NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    home-insurance-benefits-fire-protection-financial-security
    एक चिंगारी और सब कुछ राख! क्यों हर घर के लिए जरूरी है होम इंश्योरेंस, जानिए एक्सपर्ट की राय
    30 मई 2026
    sugarcane-control-order-2026-draft-withdrawn-farmers-relief
    Sugarcane Farmers News: किसानों की बड़ी जीत! केंद्र सरकार ने वापस लिया गन्ना नियंत्रण आदेश 2026 का मसौदा, जानिए क्या होगा असर
    30 मई 2026
    hindustan-zinc-paid-rs-18846-crore-to-government-rampura-agucha-world-largest-zinc-mine
    Vedanta की इस कंपनी ने रचा इतिहास, सरकारी खजाने में दिए ₹18,846 करोड़; Rampura Agucha बनी दुनिया की नंबर-1 जिंक खदान
    30 मई 2026
    india-us-trade-deal-99-percent-complete-sergio-gore-iit-delhi-update
    India-US Trade Deal 99% पूरी! IIT दिल्ली में अमेरिकी राजदूत का बड़ा दावा, जानिए भारत की अर्थव्यवस्था को कितना होगा फायदा
    30 मई 2026
    made-in-india-insult-ardeshir-godrej-success-story-godrej-industries
    ‘मेड इन इंडिया’ का अपमान बना करोड़ों के साम्राज्य की नींव, एक ताले से अंग्रेजों को दिया जवाब; आज ₹37,294 करोड़ का बिजनेस
    30 मई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    cng-prices-hike-mgl-cng-png-price-increase-mumbai-may-2026
    CNG Prices Hike: सीएनजी ₹2 प्रति किलो महंगी, PNG के दाम भी बढ़े; जानिए आम लोगों की जेब पर कितना पड़ेगा असर
    30 मई 2026
    gold-silver-price-today-30-may-2026-gold-rate-silver-price-city-wise
    Gold Silver Price Today: चांदी में 5,000 रुपये की जबरदस्त छलांग, सोना भी चमका, जानिए आपके शहर में आज का भाव
    30 मई 2026
    gold-silver-price-today-may-29-gold-silver-rate-fall-city-wise-price
    Gold Silver Price Today May 29: सोना ₹700 और चांदी ₹1,500 से ज्यादा सस्ती, क्या खरीदारी का सही मौका आ गया?
    29 मई 2026
    crude-oil-price-today
    Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
    28 मई 2026
    png-price-today
    PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
    28 मई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    avi-polymers-stock-split-bonus-issue-multibagger-penny-stock-upper-circuit
    Multibagger Penny Stock: 140% रिटर्न देने वाले इस शेयर में मची खरीदारी, अब स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर का ऐलान, अपर सर्किट में फंसा स्टॉक
    30 मई 2026
    cmr-green-technologies-ipo-gmp-price-band-lot-size-listing-gain-hindi
    1 महीने का सूखा खत्म! 3 जून से खुल रहा CMR Green Technologies IPO, GMP में उछाल; जानें कितना हो सकता है मुनाफा
    30 मई 2026
    dividend-stocks-next-week-reliance-cipla-hdfc-amc-dividend-june-2026
    Dividend Stocks Next Week: रिलायंस से सिप्ला तक, अगले हफ्ते इन शेयरों में मिलेगा डिविडेंड; HDFC AMC दे रही ₹54 प्रति शेयर
    30 मई 2026
    ipo-gmp-today-merritronix-cmr-green-technologies-q-line-biotec
    IPO GMP Today: Merritronix, CMR Green Technologies और Q-Line Biotec बने निवेशकों की पहली पसंद
    30 मई 2026
    suzlon-energy-sebi-penalty-rs-29-crore-share-price-impact-monday
    Suzlon Energy के लिए आई बड़ी मुश्किल, SEBI ने लगाया ₹29 करोड़ का जुर्माना; सोमवार को शेयर में दिख सकती है भारी हलचल
    30 मई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Gold Demand: 15% इंपोर्ट ड्यूटी से हिला सोने का बाजार, 70% घटी मांग; ज्वेलर्स की बढ़ी चिंता, ग्राहकों ने बनाई दूरी
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Gold Demand: 15% इंपोर्ट ड्यूटी से हिला सोने का बाजार, 70% घटी मांग; ज्वेलर्स की बढ़ी चिंता, ग्राहकों ने बनाई दूरी

