Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 3 अगस्त को शानदार तेजी के साथ कारोबार समाप्त किया। आईटी, एफएमसीजी, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में जोरदार खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी, रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार की धारणा को बेहतर बनाया। अब निवेशकों की नजर 4 अगस्त के कारोबार और आगामी RBI मौद्रिक नीति बैठक पर रहेगी।
बाजार में रही चौतरफा खरीदारी
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 544.39 अंक (0.70%) की बढ़त के साथ 78,639.03 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 390.70 अंक (1.60%) चढ़कर 24,774.30 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार की चौड़ाई भी मजबूत रही।
- बढ़ने वाले शेयर: 2,705
- गिरने वाले शेयर: 1,496
- बिना बदलाव वाले शेयर: 185
यह संकेत देता है कि खरीदारी सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक बाजार में देखने को मिली।
इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती
निफ्टी के टॉप गेनर्स
- इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo)
- TCS
- इंफोसिस
- श्रीराम फाइनेंस
- ग्रासिम इंडस्ट्रीज
टॉप लूजर्स
- सन फार्मा
- अपोलो हॉस्पिटल्स
- मारुति सुजुकी
- ONGC
- टेक महिंद्रा
सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी सबसे आगे
सोमवार के कारोबार में निफ्टी मीडिया को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।
मुख्य प्रदर्शन:
- निफ्टी IT इंडेक्स में 3% से अधिक की तेजी
- FMCG शेयरों में अच्छी खरीदारी
- बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर मजबूत
- फार्मा शेयरों में मुनाफावसूली
ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूती देखने को मिली।
- निफ्टी मिडकैप 100 लगभग 1.2% चढ़ा
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी करीब 1.2% मजबूत हुआ
बाजार क्यों चढ़ा?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, बाजार को कई सकारात्मक संकेत मिले।
मुख्य वजहें:
- अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद बढ़ी।
- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।
- महंगाई को लेकर चिंता कम हुई।
- कॉर्पोरेट अर्निंग्स बेहतर रहने की उम्मीद मजबूत हुई।
- विदेशी निवेशकों (FII) की खरीदारी लौटी।
- रुपये में मजबूती आई।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी उभरते बाजारों में विदेशी निवेश के लिए जोखिम बनी हुई है।
RBI पॉलिसी पर टिकी निवेशकों की नजर
विश्लेषकों का मानना है कि पहली तिमाही (Q1) के कॉर्पोरेट नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। खासतौर पर स्मॉलकैप कंपनियों का प्रदर्शन लार्जकैप और मिडकैप कंपनियों से बेहतर रहा।
अब निवेशकों की नजर रहेगी:
- RBI की मौद्रिक नीति बैठक
- महंगाई के आंकड़े
- लिक्विडिटी की स्थिति
- ब्याज दरों पर केंद्रीय बैंक की टिप्पणी
फिलहाल बाजार को ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम दिखाई दे रही है।
4 अगस्त के लिए निफ्टी पर क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह
सुदीप शाह के अनुसार,
- 24,920–24,950 निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस है।
- यदि यह स्तर मजबूती से पार होता है तो निफ्टी 25,100 तक जा सकता है।
- इसके बाद 25,250 का स्तर भी संभव है।
वहीं नीचे की ओर,
- 24,630–24,600 का जोन मजबूत सपोर्ट रहेगा।
रूपक डे (LKP सिक्योरिटीज)
रूपक डे का कहना है कि निफ्टी फिलहाल 200-Day Moving Average (200 DMA) के पास पहुंच चुका है, जो एक महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर है।
उनके अनुसार दो संभावनाएं बनती हैं:
पहली
यदि निफ्टी यहां रुकता है तो इसमें मुनाफावसूली आ सकती है और इंडेक्स 24,400 तक फिसल सकता है।
दूसरी
यदि निफ्टी 24,800 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो नई खरीदारी शुरू हो सकती है और इंडेक्स 25,000 से 25,350 तक जा सकता है।
बैंक निफ्टी पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
वत्सल भुवा (LKP सिक्योरिटीज)
वत्सल भुवा के अनुसार बैंक निफ्टी में मजबूत तकनीकी ब्रेकआउट देखने को मिला है।
मुख्य संकेत:
- 20-DMA और 200-DMA के ऊपर क्लोजिंग
- बुलिश कैंडलस्टिक पैटर्न
- 57,500 का प्रमुख रेजिस्टेंस टूटा
- RSI में बुलिश क्रॉसओवर
उनका मानना है कि फिलहाल “गिरावट पर खरीदारी” की रणनीति बेहतर रहेगी।
सपोर्ट: 57,450–57,400
रेजिस्टेंस: 58,200 और 58,500
सुदीप शाह की बैंक निफ्टी पर राय
सुदीप शाह के अनुसार,
- बैंक निफ्टी ने पांच दिनों के कंसोलिडेशन से ऊपर क्लोजिंग दी है।
- ADX इंडिकेटर में DI+ ने DI- को पार किया है, जो तेजी का संकेत देता है।
आगे के प्रमुख स्तर:
रेजिस्टेंस
- 58,700–58,800
- इसके ऊपर 59,200
- फिर 59,500
सपोर्ट
- 57,800–57,700
4 अगस्त के लिए Market Outlook
तकनीकी संकेतकों और वैश्विक माहौल को देखते हुए फिलहाल बाजार की धारणा सकारात्मक बनी हुई है। यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो निफ्टी 25,000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। हालांकि 24,920–24,950 और 24,800 के स्तरों पर बाजार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी। दूसरी ओर, यदि मुनाफावसूली बढ़ती है तो 24,600–24,400 का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।
डिस्क्लेमर
शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। इस लेख में दिए गए विचार विभिन्न मार्केट एक्सपर्ट्स के निजी विश्लेषण पर आधारित हैं। NewsJagran.in किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


