भारत की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनियों में शामिल Jio Platforms ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ (Jio IPO) के लिए DRHP दाखिल कर दिया है। बाजार में चर्चा है कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 37,700 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। लेकिन इस आईपीओ से सिर्फ रिलायंस समूह ही नहीं, बल्कि दुनिया की दो दिग्गज टेक कंपनियां — Meta Platforms और Google — भी भारी मुनाफा कमा सकती हैं।
भारत का सबसे बड़ा IPO बनने की तैयारी
ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स करीब 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। यह कंपनी की पोस्ट-इश्यू इक्विटी पूंजी का लगभग 2.9 प्रतिशत हिस्सा होगा। खास बात यह है कि यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा, यानी मौजूदा निवेशक अपने शेयर नहीं बेचेंगे।
कंपनी द्वारा जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा उसकी टेलीकॉम इकाई Reliance Jio Infocomm Limited के कर्ज को कम करने में इस्तेमाल किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार करीब 27,500 करोड़ रुपये ऋण भुगतान और प्रीपेमेंट में लगाए जा सकते हैं, जबकि बाकी रकम कारोबारी विस्तार और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगी।
जियो में सबसे बड़ी हिस्सेदारी किसकी?
जियो प्लेटफॉर्म्स में सबसे बड़ी हिस्सेदारी उसकी मूल कंपनी Reliance Industries Limited के पास है। विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक रिलायंस की हिस्सेदारी लगभग 66-67 प्रतिशत के बीच है।
वर्ष 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स ने वैश्विक निवेशकों से रिकॉर्ड निवेश जुटाया था। इसी दौरान Meta और Google समेत कई अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने कंपनी में बड़ा दांव लगाया था।
Meta ने लगाया था 43 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा
जियो प्लेटफॉर्म्स में Meta की हिस्सेदारी करीब 9.99 प्रतिशत है। कंपनी ने इसके लिए लगभग 43,574 करोड़ रुपये का निवेश किया था। उस समय यह निवेश भारतीय डिजिटल सेक्टर के सबसे बड़े विदेशी निवेशों में शामिल था।
यदि जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन आईपीओ के बाद अनुमानित स्तर तक पहुंचता है, तो Meta के निवेश की वैल्यू कई गुना बढ़ सकती है। यही वजह है कि निवेशक इस आईपीओ को Meta के लिए भी बड़ा वैल्यू-अनलॉकिंग इवेंट मान रहे हैं।
Google के निवेश पर भी लग सकता है जैकपॉट
Google ने जियो प्लेटफॉर्म्स में करीब 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए लगभग 33,737 करोड़ रुपये का निवेश किया था। कंपनी का उद्देश्य भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में अपनी पकड़ मजबूत करना और जियो के साथ मिलकर सस्ते स्मार्टफोन व डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना था।
अब यदि जियो का बाजार मूल्यांकन आईपीओ के बाद तेजी से बढ़ता है, तो Google के निवेश का मूल्य भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकता है।
Jio Platforms की वैल्यू कितनी हो सकती है?
बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि आईपीओ के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन करीब 137 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो कंपनी भारत की सबसे मूल्यवान टेक और डिजिटल कंपनियों में अपनी स्थिति और मजबूत कर लेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि जियो का विशाल ग्राहक आधार, 5G नेटवर्क, डिजिटल सेवाएं, फाइबर ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज कारोबार कंपनी की वैल्यूएशन को मजबूती दे सकते हैं।
Meta और Google के अलावा किन निवेशकों ने लगाया है पैसा?
जियो प्लेटफॉर्म्स में Meta और Google के अलावा कई वैश्विक निवेशकों की हिस्सेदारी भी है। इनमें प्रमुख नाम हैं:
- Silver Lake
- Vista Equity Partners
- General Atlantic
- KKR
- Mubadala Investment Company
- Abu Dhabi Investment Authority
- TPG
- L Catterton
- Public Investment Fund
- Intel Capital
- Qualcomm Ventures
निवेशकों के लिए क्यों अहम है Jio IPO?
जियो IPO सिर्फ एक शेयर बिक्री नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी लिस्टिंग में से एक माना जा रहा है। इससे न केवल रिलायंस समूह की डिजिटल रणनीति को नई गति मिलेगी, बल्कि Meta, Google और अन्य वैश्विक निवेशकों के निवेश का वास्तविक मूल्य भी सामने आ सकेगा। यदि बाजार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो यह भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास की सबसे चर्चित लिस्टिंग में शामिल हो सकता है।