Namam Sharma
Last updated: 2026/05/30 at 4:17 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
11 Min Read
gold-demand-falls-70-percent-after-import-duty-hike-india
SHARE

नई दिल्ली। भारत में सोने की बढ़ती कीमतों और आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी का असर अब साफ तौर पर बाजार में दिखाई देने लगा है। ज्वेलरी उद्योग से जुड़े संगठनों और बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने पर आयात शुल्क बढ़ाए जाने के बाद देश में इसकी मांग में करीब 70 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालात ऐसे हैं कि जहां पिछले वर्ष इसी अवधि में देशभर में लगभग 25 टन सोने की खरीद हुई थी, वहीं इस बार यह आंकड़ा घटकर केवल 7.5 टन के आसपास पहुंच गया है।

Contents
सोने पर बढ़ा कर भार बना मांग में गिरावट की बड़ी वजहआंकड़ों में समझिए कितनी घटी मांगक्यों बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी?महंगाई ने भी बढ़ाई मुश्किलेंरिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमतेंदक्षिण भारत में भी कमजोर पड़ी मांगपुराने गहने बेचने वालों की संख्या बढ़ीछोटे ज्वेलर्स सबसे ज्यादा प्रभावितवर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने क्या कहा?निवेशकों के लिए क्या संकेत?आगे क्या होगा?निष्कर्षFAQsसोने की मांग में 70% गिरावट क्यों आई?सोने पर कुल टैक्स कितना हो गया है?क्या लोग नया सोना खरीदने के बजाय पुराना बेच रहे हैं?क्या सोने की कीमतें आगे और बढ़ सकती हैं?छोटे ज्वेलर्स पर इसका कितना असर पड़ा है?

सोना भारतीय परिवारों के लिए सिर्फ निवेश का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा भी माना जाता है। शादी-ब्याह, त्योहार और विशेष अवसरों पर सोने की खरीदारी लंबे समय से भारतीय बाजार की पहचान रही है। लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों और कर भार ने ग्राहकों की खरीद क्षमता को प्रभावित किया है, जिसके कारण बाजार में सुस्ती देखने को मिल रही है।

सोने पर बढ़ा कर भार बना मांग में गिरावट की बड़ी वजह

सरकार द्वारा 13 मई से सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले ने बाजार की दिशा बदल दी। पहले जहां सोने पर कुल कर भार अपेक्षाकृत कम था, वहीं नई व्यवस्था लागू होने के बाद आयात शुल्क और GST को मिलाकर कुल टैक्स भार लगभग 18.45 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर सोने की खुदरा कीमतों पर पड़ा। ज्वेलर्स को अधिक लागत पर सोना खरीदना पड़ रहा है, जिसका बोझ अंततः ग्राहकों तक पहुंच रहा है। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने नई खरीदारी टालने का फैसला किया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि टैक्स बढ़ने के बाद बाजार में फुटफॉल में उल्लेखनीय गिरावट आई है। छोटे शहरों और कस्बों में यह असर और अधिक देखने को मिला है।

आंकड़ों में समझिए कितनी घटी मांग

अवधिसोने की अनुमानित मांग
मई 2025 (समान अवधि)लगभग 25 टन
मई 2026 (27 मई तक)लगभग 7.5 टन
कुल गिरावटकरीब 70%

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उपभोक्ता अब सोने की खरीदारी को लेकर पहले की तुलना में अधिक सतर्क हो गए हैं।

क्यों बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी?

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं है। इसके पीछे कई व्यापक आर्थिक कारण भी हैं। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में शामिल है। जब देश बड़ी मात्रा में सोना आयात करता है तो विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है और डॉलर की मांग भी बढ़ती है। ऐसे में सरकार आयात को नियंत्रित करने के लिए शुल्क बढ़ाने जैसे कदम उठाती है। विशेषज्ञों के अनुसार सरकार के प्रमुख उद्देश्य निम्न रहे हैं— सोने के आयात को नियंत्रित करना, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना, चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit) को सीमित रखना, अनावश्यक आयात पर निर्भरता घटाना. हालांकि इन कदमों का असर उपभोक्ताओं और ज्वेलरी उद्योग पर भी पड़ता है।

