारात्मक रिटर्न
यानी हालिया तेजी के बावजूद स्टॉक अभी भी अपने पुराने उच्च स्तरों से काफी नीचे कारोबार कर रहा है।
पिछले साल दबाव में था कारोबार
वित्त वर्ष 2024 कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण रहा था। वैश्विक बाजारों में सुस्ती, निर्यात मांग में कमजोरी और रबर उद्योग में धीमी गतिविधियों के कारण NOCIL के प्लांट केवल 65% क्षमता पर संचालित हुए।
इसके चलते कंपनी के राजस्व (Revenue) में लगभग 11% की गिरावट दर्ज की गई थी।
हालांकि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही से हालात सुधरने शुरू हुए। कंपनी ने बेहतर निर्यात प्रदर्शन और बढ़ती मांग के चलते सालाना आधार पर लगभग 3% राजस्व वृद्धि दर्ज की।
अब सरकार के नए फैसले के बाद निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में कंपनी की विकास दर और मजबूत हो सकती है।
क्या आगे भी जारी रह सकती है तेजी?
विश्लेषकों का मानना है कि एंटी-डंपिंग ड्यूटी का प्रभाव लंबे समय तक दिखाई दे सकता है क्योंकि यह पांच साल के लिए लागू की गई है। इससे घरेलू उद्योग को स्थिरता मिलेगी और NOCIL जैसी कंपनियों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल होगी।
हालांकि किसी भी शेयर में तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। इसलिए निवेशकों को कंपनी के तिमाही नतीजों, मांग की स्थिति और वैश्विक रबर उद्योग के ट्रेंड पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


