नई दिल्ली: पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Tata Power को कर्नाटक में एक बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसे REC Power Development and Consultancy Limited (आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई) से एक महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन परियोजना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) प्राप्त हुआ है। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी लगभग 250 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन विकसित करेगी।
इस खबर के बाद निवेशकों की नजर टाटा पावर के शेयर पर बनी हुई है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 402.50 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में 403.70 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि दोपहर के कारोबार में इसमें हल्की कमजोरी देखने को मिली।
क्या है पूरा प्रोजेक्ट?
टाटा पावर इस परियोजना के लिए ‘Ryapte Power Transmission Limited’ नामक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) का अधिग्रहण करेगी। यह परियोजना Build-Own-Operate-Transfer (BOOT) मॉडल पर विकसित की जाएगी। इसके तहत कंपनी ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करेगी, उसका संचालन करेगी और निर्धारित अवधि के बाद उसे हस्तांतरित करेगी।
कंपनी को इस परियोजना से अगले 35 वर्षों तक ट्रांसमिशन सेवाएं प्रदान करने का अधिकार मिलेगा, जिससे उसे स्थिर और दीर्घकालिक राजस्व प्राप्त होगा।
हर साल मिलेगी ₹521 करोड़ से ज्यादा आय
यह प्रोजेक्ट टाटा पावर के लिए आर्थिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी को इससे ₹521.07 करोड़ का वार्षिक ट्रांसमिशन शुल्क (Annual Transmission Charges) प्राप्त होगा। लंबी अवधि के इस अनुबंध से कंपनी की नकदी प्रवाह (Cash Flow) और ट्रांसमिशन कारोबार दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
परियोजना को पूरा करने के लिए 30 महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है। यह अवधि एसपीवी के हस्तांतरण की प्रभावी तिथि से शुरू होगी।
कर्नाटक में बिछेगी 250 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइन
इस परियोजना के तहत कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में करीब 250 किलोमीटर लंबा ट्रांसमिशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसमें शामिल हैं:
- 400 kV डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन
- 220 kV डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन
- 220 kV अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क
इसके अलावा कंपनी दो बड़े सब-स्टेशन भी स्थापित करेगी:
- रायप्टे (Tumakuru) में 400/220 kV सब-स्टेशन
- डोड्डाथगल्ली (Hoskote के पास) में 400/220 kV GIS सब-स्टेशन
कई इलाकों को मिलेगा बेहतर ग्रिड कनेक्शन
नई ट्रांसमिशन लाइन के जरिए रायप्टे, डोड्डाथगल्ली, कोलार, एकराजपुरा और सरजापुर जैसे क्षेत्रों को मजबूत बिजली ग्रिड कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ने और भविष्य की ऊर्जा मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
टाटा पावर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सौदा?
भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के साथ मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट टाटा पावर के ट्रांसमिशन पोर्टफोलियो को मजबूत करेगा और कंपनी को अगले कई दशकों तक स्थिर आय का स्रोत उपलब्ध कराएगा।
स्रोत: BSE Filing
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