महंगाई ने भी बढ़ाई मुश्किलें

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल आयात शुल्क ही मांग में गिरावट की वजह नहीं है। बढ़ती महंगाई ने भी लोगों की जेब पर दबाव बढ़ाया है। ईंधन, खाद्य पदार्थ, परिवहन और घरेलू खर्चों में वृद्धि के कारण परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हुआ है। ऐसे माहौल में सोने जैसी महंगी खरीदारी को लोग टालना पसंद कर रहे हैं। मध्यम वर्ग के उपभोक्ता फिलहाल आवश्यक खर्चों को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही कारण है कि बाजार में महंगे आभूषणों की मांग पहले की तुलना में कमजोर हुई है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमतें

सोने की कीमतें पहले ही ऐतिहासिक ऊंचाई के करीब पहुंच चुकी हैं। मुंबई के स्पॉट मार्केट में 999 शुद्धता वाला सोना करीब 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक कारोबार करता देखा गया। जब कीमतें इतनी ऊंची होती हैं तो ग्राहकों का व्यवहार भी बदल जाता है। पहले जहां लोग भारी सोने के सेट खरीदते थे, वहीं अब हल्के वजन की ज्वेलरी को प्राथमिकता दी जा रही है। ज्वेलर्स का कहना है कि ग्राहक 24 कैरेट की जगह 22 कैरेट और 18 कैरेट ज्वेलरी में अधिक रुचि दिखा रहे हैं ताकि कुल लागत कम रखी जा सके।

दक्षिण भारत में भी कमजोर पड़ी मांग

दक्षिण भारत को देश के सबसे बड़े स्वर्ण उपभोक्ता क्षेत्रों में गिना जाता है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सोने की खरीदारी पारंपरिक रूप से मजबूत रहती है। लेकिन इस बार इन राज्यों में भी मांग कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक बजट के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं और अतिरिक्त खर्च से बच रहे हैं। शादी-विवाह के मौसम में भी अपेक्षित मांग नहीं देखने को मिली, जिसने बाजार की चिंता बढ़ा दी है।

पुराने गहने बेचने वालों की संख्या बढ़ी

बाजार में एक दिलचस्प बदलाव यह भी देखने को मिल रहा है कि नई ज्वेलरी खरीदने वालों की संख्या कम हुई है, जबकि पुराने गहने बेचने वालों की संख्या बढ़ रही है। कई उपभोक्ता मौजूदा ऊंची कीमतों का फायदा उठाकर अपने पुराने गहने बेच रहे हैं। इससे उन्हें नकदी प्राप्त हो रही है और ज्वेलर्स को पुनर्चक्रित सोना भी मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो यह प्रवृत्ति और तेज हो सकती है।

छोटे ज्वेलर्स सबसे ज्यादा प्रभावित

देश के स्वर्ण कारोबार का बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र से आता है। अनुमान है कि लगभग 65 प्रतिशत कारोबार छोटे और मध्यम स्तर के ज्वेलर्स के हाथ में है। बड़े ब्रांडेड ज्वेलर्स के पास पर्याप्त स्टॉक, मजबूत ब्रांड पहचान और शादी-ब्याह से जुड़ी स्थिर मांग का लाभ होता है। लेकिन छोटे कारोबारियों के लिए हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। उन्हें निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है— बिक्री में गिरावट, नकदी प्रवाह पर दबाव, स्टॉक की लागत बढ़ना, मुनाफे में कमी. कई ज्वेलर्स अब ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मेकिंग चार्ज में छूट और विशेष ऑफर देने लगे हैं।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने क्या कहा?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिसर्च हेड कविता चाको के अनुसार, आयात शुल्क बढ़ाने की घोषणा के तुरंत बाद कुछ समय के लिए घबराहट वाली खरीदारी देखने को मिली थी। कई ग्राहकों ने कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका के चलते जल्दी खरीदारी की। लेकिन शुरुआती प्रतिक्रिया के बाद बाजार में मांग कमजोर पड़ गई। यह संकेत देता है कि उपभोक्ता फिलहाल ऊंची कीमतों और बढ़े हुए कर भार को लेकर सतर्क हैं।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

