भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद निवेशकों ने आईटी शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिसके दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में बंद हुए। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 382.50 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,649.84 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 100.95 अंक यानी 0.43 प्रतिशत मजबूत होकर 23,483.55 के स्तर पर पहुंच गया।
Highlights
- सेंसेक्स 382.50 अंक चढ़कर 74,649.84 पर बंद
- निफ्टी 100.95 अंक उछलकर 23,483.55 पर पहुंचा
- निफ्टी IT इंडेक्स में 4.23% की जोरदार तेजी
- TCS, Infosys, HCL Tech और Tech Mahindra में शानदार खरीदारी
- Nvidia CEO जेन्सेन हुआंग के बयान से IT सेक्टर में लौटा भरोसा
- AI से नौकरियां खत्म होने की आशंकाओं को मिला बड़ा जवाब
मंगलवार के कारोबार में सबसे अधिक चर्चा आईटी सेक्टर की रही। पिछले कुछ महीनों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के कारण सॉफ्टवेयर कंपनियों के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों के बीच Nvidia के संस्थापक और दुनिया के सबसे प्रभावशाली टेक अरबपतियों में शामिल जेन्सेन हुआंग के एक बयान ने निवेशकों का नजरिया बदल दिया। इसके बाद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।
IT शेयरों में आई तूफानी तेजी
मंगलवार को निफ्टी IT इंडेक्स 4.23 प्रतिशत की मजबूती के साथ बाजार का सबसे बड़ा गेनर रहा। TCS, Infosys, HCL Technologies, Tech Mahindra और अन्य प्रमुख टेक कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में निवेशकों के बीच यह चिंता बढ़ रही थी कि AI तकनीक के तेजी से विस्तार से पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं की मांग प्रभावित हो सकती है। लेकिन Nvidia के CEO जेन्सेन हुआंग की टिप्पणी ने इस धारणा को चुनौती दी है।
IT शेयरों में तेजी के कारण केवल बड़े निवेशकों का भरोसा ही नहीं बढ़ा बल्कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की दिलचस्पी भी एक बार फिर टेक सेक्टर की ओर बढ़ती दिखाई दी।
जेन्सेन हुआंग ने क्या कहा?
ताइपे में आयोजित GTC Taipei 2026 कार्यक्रम के दौरान Nvidia के संस्थापक और CEO जेन्सेन हुआंग ने कहा कि AI के आने से सॉफ्टवेयर कंपनियों की जरूरत खत्म नहीं होगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि AI के विस्तार के साथ कंपनियों को अधिक इंजीनियरों, डेवलपर्स और टेक विशेषज्ञों की जरूरत पड़ेगी। AI स्वयं नए बिजनेस मॉडल और नई सेवाओं को जन्म देगा, जिससे रोजगार और अवसर दोनों बढ़ेंगे।
हुआंग के इस बयान को वैश्विक टेक उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले दो वर्षों से दुनिया भर में यह बहस चल रही थी कि AI के कारण लाखों सॉफ्टवेयर नौकरियां खत्म हो सकती हैं।
निवेशकों ने इस बयान को सकारात्मक संकेत के रूप में लिया और भारतीय IT कंपनियों में खरीदारी बढ़ा दी।
भारतीय IT कंपनियों के लिए क्यों अहम है यह बयान?
भारत दुनिया के सबसे बड़े आईटी सेवा निर्यातकों में शामिल है। TCS, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra जैसी कंपनियां अमेरिका और यूरोप की कंपनियों को टेक्नोलॉजी सेवाएं प्रदान करती हैं।
पिछले कुछ समय से निवेशकों को डर था कि AI टूल्स के कारण सॉफ्टवेयर विकास की जरूरत कम हो सकती है। लेकिन Nvidia CEO का मानना है कि AI कंपनियों के लिए अवसरों का नया दौर लेकर आएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार AI अपनाने वाली कंपनियों को नए सिस्टम, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड सेवाओं की जरूरत होगी। इन सभी क्षेत्रों में भारतीय IT कंपनियां पहले से मजबूत स्थिति में हैं।
यही वजह है कि निवेशकों ने इस बयान को भारतीय आईटी सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत माना।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स कौन रहे?
