नई दिल्ली। निवेश की दुनिया में आमतौर पर सोने को सुरक्षित और बेहतर विकल्प माना जाता है, लेकिन पिछले एक साल के आंकड़े इस धारणा को चुनौती देते नजर आते हैं। जहां सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया, वहीं सिल्वर यानी चांदी आधारित म्यूचुअल फंड्स ने उससे भी कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। खासकर Silver ETF Fund of Funds (FoFs) ने पिछले एक साल में 109% से 111% तक का शानदार रिटर्न देकर निवेशकों का पैसा दोगुना से भी अधिक कर दिया।
म्यूचुअल फंड उद्योग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कई प्रमुख सिल्वर ETF FoFs ने एक साल में 110% से ज्यादा का CAGR रिटर्न दिया है। इसका मतलब है कि अगर किसी निवेशक ने एक साल पहले इनमें ₹1 लाख का निवेश किया होता, तो आज उसकी रकम ₹2 लाख से अधिक हो सकती थी।
कौन से हैं वो 5 सिल्वर फंड जिन्होंने दिया शानदार रिटर्न?
पिछले एक साल के प्रदर्शन के आधार पर सिल्वर ETF FoFs की सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें ICICI Prudential Silver ETF Fund of Fund, Nippon India Silver ETF FoF, HDFC Silver ETF FoF, Axis Silver ETF FoF और Aditya Birla Sun Life Silver ETF FoF प्रमुख हैं।
| फंड | NAV | AUM (₹ करोड़) | 1 वर्ष रिटर्न |
|---|---|---|---|
| ICICI Prudential Silver ETF FoF | ₹35.42 | 6,998.07 | 111.11% |
| Aditya Birla Silver ETF FoF | ₹35.91 | 1,391.92 | 110.83% |
| Axis Silver ETF FoF | ₹39.62 | 1,288.06 | 110.58% |
| Nippon India Silver ETF FoF | ₹35.17 | 4,846.97 | 110.11% |
| HDFC Silver ETF FoF | ₹38.04 | 4,893.85 | 109.31% |
इन आंकड़ों से साफ है कि सभी प्रमुख सिल्वर FoFs ने निवेशकों को एक साल में असाधारण रिटर्न दिया है। यह प्रदर्शन न केवल कई इक्विटी फंड्स बल्कि सोने के निवेश विकल्पों से भी बेहतर रहा है।
₹1 लाख निवेश किया होता तो कितना बनता?
अगर किसी निवेशक ने एक साल पहले इन फंड्स में ₹1 लाख का निवेश किया होता, तो आज उसकी रकम कुछ इस प्रकार होती।
| फंड | 1 वर्ष रिटर्न | ₹1 लाख की वर्तमान वैल्यू |
|---|---|---|
| ICICI Prudential Silver ETF FoF | 111.11% | ₹2,11,110 |
| Aditya Birla Silver ETF FoF | 110.83% | ₹2,10,830 |
| Axis Silver ETF FoF | 110.58% | ₹2,10,580 |
| Nippon India Silver ETF FoF | 110.11% | ₹2,10,110 |
| HDFC Silver ETF FoF | 109.31% | ₹2,09,310 |
यानी सिर्फ एक साल में निवेशकों की पूंजी लगभग दोगुनी हो गई। हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पिछले रिटर्न भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं होते।
Silver ETF FoF क्या होता है?
Silver ETF Fund of Fund एक ऐसा म्यूचुअल फंड होता है जो सीधे चांदी नहीं खरीदता बल्कि Silver ETF में निवेश करता है। इसका फायदा यह होता है कि निवेशकों को फिजिकल चांदी खरीदने, उसे सुरक्षित रखने और उसकी शुद्धता की जांच जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
इसके अलावा कम राशि से भी निवेश शुरू किया जा सकता है और निवेश पूरी तरह डिजिटल तरीके से किया जा सकता है।
चांदी में इतनी तेजी क्यों आई?
विशेषज्ञों के अनुसार चांदी अब केवल आभूषण या सजावटी धातु नहीं रह गई है। आधुनिक उद्योगों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। सोलर पैनल निर्माण में चांदी का व्यापक उपयोग होता है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी तकनीक, 5G नेटवर्क, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में भी इसकी आवश्यकता तेजी से बढ़ी है।
दुनियाभर में ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विस्तार ने भी चांदी की मांग को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर सप्लाई वृद्धि मांग के मुकाबले धीमी रही है। यही कारण है कि पिछले एक साल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला।
क्या आगे भी जारी रह सकती है तेजी?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले एक साल जैसा 100% से अधिक रिटर्न हर साल मिलना मुश्किल है। हालांकि लंबी अवधि में चांदी की मांग मजबूत बनी रहने की संभावना है क्योंकि ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था स्थिर रहती है और औद्योगिक मांग मजबूत बनी रहती है तो चांदी की कीमतों को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
निवेश से पहले जान लें ये जोखिम
सिल्वर फंड्स में निवेश करते समय जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चांदी की कीमतों में सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। वैश्विक आर्थिक मंदी, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों में बदलाव और औद्योगिक मांग में कमी जैसी परिस्थितियां चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।
इसीलिए वित्तीय सलाहकार आमतौर पर निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे अपने कुल पोर्टफोलियो का सीमित हिस्सा ही कमोडिटी आधारित निवेश में लगाएं।
निष्कर्ष
पिछले एक साल में सिल्वर ETF Fund of Funds ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। कई फंड्स ने 109% से 111% तक का रिटर्न देकर ₹1 लाख के निवेश को ₹2 लाख से अधिक में बदल दिया। बढ़ती औद्योगिक मांग और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के विस्तार ने चांदी को निवेशकों की पसंदीदा कमोडिटी बना दिया है। हालांकि निवेश से पहले जोखिम, निवेश अवधि और अपने वित्तीय लक्ष्यों का मूल्यांकन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