सोने की मांग में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि निवेशकों का भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया है। वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति के खिलाफ सुरक्षा के रूप में सोना अभी भी एक महत्वपूर्ण निवेश विकल्प बना हुआ है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना चाहिए। इससे कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम हो सकता है।

आगे क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में सोने की मांग तीन प्रमुख कारकों पर निर्भर करेगी— वैश्विक सोने की कीमतें, घरेलू महंगाई की स्थिति, सरकार की आयात नीति. यदि सोने की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और महंगाई का दबाव जारी रहता है तो 2026 की दूसरी तिमाही में भी मांग कमजोर रह सकती है। दूसरी ओर यदि कीमतों में नरमी आती है तो त्योहारों और शादी के सीजन में मांग दोबारा बढ़ सकती है।

    निष्कर्ष

    सोने पर बढ़े आयात शुल्क और रिकॉर्ड ऊंची कीमतों ने भारतीय स्वर्ण बाजार की तस्वीर बदल दी है। मांग में 70 प्रतिशत की गिरावट इस बात का संकेत है कि उपभोक्ता फिलहाल महंगी खरीदारी से दूरी बना रहे हैं। जहां बड़े ब्रांड इस दौर का सामना करने की स्थिति में हैं, वहीं छोटे और मध्यम ज्वेलर्स के लिए चुनौती बढ़ गई है। आने वाले महीनों में सोने की कीमतों, महंगाई और सरकारी नीतियों का असर बाजार की दिशा तय करेगा। फिलहाल इतना तय है कि भारतीय स्वर्ण बाजार एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

    FAQs

    सोने की मांग में 70% गिरावट क्यों आई?

    आयात शुल्क बढ़ने, ऊंची कीमतों और महंगाई के दबाव के कारण उपभोक्ताओं ने खरीदारी कम कर दी है।

    सोने पर कुल टैक्स कितना हो गया है?

    आयात शुल्क और GST को मिलाकर कुल कर भार लगभग 18.45 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

    क्या लोग नया सोना खरीदने के बजाय पुराना बेच रहे हैं?

    हां, ऊंची कीमतों का फायदा उठाने के लिए कई ग्राहक पुराने गहने बेच रहे हैं।

    क्या सोने की कीमतें आगे और बढ़ सकती हैं?

    यह वैश्विक बाजार, डॉलर की स्थिति और सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगा।

    छोटे ज्वेलर्स पर इसका कितना असर पड़ा है?

    बिक्री में गिरावट और बढ़ी हुई लागत के कारण छोटे और मध्यम ज्वेलर्स सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

    Also Read:

    • Vedanta की इस कंपनी ने रचा इतिहास, सरकारी खजाने में दिए ₹18,846 करोड़; Rampura Agucha बनी दुनिया की नंबर-1 जिंक खदान
    • India-US Trade Deal 99% पूरी! IIT दिल्ली में अमेरिकी राजदूत का बड़ा दावा, जानिए भारत की अर्थव्यवस्था को कितना होगा फायदा

    You Might Also Like

    एक चिंगारी और सब कुछ राख! क्यों हर घर के लिए जरूरी है होम इंश्योरेंस, जानिए एक्सपर्ट की राय

    1 महीने का सूखा खत्म! 3 जून से खुल रहा CMR Green Technologies IPO, GMP में उछाल; जानें कितना हो सकता है मुनाफा

    Sugarcane Farmers News: किसानों की बड़ी जीत! केंद्र सरकार ने वापस लिया गन्ना नियंत्रण आदेश 2026 का मसौदा, जानिए क्या होगा असर

    Vedanta की इस कंपनी ने रचा इतिहास, सरकारी खजाने में दिए ₹18,846 करोड़; Rampura Agucha बनी दुनिया की नंबर-1 जिंक खदान

    India-US Trade Deal 99% पूरी! IIT दिल्ली में अमेरिकी राजदूत का बड़ा दावा, जानिए भारत की अर्थव्यवस्था को कितना होगा फायदा