सेंसेक्स में शामिल कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे:
- TCS
- Infosys
- HCL Technologies
- Tech Mahindra
- Adani Ports
- Titan Company
इसके अलावा ITC, Asian Paints, HDFC Bank, Maruti Suzuki, Hindustan Unilever, BEL, Kotak Mahindra Bank और Indigo जैसे शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए।
किन शेयरों में रही कमजोरी?
बाजार की मजबूती के बावजूद कुछ शेयर दबाव में रहे।
प्रमुख लूजर्स में शामिल रहे:
- NTPC
- Axis Bank
- Power Grid
- Bajaj Finance
- Bajaj Finserv
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों का फोकस मंगलवार को मुख्य रूप से IT सेक्टर की ओर रहा, जिसके कारण अन्य कुछ सेक्टरों में सीमित मुनाफावसूली देखी गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी
बाजार की मजबूती केवल लार्जकैप कंपनियों तक सीमित नहीं रही।
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 114.05 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 60,942.00 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 72.50 अंक या 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,052.30 के स्तर पर पहुंच गया।
इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का भरोसा केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है बल्कि व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख बना हुआ है।
AI से नौकरियां खत्म होंगी या बढ़ेंगी?
यह सवाल पिछले दो वर्षों से टेक उद्योग में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।
कई विशेषज्ञ मानते हैं कि AI कुछ पारंपरिक और दोहराए जाने वाले कार्यों को ऑटोमेट कर सकता है। हालांकि इसके साथ ही नई तकनीकों, डेटा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग और AI इंटीग्रेशन से जुड़े लाखों नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
जेन्सेन हुआंग का ताजा बयान इसी धारणा को मजबूत करता है कि AI मानव श्रम को पूरी तरह प्रतिस्थापित करने के बजाय उसे अधिक उत्पादक बनाएगा।
भारतीय IT कंपनियां भी तेजी से AI आधारित सेवाओं में निवेश कर रही हैं। TCS, Infosys और HCLTech जैसी कंपनियां पहले ही AI प्लेटफॉर्म और समाधान विकसित करने में अरबों रुपये का निवेश कर चुकी हैं।
अब बाजार की नजर किन कारकों पर रहेगी?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में बाजार का फोकस कुछ महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों पर रहेगा।
इनमें शामिल हैं:
- आरबीआई की मौद्रिक नीति
- खुदरा और थोक मुद्रास्फीति के आंकड़े
- मानसून की प्रगति
- विदेशी निवेशकों का निवेश रुख
- अमेरिका की फेडरल रिजर्व नीति
- कच्चे तेल की कीमतें
- पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति
यदि मानसून सामान्य रहता है और मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहती है तो भारतीय बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
एक्सपर्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार बाजार शुरुआती कमजोरी से उबरकर सकारात्मक बंद हुआ, जिसमें IT सेक्टर की मजबूत बढ़त मुख्य भूमिका में रही।
उनका कहना है कि निवेशकों का ध्यान अब कॉर्पोरेट नतीजों से हटकर मैक्रोइकोनॉमिक संकेतकों पर जा रहा है। मॉनसून की स्थिति, महंगाई, RBI की नीतियां और बाजार में उपलब्ध लिक्विडिटी आगे की दिशा तय कर सकती हैं।
निष्कर्ष
मंगलवार का कारोबारी सत्र यह दिखाने के लिए काफी था कि निवेशकों का भरोसा अभी भी भारतीय IT सेक्टर पर कायम है। Nvidia CEO जेन्सेन हुआंग के बयान ने AI को लेकर बनी कई आशंकाओं को कम किया और इसका सीधा फायदा भारतीय टेक कंपनियों के शेयरों को मिला।
यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और AI आधारित निवेश का दौर जारी रहता है, तो आने वाले महीनों में भारतीय IT सेक्टर बाजार की अगली बड़ी रैली का नेतृत्व कर सकता है।


