नई दिल्ली। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Inox Wind Ltd के शेयरों में सोमवार, 1 जून को भारी बिकवाली देखने को मिली। कमजोर तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों ने स्टॉक से दूरी बनानी शुरू कर दी, जिसके चलते कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 8 फीसदी तक टूट गया। कुछ समय पहले तक 100 रुपये के आसपास कारोबार करने वाला यह शेयर अब 90 रुपये के नीचे फिसल चुका है और तकनीकी चार्ट पर भी कमजोरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
Highlights
- Inox Wind के शेयर 1 जून को 8% तक टूटे
- Q4 FY26 में कंपनी का मुनाफा 45% घटा
- ₹86 का अहम सपोर्ट लेवल टूटा
- एक्सपर्ट ने ₹70 तक गिरावट की आशंका जताई
- ₹105-110 का दायरा बना बड़ा रेजिस्टेंस
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। यही वजह है कि स्टॉक में लगातार दबाव बना हुआ है। तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि यदि मौजूदा स्तरों पर खरीदारी नहीं आती है तो शेयर में आगे और गिरावट देखने को मिल सकती है।
1 जून को क्यों टूटा Inox Wind का शेयर?
सोमवार को Inox Wind का शेयर पिछले कारोबारी सत्र के 93 रुपये के बंद भाव के मुकाबले 89.48 रुपये पर खुला। बाजार खुलते ही शेयर में बिकवाली का दबाव बढ़ा और यह 85.61 रुपये तक फिसल गया। इस दौरान शेयर में करीब 8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनी के मार्च तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे रहे। निवेशकों को उम्मीद थी कि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग का फायदा कंपनी को मिलेगा, लेकिन तिमाही नतीजों ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
Q4 FY26 में कितना रहा कंपनी का मुनाफा?
कंपनी द्वारा जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में Inox Wind का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 105.68 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 190 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। इस प्रकार कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर लगभग 45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मुनाफे में इतनी बड़ी कमी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी और शेयर पर दबाव बन गया। विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी ग्रोथ कंपनी के लिए लगातार मुनाफा बढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण होता है। जब लाभ में इतनी बड़ी गिरावट दिखाई देती है तो बाजार भविष्य की कमाई को लेकर सतर्क हो जाता है और इसका असर शेयर कीमत पर दिखाई देता है।
पिछले दो वर्षों से दबाव में है शेयर
Inox Wind के शेयर का प्रदर्शन पिछले दो वर्षों से बहुत उत्साहजनक नहीं रहा है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में सरकार के बड़े लक्ष्यों और निवेश योजनाओं के बावजूद कंपनी का शेयर लगातार उतार-चढ़ाव और दबाव का सामना कर रहा है। बाजार में कई निवेशक इस उम्मीद के साथ स्टॉक में बने रहे कि भारत में विंड एनर्जी की मांग बढ़ने से कंपनी को फायदा मिलेगा। हालांकि, कमजोर वित्तीय प्रदर्शन और तकनीकी कमजोरी के कारण शेयर अपेक्षित रिटर्न देने में सफल नहीं हो पाया। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सेक्टर की सकारात्मक कहानी किसी स्टॉक को ऊपर नहीं ले जा सकती। इसके लिए कंपनी की कमाई, ऑर्डर बुक, मार्जिन और नकदी प्रवाह का मजबूत होना भी जरूरी है।
एक्सपर्ट ने क्यों दी बिकवाली की सलाह?
एक्सिस सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च राजेश पालविया ने Inox Wind पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि तकनीकी चार्ट पर स्टॉक अभी भी कमजोर नजर आ रहा है और इसमें रिकवरी के संकेत स्पष्ट नहीं हैं। उनके अनुसार, निवेशकों को किसी भी उछाल का इस्तेमाल मुनाफावसूली या एग्जिट के अवसर के रूप में करना चाहिए। जब तक शेयर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर मजबूती से टिक नहीं जाता, तब तक इसमें नई खरीदारी से बचना बेहतर हो सकता है।
₹105-110 बना बड़ा रेजिस्टेंस
राजेश पालविया के अनुसार, 105 रुपये से 110 रुपये का दायरा Inox Wind के लिए एक मजबूत सप्लाई जोन बन चुका है। पिछले कई महीनों से जब भी शेयर इस स्तर के करीब पहुंचा है, वहां से बिकवाली देखने को मिली है। तकनीकी विश्लेषण में ऐसे क्षेत्रों को रेजिस्टेंस जोन कहा जाता है, जहां बड़ी संख्या में निवेशक अपने शेयर बेचने का निर्णय लेते हैं। इसलिए यदि भविष्य में शेयर इस स्तर तक पहुंचता है तो वहां फिर से दबाव देखने को मिल सकता है।
₹86 का सपोर्ट टूटने का क्या मतलब है?
तकनीकी चार्ट के अनुसार 86 रुपये का स्तर शेयर के लिए बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा था। सोमवार को यह स्तर टूट गया, जिसे तकनीकी दृष्टि से नकारात्मक संकेत माना जाता है। जब कोई महत्वपूर्ण सपोर्ट टूटता है तो कई ट्रेडर्स और निवेशक अपनी पोजीशन कम करना शुरू कर देते हैं। इससे शेयर में गिरावट का दबाव और बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 86 रुपये के नीचे टिकने की स्थिति में शेयर के लिए अगला प्रमुख लक्ष्य 70 रुपये के आसपास दिखाई देता है। यही कारण है कि बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
भारत के विंड एनर्जी सेक्टर का भविष्य कैसा है?
हालांकि अल्पकाल में Inox Wind के शेयर दबाव में हैं, लेकिन भारत का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर लंबी अवधि में मजबूत संभावनाओं वाला माना जाता है। केंद्र सरकार 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में बड़ा विस्तार करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। देश में सौर ऊर्जा के साथ-साथ विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर भी लगातार निवेश बढ़ रहा है। कई राज्यों में नई परियोजनाओं को मंजूरी मिल रही है, जिससे भविष्य में विंड टरबाइन निर्माताओं और डेवलपर्स को फायदा हो सकता है।
हालांकि निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि किसी सेक्टर का सकारात्मक आउटलुक और किसी कंपनी का शेयर प्रदर्शन हमेशा एक जैसा नहीं होता। कंपनी-विशिष्ट जोखिम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार Inox Wind में निवेश करने वाले निवेशकों को केवल शेयर कीमत पर ध्यान नहीं देना चाहिए। कंपनी की ऑर्डर बुक, राजस्व वृद्धि, मार्जिन, नकदी स्थिति और भविष्य की परियोजनाओं पर भी नजर रखनी चाहिए। यदि आने वाली तिमाहियों में कंपनी बेहतर वित्तीय प्रदर्शन दिखाती है और मुनाफे की वृद्धि दोबारा शुरू होती है, तो शेयर में सुधार की संभावना बन सकती है। लेकिन फिलहाल तकनीकी और मौलिक दोनों संकेत सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
निष्कर्ष
Q4 FY26 के कमजोर नतीजों के बाद Inox Wind के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है। मुनाफे में 45 प्रतिशत की कमी और महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल टूटने से बाजार की धारणा कमजोर हुई है। तकनीकी विशेषज्ञ फिलहाल इस शेयर पर सतर्क रुख अपनाने की सलाह दे रहे हैं और 70 रुपये तक गिरावट की संभावना से इनकार नहीं कर रहे। हालांकि लंबी अवधि में भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन निवेशकों को कंपनी के आगामी नतीजों और बिजनेस प्रदर्शन पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
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