नई दिल्ली। भीषण गर्मी और बढ़ती कूलिंग जरूरतों के बीच भारत के एयर कंडीशनर बाजार में एक नया रिकॉर्ड बना है। Voltas Limited ने वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती सिर्फ 81 दिनों में 10 लाख (1 मिलियन) रूम एयर कंडीशनर बेचकर नया माइलस्टोन हासिल किया है। कंपनी की इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय एसी बाजार में उसकी मजबूत स्थिति को साबित किया है, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ाया है। यही वजह रही कि सोमवार के कारोबार में कंपनी के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली।
81 दिनों में 10 लाख AC बेचकर बनाया नया रिकॉर्ड
वोल्टास ने बताया कि उसने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले 81 दिनों के भीतर 10 लाख रूम एयर कंडीशनर की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। यह कंपनी के इतिहास में सबसे तेज़ बिक्री उपलब्धियों में से एक है।
दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले कंपनी ने Q1FY25 में इसी स्तर की बिक्री तक पहुंचने में 88 दिन का समय लिया था। यानी इस बार कंपनी ने अपना ही रिकॉर्ड 7 दिन पहले तोड़ दिया है।
कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में 22.5 लाख से अधिक रूम एयर कंडीशनर बेचे थे। ऐसे में मौजूदा वित्त वर्ष की शुरुआत में मिली यह गति आने वाले महीनों में और मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद जगा रही है।
शेयर बाजार में भी दिखा असर
रिकॉर्ड बिक्री की खबर के बाद निवेशकों ने भी कंपनी पर भरोसा जताया। सोमवार को एनएसई पर वोल्टास का शेयर 1,343.40 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 1,384 रुपये पर खुला।
सुबह करीब 9:20 बजे तक शेयर 63.60 रुपये यानी 4.73% की तेजी के साथ 1,407 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
अगर हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो:
- पिछले 5 कारोबारी दिनों में शेयर लगभग 5.5% चढ़ा है।
- एक महीने में करीब 11% का रिटर्न दिया है।
- पिछले 6 महीनों में भी सकारात्मक रिटर्न दर्ज किया है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत मांग और बढ़ती एसी पैठ के कारण कंपनी के कारोबार में आगे भी मजबूती बनी रह सकती है।
किन वजहों से बढ़ी बिक्री?
कंपनी के अनुसार, रिकॉर्ड बिक्री के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं।
सबसे बड़ा कारण देशभर में एयर कंडीशनर की बढ़ती मांग रही। इसके अलावा वोल्टास ने पिछले एक वर्ष के दौरान अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को पूरी तरह नए तरीके से तैयार किया है।
कंपनी ने ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार:
- प्रीमियम कैटेगरी
- मिड-रेंज सेगमेंट
- वैल्यू फॉर मनी मॉडल
जैसे अलग-अलग उत्पाद बाजार में उतारे हैं।
इस रणनीति से कंपनी को विभिन्न आय वर्ग के ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिली है। साथ ही AI-आधारित एयर कंडीशनर, सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और बड़े मार्केटिंग कैंपेन ने भी ब्रांड की लोकप्रियता बढ़ाई है।
मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बना ताकत
वोल्टास का देशभर में फैला डिस्ट्रीब्यूशन और सर्विस नेटवर्क भी उसकी सफलता का बड़ा कारण माना जा रहा है।
कंपनी का कहना है कि बेहतर आफ्टर-सेल्स सर्विस, तेज इंस्टॉलेशन और व्यापक पहुंच के कारण ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि कंपनी महानगरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।
भारत का पहला AC बनाने वाली कंपनी
वोल्टास का नाम भारतीय एयर कंडीशनिंग उद्योग के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। कंपनी ने वर्ष 1954 में भारत का पहला एयर कंडीशनर लॉन्च किया था।
इसके बाद भी कंपनी ने कई तकनीकी उपलब्धियां हासिल कीं:
- 1954 – भारत का पहला एयर कंडीशनर
- 1984 – पहला स्प्लिट AC
- 1993 – पहला फ्लोर-स्टैंडिंग AC
- 2000 – पहला सब-वन टन AC
इन नवाचारों ने भारतीय एसी उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कंपनी को बाजार में अग्रणी ब्रांडों में शामिल कर दिया।
आगे क्या है कंपनी की रणनीति?
कंपनी प्रबंधन का कहना है कि सभी प्रमुख बाजारों में मांग मजबूत बनी हुई है। बढ़ते शहरीकरण, आय में वृद्धि, रिकॉर्ड गर्मी और एसी की बढ़ती पहुंच के चलते आने वाले महीनों में भी बिक्री की रफ्तार बरकरार रहने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है तो वित्त वर्ष 2026-27 वोल्टास के लिए अब तक के सबसे सफल वर्षों में शामिल हो सकता है।
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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


