नई दिल्ली। अगर आप किसी पैकेट पर “Zero Maida”, “Healthy”, “True Vitamin” या “Organic” लिखा देखकर उसे बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक मान लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कई फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को ऐसे दावों और ब्रांड नामों के लिए नोटिस जारी किया है जो ग्राहकों को गुमराह कर सकते हैं।
HighLights
- FSSAI ने कई फूड ब्रांड्स को नोटिस जारी किए
- ‘Zero Maida’, ‘True Vitamin’ और ‘Healthy’ जैसे दावों पर सवाल
- उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले नामों और लेबलिंग पर कार्रवाई
- इमामी, हेल्थ फैक्ट्री, न्यूहर्ब्स समेत कई कंपनियां जांच के दायरे में
FSSAI का कहना है कि कई कंपनियां अपने उत्पादों को अधिक आकर्षक दिखाने के लिए ऐसे शब्दों का उपयोग कर रही हैं जिनकी नियामकीय मान्यता नहीं है या जिनसे उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति को लेकर गलत संदेश मिल सकता है। प्राधिकरण ने कंपनियों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 तथा लेबलिंग एवं डिस्प्ले नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
FSSAI ने क्यों शुरू की कार्रवाई?
हाल के वर्षों में हेल्थ, ऑर्गेनिक और न्यूट्रिशन से जुड़े उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी ट्रेंड का फायदा उठाने के लिए कई कंपनियां अपने पैकेजिंग और ब्रांडिंग में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं जो उपभोक्ताओं को उत्पाद के बारे में गलत धारणा दे सकते हैं।
FSSAI का मानना है कि किसी भी खाद्य उत्पाद पर किया गया दावा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और नियमों के अनुरूप होना चाहिए। यदि कोई दावा उपभोक्ता को भ्रमित करता है तो वह नियामकीय कार्रवाई के दायरे में आता है।
‘True Vitamin’ और ‘Healthy’ जैसे दावों पर सवाल
FSSAI ने Neuherbs True Vitamin ब्रांड को नोटिस भेजते हुए कहा कि “True Vitamin” शब्दावली नियमों में परिभाषित नहीं है। ऐसे में उपभोक्ता इसे किसी विशेष पोषण लाभ के रूप में समझ सकते हैं, जबकि इसकी कोई आधिकारिक मान्यता नहीं है।
इसी तरह Healthy Master, Vision to Serve Healthy, Healthy Choice और Health Aid जैसे ब्रांड नामों पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि केवल नाम में “Healthy” शब्द जोड़ देना किसी उत्पाद को स्वास्थ्यवर्धक साबित नहीं करता।
‘Zero Maida’ ब्रांड पर भी कार्रवाई
FSSAI की कार्रवाई में सबसे चर्चित नाम The Health Factory का है। कंपनी के Zero Maida Whole Wheat Bread और Zero Maida Pizza Base को लेकर नोटिस जारी किया गया है।
प्राधिकरण के अनुसार इन उत्पादों में गेहूं आधारित सामग्री और व्हीट ग्लूटेन मौजूद है। ऐसे में “Zero Maida” जैसा दावा उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है। FSSAI का मानना है कि पैकेजिंग पर लिखा गया दावा उत्पाद की वास्तविक संरचना से मेल खाना चाहिए।
Vegan उत्पादों को लेकर भी उठे सवाल
PLAN B Plant Based Vegan नाम से बिक रहे कुछ उत्पादों को लेकर भी FSSAI ने आपत्ति जताई है। नियामक के अनुसार इन उत्पादों के पास आवश्यक Vegan Food Endorsement और संबंधित मंजूरी उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में “Vegan” शब्द का इस्तेमाल ग्राहकों को यह विश्वास दिला सकता है कि उत्पाद पूरी तरह वीगन मानकों पर खरे उतरते हैं, जबकि इसके लिए आवश्यक अनुमोदन मौजूद नहीं है।
ऑर्गेनिक ब्रांड्स भी जांच के घेरे में
FSSAI ने कई ऐसे ब्रांड्स को भी नोटिस भेजा है जो अपने नाम में “Organic” शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इनमें प्रमुख रूप से:
- Organic Wisdom
- Shine Organic
- Two Brothers Organic Farms
- World of Organic
शामिल हैं।
प्राधिकरण के अनुसार इन उत्पादों के पास आवश्यक NPOP या PGS सर्टिफिकेशन, “Jaivik Bharat” लोगो या संबंधित ऑर्गेनिक अनुमोदन नहीं पाए गए। ऐसे में उपभोक्ता इन्हें प्रमाणित ऑर्गेनिक उत्पाद समझ सकते हैं, जो नियमों के खिलाफ है।
जूस और पैकेज्ड वाटर कंपनियां भी रडार पर
FSSAI ने Storia Juice Pomegranate के नाम पर भी सवाल उठाया है। प्राधिकरण के अनुसार पैकेजिंग देखकर ग्राहक इसे शुद्ध अनार का जूस समझ सकते हैं, जबकि उत्पाद में अनार जूस कंसंट्रेट की मात्रा केवल लगभग 4 प्रतिशत बताई गई है।
वहीं Lota Water – Feel The Difference को पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर में अतिरिक्त मिनरल्स के दावे को लेकर नोटिस मिला है। FSSAI का कहना है कि ऐसे पोषक तत्वों को विशेष लाभ के रूप में प्रचारित नहीं किया जा सकता यदि वे केवल प्रोसेसिंग के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए जोड़े गए हों।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है संदेश?
FSSAI की इस कार्रवाई का सबसे बड़ा संदेश यह है कि ग्राहक केवल पैकेट पर लिखे आकर्षक शब्दों के आधार पर कोई उत्पाद न खरीदें। “Healthy”, “Natural”, “Organic”, “Zero” या “Vitamin Rich” जैसे दावों को हमेशा पोषण तालिका, सामग्री सूची और आधिकारिक प्रमाणन के साथ जांचना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि फूड लेबलिंग में पारदर्शिता बढ़ने से ग्राहकों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी और बाजार में भ्रामक दावों पर रोक लगेगी।
आगे क्या होगा?
FSSAI द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद संबंधित कंपनियों को जवाब देना होगा। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो कंपनियों को अपने ब्रांड नाम, पैकेजिंग, मार्केटिंग दावे या लेबलिंग में बदलाव करना पड़ सकता है। गंभीर मामलों में नियामकीय कार्रवाई भी संभव है।
खाद्य सुरक्षा नियामक की यह पहल उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और फूड इंडस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


