नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को एक बार फिर मजबूत तेजी देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के कारण दोनों कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ गई। इसका असर भारतीय बाजार में भी साफ दिखाई दिया, जहां 24 कैरेट सोना 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच गया, जबकि चांदी 2.65 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गई।
Highlights
- 24 कैरेट सोना ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंचा।
- चांदी का भाव ₹2.65 लाख प्रति किलो के ऊपर निकला।
- अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं से बढ़ी सुरक्षित निवेश की मांग।
- MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी में जोरदार तेजी।
- विशेषज्ञों ने निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और चरणबद्ध निवेश की सलाह दी।
कीमतों में आई इस तेजी ने निवेशकों के साथ-साथ ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों का भी ध्यान खींचा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों की चाल अमेरिका-ईरान तनाव, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निर्भर करेगी।
IBJA के अनुसार कितना महंगा हुआ सोना?
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव 758 रुपये बढ़कर 1,56,294 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,55,536 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
इसी तरह 22 कैरेट सोने की कीमत 694 रुपये बढ़कर 1,43,165 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इससे पहले इसका भाव 1,42,471 रुपये था।
18 कैरेट सोना भी निवेशकों की खरीदारी से अछूता नहीं रहा। इसकी कीमत बढ़कर 1,17,221 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि पिछले सत्र में यह 1,16,652 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
चांदी में भी दिखी मजबूत चमक
सोने के साथ-साथ चांदी में भी जोरदार तेजी दर्ज की गई। IBJA के आंकड़ों के अनुसार चांदी का भाव 2,050 रुपये बढ़कर 2,65,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। इससे पहले चांदी 2,63,250 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी को केवल कीमती धातु के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि इसका औद्योगिक उपयोग भी काफी अधिक है। इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में मांग बढ़ने से चांदी की कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है।
MCX में भी जारी रही तेजी
हाजिर बाजार के साथ-साथ वायदा बाजार में भी तेजी का माहौल बना रहा। खबर लिखे जाने तक MCX पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना 0.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,60,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
वहीं 3 जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी 1.59 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,70,405 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। यह संकेत देता है कि निवेशकों का रुझान अभी भी कीमती धातुओं की ओर बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला समर्थन
वैश्विक बाजारों में भी सोना और चांदी मजबूत स्थिति में दिखाई दिए। कॉमेक्स पर सोना 0.82 प्रतिशत बढ़कर 4,543.07 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी 1.57 प्रतिशत की तेजी के साथ 76.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। सोना और चांदी ऐसे समय में सबसे पसंदीदा सुरक्षित निवेश माने जाते हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव क्यों बढ़ा रहा है कीमतें?
पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। जब भी दुनिया में युद्ध, राजनीतिक संकट या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तब निवेशक सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ रुख करते हैं।
यही वजह है कि हाल के दिनों में दोनों धातुओं में लगातार खरीदारी देखने को मिल रही है। यदि आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ता है तो कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?
यह सवाल फिलहाल हर निवेशक के मन में है। विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा स्तरों पर एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध निवेश की रणनीति बेहतर हो सकती है।
यदि किसी निवेशक का लक्ष्य 3 से 5 साल या उससे अधिक का है, तो वह SIP या नियमित अंतराल पर खरीदारी की रणनीति अपना सकता है। इससे ऊंचे स्तरों पर खरीदारी का जोखिम कम हो जाता है।
हालांकि जिन लोगों को शादी या अन्य जरूरी जरूरतों के लिए ज्वेलरी खरीदनी है, उनके लिए बाजार का सही समय पकड़ना मुश्किल होता है। ऐसे में जरूरत के अनुसार खरीदारी की जा सकती है।
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
एसकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी विशेषज्ञ जतिन त्रिवेदी के अनुसार अमेरिका-ईरान तनाव के बीच शुरुआती कमजोरी के बाद सोने में जोरदार रिकवरी देखने को मिली है। इसी वजह से कॉमेक्स गोल्ड फिर से 4,500 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सोने की दिशा मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान से जुड़ी खबरों और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
तकनीकी स्तर पर सोने के लिए 1,59,500 रुपये का सपोर्ट और 1,61,000 रुपये का रेजिस्टेंस महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह रेजिस्टेंस टूटता है तो सोने में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
आगे क्या रह सकता है ट्रिगर?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में निवेशकों की नजर इन प्रमुख कारकों पर रहेगी:
- अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी खबरें
- अमेरिकी महंगाई और रोजगार आंकड़े
- डॉलर इंडेक्स की चाल
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- वैश्विक शेयर बाजारों का रुख
यदि इन कारकों से अनिश्चितता बनी रहती है तो सोना और चांदी दोनों को समर्थन मिलता रह सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
सोने और चांदी में लंबी अवधि का निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अभी भी सकारात्मक माहौल बना हुआ है। हालांकि रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कीमतें होने के कारण अल्पकालिक उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बना रहेगा।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक जल्दबाजी में बड़ी खरीदारी करने के बजाय चरणबद्ध निवेश करें और अपने पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखें। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम ही तय करेंगे कि सोना और चांदी नई ऊंचाई बनाते हैं या फिर कुछ मुनाफावसूली देखने को मिलती है।
स्रोत: IBJA, MCX, COMEX, SKP Securities Market Commentary


