भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र के बावजूद मजबूती दिखाई और प्रमुख सूचकांक हल्की बढ़त के साथ बंद हुए। आईटी शेयरों में शानदार खरीदारी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि मेटल और FMCG सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली। अब निवेशकों की नजर 14 जुलाई के कारोबार पर रहेगी, जहां निफ्टी के लिए 24,400 का स्तर सबसे अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी इस स्तर को निर्णायक रूप से पार कर लेता है तो 24,600 से 24,800 तक नई तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं 24,000 का स्तर फिलहाल मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।
हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 47.01 अंक यानी 0.06% की बढ़त के साथ 77,616.40 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 4.10 अंक यानी 0.02% बढ़कर 24,211 के स्तर पर बंद हुआ।
मार्केट ब्रेड्थ भी संतुलित रही। कारोबार के दौरान:
- 2,207 शेयरों में तेजी रही।
- 2,006 शेयरों में गिरावट दर्ज हुई।
- 174 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
यह संकेत देता है कि बाजार में चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी जारी है।
IT शेयरों ने संभाला बाजार
सोमवार के कारोबार में आईटी सेक्टर सबसे बड़ा स्टार रहा। बेहतर तिमाही नतीजों और सकारात्मक आउटलुक के चलते निवेशकों ने आईटी शेयरों में जमकर खरीदारी की।
निफ्टी के टॉप गेनर्स:
- TCS (+5.37%)
- HCL Technologies
- Tech Mahindra
- Infosys
- Bajaj Auto
वहीं सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे:
- Tata Steel (-2.16%)
- Nestle India
- Grasim Industries
- InterGlobe Aviation (IndiGo)
- Eternal
सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन
सोमवार को सेक्टरवार प्रदर्शन में आईटी इंडेक्स सबसे आगे रहा।
बढ़त वाले सेक्टर
- निफ्टी IT : +3.5%
- निफ्टी मीडिया : +2%
- निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स : +1%
- निफ्टी ऑटो : +0.41%
- निफ्टी प्राइवेट बैंक : +0.30%
- निफ्टी बैंक : +0.20%
कमजोर सेक्टर
- निफ्टी FMCG : -0.99%
- निफ्टी मेटल : -0.74%
- निफ्टी इंफ्रा : -0.53%
- निफ्टी रियल्टी : -0.25%
निफ्टी फार्मा और निफ्टी एनर्जी भी लाल निशान में बंद हुए, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट रहे।
FII की खरीदारी बनी सबसे बड़ा सहारा
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
उनके अनुसार पिछले आठ कारोबारी सत्रों में से पांच दिनों तक FII शुद्ध खरीदार रहे हैं। दक्षिण कोरिया के चिप सेक्टर में कमजोरी के कारण विदेशी निवेशक भारत जैसे अपेक्षाकृत स्थिर बाजारों में निवेश बढ़ा रहे हैं। यदि यह ट्रेंड जारी रहता है तो भारतीय शेयर बाजार को आगे भी मजबूती मिल सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी नजर
वीके विजयकुमार के मुताबिक फिलहाल ब्रेंट क्रूड लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय नहीं है।
हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचता है तो बाजार में दबाव बढ़ सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
एक्सिस डायरेक्ट का निफ्टी आउटलुक
एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पलविया के अनुसार निकट अवधि का ट्रेंड सकारात्मक बना हुआ है।
उनके मुताबिक:
- 24,100 के ऊपर निफ्टी मजबूत स्थिति में है।
- इसके ऊपर टिके रहने पर 24,350 और 24,550 तक तेजी संभव है।
- 24,000 तत्काल सपोर्ट है।
- इसके नीचे फिसलने पर 23,800 तक प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है।
उनका कहना है कि अगले कुछ सत्रों में ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट और कच्चे तेल की चाल बाजार की दिशा तय करेंगे।
चॉइस ब्रोकिंग की राय
चॉइस ब्रोकिंग के वीपी सचिन गुप्ता का मानना है कि फिलहाल निफ्टी 24,000 से 24,400 के दायरे में कारोबार कर सकता है।
उन्होंने कहा कि:
- 24,400 के पास 200-DMA मौजूद है, जो मजबूत रेजिस्टेंस है।
- इसके ऊपर ब्रेकआउट मिलने पर 24,600-24,800 की नई रैली शुरू हो सकती है।
- 24,000 पहला सपोर्ट है।
- इसके बाद 23,800 मजबूत सपोर्ट रहेगा।
- यदि इंडेक्स 23,800 के नीचे टिकता है तो बाजार में लंबी अवधि का कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।
LKP सिक्योरिटीज का टेक्निकल व्यू
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के अनुसार 24,000 का स्तर फिलहाल निफ्टी के लिए बेहद मजबूत सपोर्ट साबित हुआ है।
उनके मुताबिक:
- 24,200 के ऊपर निर्णायक बढ़त से नई तेजी शुरू हो सकती है।
- इसके बाद 24,500 और उससे ऊपर के स्तर देखने को मिल सकते हैं।
- यदि निफ्टी 24,000 के नीचे जाता है तो शॉर्ट टर्म बुलिश ट्रेंड कमजोर पड़ सकता है।
बैंक निफ्टी के लिए क्या है रणनीति?
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने सोमवार को शानदार रिकवरी दिखाई और 20-DMA दोबारा हासिल कर लिया।
उनके अनुसार:
- 57,500 तत्काल सपोर्ट है।
- 57,200 अगला मजबूत सपोर्ट रहेगा।
- 58,500 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है।
- इसके ऊपर ब्रेकआउट मिलने पर बैंक निफ्टी में नई तेजी शुरू हो सकती है।
जब तक बैंक निफ्टी इन सपोर्ट स्तरों के ऊपर बना रहता है, तब तक ‘Buy on Dips’ यानी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति बेहतर मानी जा सकती है।
14 जुलाई के लिए निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
- निफ्टी 24,400 का रेजिस्टेंस पार कर पाता है या नहीं।
- बैंक निफ्टी 58,500 के ऊपर निकलता है या नहीं।
- विदेशी निवेशकों (FII) की खरीदारी जारी रहती है या नहीं।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत 80 डॉलर के आसपास स्थिर रहती है या ऊपर जाती है।
- वैश्विक बाजारों और आईटी शेयरों की चाल।
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल सकारात्मक तकनीकी संकेत दे रहा है। आईटी सेक्टर की मजबूती, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और 24,000 के ऊपर निफ्टी का टिके रहना बाजार के लिए अच्छी खबर है। हालांकि 24,400 का स्तर निकट अवधि में सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। यदि यह स्तर पार होता है तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी लगातार नजर बनाए रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