    TAGGED: business news, Economy News, Gold Demand, gold investment, Gold Jewellery, gold market, gold news, Gold Price Today, Gold Rate, Gold Tax Increase, Hindi News, IBJA, import duty on gold, NewsJagran, World Gold Council
    Share This Article
    Facebook Twitter Copy Link Print
    Share
    By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
    Follow:
    नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
    Previous Article hindustan-zinc-paid-rs-18846-crore-to-government-rampura-agucha-world-largest-zinc-mine Vedanta की इस कंपनी ने रचा इतिहास, सरकारी खजाने में दिए ₹18,846 करोड़; Rampura Agucha बनी दुनिया की नंबर-1 जिंक खदान
    Next Article sugarcane-control-order-2026-draft-withdrawn-farmers-relief Sugarcane Farmers News: किसानों की बड़ी जीत! केंद्र सरकार ने वापस लिया गन्ना नियंत्रण आदेश 2026 का मसौदा, जानिए क्या होगा असर

    Recent Posts

    • Multibagger Penny Stock: 140% रिटर्न देने वाले इस शेयर में मची खरीदारी, अब स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर का ऐलान, अपर सर्किट में फंसा स्टॉक
    • एक चिंगारी और सब कुछ राख! क्यों हर घर के लिए जरूरी है होम इंश्योरेंस, जानिए एक्सपर्ट की राय
    • 1 महीने का सूखा खत्म! 3 जून से खुल रहा CMR Green Technologies IPO, GMP में उछाल; जानें कितना हो सकता है मुनाफा
    • Sugarcane Farmers News: किसानों की बड़ी जीत! केंद्र सरकार ने वापस लिया गन्ना नियंत्रण आदेश 2026 का मसौदा, जानिए क्या होगा असर
    • Gold Demand: 15% इंपोर्ट ड्यूटी से हिला सोने का बाजार, 70% घटी मांग; ज्वेलर्स की बढ़ी चिंता, ग्राहकों ने बनाई दूरी

    Recent Comments

    1. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Namam Sharma
    2. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Namam Sharma
    3. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Supriya Singh
    4. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Chaman Singh
    5. Saba (@thewordmuse_) Profile: 1.2M+ Followers वाली Urdu Poetry & Voice Artist Influencer की पूरी कहानी पर Namam Sharma

    महत्वपूर्ण पृष्ठ

    • बिजनेस न्यूज़
    • कमोडिटी
    • शेयर बाज़ार

    त्वरित लिंक्स

    • 8 वेतन आयोग
    • सरकारी योजनाएं
    • बिजनेस न्यूज़
    • Advertise With Us
    • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
    • Terms of Service

    Discover News Jagran

    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Disclaimer & Affiliate Disclosure
    • Editorial Policy
    • Author Bio & Team
    • Career

    Latest News

    avi-polymers-stock-split-bonus-issue-multibagger-penny-stock-upper-circuit
    Multibagger Penny Stock: 140% रिटर्न देने वाले इस शेयर में मची खरीदारी, अब स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर का ऐलान, अपर सर्किट में फंसा स्टॉक
    शेयर बाज़ार 30 मई 2026
    home-insurance-benefits-fire-protection-financial-security
    एक चिंगारी और सब कुछ राख! क्यों हर घर के लिए जरूरी है होम इंश्योरेंस, जानिए एक्सपर्ट की राय
    बिजनेस न्यूज़ 30 मई 2026
    cmr-green-technologies-ipo-gmp-price-band-lot-size-listing-gain-hindi
    1 महीने का सूखा खत्म! 3 जून से खुल रहा CMR Green Technologies IPO, GMP में उछाल; जानें कितना हो सकता है मुनाफा
    शेयर बाज़ार 30 मई 2026
    sugarcane-control-order-2026-draft-withdrawn-farmers-relief
    Sugarcane Farmers News: किसानों की बड़ी जीत! केंद्र सरकार ने वापस लिया गन्ना नियंत्रण आदेश 2026 का मसौदा, जानिए क्या होगा असर
    बिजनेस न्यूज़ 30 मई 2026
    NewsjagranNewsjagran
    © 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
    • बिजनेस न्यूज़
    • कमोडिटी
    • शेयर बाज़ार
    Manage Consent
    To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
    Functional Always active
    The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
    Preferences
    The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
    Statistics
    The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
    Marketing
    The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
    • Manage options
    • Manage services
    • Manage {vendor_count} vendors
    • Read more about these purposes
    View preferences
    • {title}
    • {title}
    • {title}
    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Lost your password?