AI, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल कारोबार पर बड़ा दांव, जामनगर प्रोजेक्ट से 2 लाख ग्रीन जॉब्स की उम्मीद
नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी निजी कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 में रोजगार के मोर्चे पर बड़ा विस्तार किया है। कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस ग्रुप ने पिछले एक साल में 1 लाख से ज्यादा नई भर्तियां की हैं। इसके साथ ही 31 मार्च 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 4,19,911 हो गई है। यह आंकड़ा रिलायंस को देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले कॉर्पोरेट समूहों में मजबूती से खड़ा करता है।
रिलायंस की यह भर्ती सिर्फ संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि कंपनी ने नई टेक्नोलॉजी आधारित क्षेत्रों में भी आक्रामक विस्तार किया है। कंपनी ने खास तौर पर AI (Artificial Intelligence), डेटा साइंस, ऑटोमेशन, मशीन लर्निंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे सेक्टर्स में नई प्रतिभाओं को शामिल किया। रिलायंस का कहना है कि वह खुद को आने वाले वर्षों में AI-फर्स्ट और डीप-टेक कंपनी के रूप में विकसित करना चाहती है।
ग्रीन एनर्जी बनेगी अगला बड़ा रोजगार इंजन
रिलायंस की भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद उसके ग्रीन एनर्जी कारोबार से जुड़ी हुई है। गुजरात के जामनगर में बन रहा धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स कंपनी की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जा रहा है। कंपनी का दावा है कि यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में 2 लाख से ज्यादा ग्रीन जॉब्स पैदा करने की क्षमता रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में स्वच्छ ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में रिलायंस जैसे बड़े समूह का इस क्षेत्र में भारी निवेश रोजगार बाजार के लिए भी बड़ा संकेत माना जा रहा है। रिलायंस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ग्रीन एनर्जी कारोबार सिर्फ कंपनी के लिए नया बिजनेस अवसर नहीं है, बल्कि यह भारत के ऊर्जा परिवर्तन और रोजगार सृजन दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कर्मचारियों पर बढ़ा खर्च
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने कर्मचारियों पर खर्च भी बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक FY26 में कर्मचारियों पर कुल ₹30,318 करोड़ खर्च किए गए, जो पिछले वित्त वर्ष FY25 के ₹28,559 करोड़ की तुलना में 6.2 प्रतिशत ज्यादा है। इस खर्च में वेतन, ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट, हेल्थ बेनिफिट्स और कर्मचारियों के लिए अन्य सुविधाएं शामिल हैं। कंपनी लगातार टेक्नोलॉजी और डिजिटल स्किल्स पर फोकस कर रही है ताकि भविष्य की जरूरतों के मुताबिक कार्यबल तैयार किया जा सके।
लगातार छठे साल मिला ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ प्रमाणन
रिलायंस को लगातार छठे वर्ष ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ प्रमाणन मिला है। कंपनी का कहना है कि वह कार्यस्थल पर बेहतर माहौल, नेतृत्व विकास और कर्मचारियों की भागीदारी को मजबूत करने पर लगातार निवेश कर रही है। इसके अलावा रिलायंस को Brandon Hall Group HCM Excellence Awards 2024 और Great Manager Institute की ओर से भारत की शीर्ष लीडरशिप फैक्ट्रीज में भी जगह मिली। यह संकेत देता है कि कंपनी अब सिर्फ बिजनेस विस्तार ही नहीं, बल्कि नेतृत्व निर्माण और प्रतिभा प्रबंधन पर भी फोकस बढ़ा रही है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
रिलायंस ने महिला कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने के मोर्चे पर भी प्रगति दर्ज की है। कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक FY26 में नेतृत्व पदों पर महिलाओं की हिस्सेदारी 14.7 प्रतिशत रही। वहीं सीधे कमाई से जुड़े व्यवसायिक कार्यों में महिलाओं की हिस्सेदारी 30.6 प्रतिशत तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के पारंपरिक उद्योग समूहों में नेतृत्व स्तर पर महिलाओं की भागीदारी अब भी सीमित है। ऐसे में बड़े कॉर्पोरेट समूहों द्वारा महिला नेतृत्व बढ़ाने की कोशिशें निवेशकों और वैश्विक संस्थानों के लिए भी सकारात्मक संकेत मानी जाती हैं।
AI आधारित भर्ती प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल
रिलायंस की टेलीकॉम कंपनी जियो ने भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए AI-आधारित भर्ती प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल शुरू किया है। यह प्लेटफॉर्म 11 भारतीय भाषाओं में काम करता है, जिससे छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों के उम्मीदवारों तक पहुंच बढ़ी है। कंपनी का कहना है कि तकनीक आधारित भर्ती प्रक्रिया से योग्य उम्मीदवारों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं और चयन प्रक्रिया में पक्षपात कम करने में मदद मिली है।
ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी कार्यक्रम को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स
रिलायंस के Graduate Engineer Trainee (GET) कार्यक्रम को FY26 में 53,900 रजिस्ट्रेशन मिले। यह आंकड़ा दिखाता है कि युवा इंजीनियरों के बीच रिलायंस अब भी सबसे आकर्षक निजी नियोक्ताओं में शामिल है। कंपनी ने बताया कि इस कार्यक्रम के जरिए टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा डिजिटल इंटरव्यू और AI आधारित स्क्रीनिंग की मदद से भर्ती प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बनाया गया।
भारत के रोजगार बाजार के लिए क्यों अहम है यह संकेत
ऐसे समय में जब दुनिया भर में कई टेक कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं, रिलायंस जैसी भारतीय कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर भर्ती करना भारतीय रोजगार बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में आने वाले वर्षों में AI, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं से जुड़े सेक्टर्स में रोजगार तेजी से बढ़ सकता है। रिलायंस की रणनीति भी इन्हीं क्षेत्रों पर केंद्रित दिखाई दे रही है। कंपनी का बढ़ता निवेश यह संकेत देता है कि भारत में टेक्नोलॉजी और ऊर्जा परिवर्तन आधारित नौकरियों का नया दौर शुरू हो सकता है।
Also Read:


