अमेरिका में क्यों महंगी हो रही है प्राकृतिक गैस?
दुनिया भर में ऊर्जा बाजार एक बार फिर सुर्खियों में है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच अब अमेरिका में प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है। मई 2026 में अमेरिकी प्राकृतिक गैस की कीमतों में 18.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद कीमत 3.37 डॉलर प्रति MMBtu तक पहुंच गई। यह फरवरी के बाद का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती गर्मी, बिजली की मांग में उछाल, सीमित गैस भंडारण और उत्पादन में मामूली गिरावट जैसे कई कारण मिलकर कीमतों को ऊपर धकेल रहे हैं। अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस उत्पादकों में शामिल है, इसलिए वहां की कीमतों में बदलाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ता है।
क्या है MMBtu और क्यों महत्वपूर्ण है यह आंकड़ा?
MMBtu का अर्थ है Million British Thermal Units। यह ऊर्जा मापने की एक अंतरराष्ट्रीय इकाई है जिसका उपयोग प्राकृतिक गैस के व्यापार में व्यापक रूप से किया जाता है।
जब कीमत 3.37 डॉलर प्रति MMBtu तक पहुंचती है तो इसका मतलब है कि ऊर्जा उत्पादकों, बिजली कंपनियों और बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं की लागत बढ़ जाती है। यदि यह बढ़ोतरी लंबे समय तक जारी रहती है तो इसका असर आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।
गर्मी बढ़ने से अचानक क्यों बढ़ गई मांग?
अमेरिकी मौसम एजेंसियों के अनुमान के अनुसार जून के मध्य तक देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। तापमान बढ़ने पर एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ जाता है।
अमेरिका में बड़ी मात्रा में बिजली उत्पादन प्राकृतिक गैस आधारित पावर प्लांटों से होता है। जब बिजली की मांग बढ़ती है तो गैस की खपत भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि गर्मियों के दौरान प्राकृतिक गैस की कीमतों में अक्सर तेजी देखने को मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जून और जुलाई में हीटवेव की स्थिति बनती है तो गैस की मांग और बढ़ सकती है।
गैस भंडारण के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार गैस भंडारण में बढ़ोतरी बाजार की उम्मीद से कम रही है।
ऊर्जा बाजार में स्टोरेज डेटा को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जब भंडारण पर्याप्त नहीं बढ़ता तो निवेशकों को भविष्य में आपूर्ति संकट की आशंका होने लगती है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
कम स्टोरेज का मतलब यह भी है कि यदि अचानक मांग बढ़ जाए तो बाजार के पास अतिरिक्त गैस उपलब्ध नहीं होगी।
उत्पादन में गिरावट भी बनी बड़ी वजह
अमेरिका का प्राकृतिक गैस उत्पादन अप्रैल में लगभग 109.8 बिलियन क्यूबिक फीट प्रतिदिन (bcfd) था, जो मई में घटकर 109.4 bcfd रह गया।
हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन जब मांग लगातार बढ़ रही हो तब उत्पादन में छोटी कमी भी बाजार संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
ऊर्जा कंपनियां फिलहाल उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में रखरखाव और तकनीकी कारणों से उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है।
LNG निर्यात में कमी के बावजूद क्यों बढ़ी कीमत?
आमतौर पर LNG निर्यात कम होने पर घरेलू बाजार में गैस उपलब्धता बढ़ती है और कीमतों पर दबाव कम होता है। लेकिन इस बार स्थिति अलग रही।
अमेरिका के LNG निर्यात संयंत्रों में रखरखाव कार्यों के कारण गैस प्रवाह अप्रैल के रिकॉर्ड 18.8 bcfd से घटकर मई में 17.1 bcfd रह गया।
इसके बावजूद घरेलू मांग इतनी मजबूत रही कि कीमतों में गिरावट नहीं आई। इससे स्पष्ट होता है कि वर्तमान समय में अमेरिकी बाजार में मांग का दबाव आपूर्ति से कहीं अधिक है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर क्या होगा असर?
अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यातकों में शामिल है। वहां प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी आने पर अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार भी प्रभावित हो सकता है।
यूरोप और एशिया के कई देश अमेरिकी LNG पर निर्भर हैं। यदि अमेरिकी कीमतें लगातार बढ़ती हैं तो आयात करने वाले देशों की लागत भी बढ़ सकती है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में वैश्विक गैस बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
जियोपॉलिटिकल तनाव भी बढ़ा रहा दबाव
प्राकृतिक गैस और ऊर्जा बाजार केवल मांग और आपूर्ति से नहीं चलते। दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव भी कीमतों को प्रभावित करते हैं।
मध्य पूर्व में तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े घटनाक्रम और वैश्विक व्यापार मार्गों पर जोखिम ऊर्जा बाजार की अनिश्चितता को बढ़ाते हैं। निवेशक ऐसी परिस्थितियों में भविष्य की संभावित कमी को देखते हुए खरीदारी बढ़ा देते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है।
क्या आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें?
विश्लेषकों के अनुसार यदि अगले दो से तीन सप्ताह तक अमेरिका में तापमान सामान्य से अधिक रहता है और गैस भंडारण अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंचता है तो कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है।
हालांकि यदि उत्पादन बढ़ता है या मौसम अनुमान से ठंडा रहता है तो बाजार में कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल ऊर्जा बाजार की नजर जून और जुलाई के मौसम आंकड़ों तथा EIA की अगली स्टोरेज रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
निष्कर्ष
अमेरिका में प्राकृतिक गैस की कीमतों में मई के दौरान 18.9% की तेज बढ़ोतरी केवल एक स्थानीय घटना नहीं है। इसके पीछे बढ़ती गर्मी, मजबूत बिजली मांग, सीमित भंडारण, उत्पादन में कमी और वैश्विक ऊर्जा बाजार की अनिश्चितता जैसे कई कारण जिम्मेदार हैं। दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा बाजारों में से एक होने के कारण अमेरिका में होने वाले ऐसे बदलावों का असर अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों और ऊर्जा लागत पर भी देखने को मिल सकता है।
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