नई दिल्ली। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म Nomura ने भारतीय स्टील सेक्टर पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। चीन में हाल ही में हुई बड़ी कोयला खदान दुर्घटना के बाद जहां वैश्विक स्टील उद्योग में कच्चे माल की उपलब्धता और लागत को लेकर चिंता बढ़ी है, वहीं Nomura का मानना है कि भारतीय स्टील कंपनियां इस चुनौती का बेहतर तरीके से सामना करने की स्थिति में हैं। इसी वजह से ब्रोकरेज फर्म ने Tata Steel, JSW Steel, Jindal Steel & Power और Lloyds Metals जैसे चार प्रमुख शेयरों पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है।
Highlights
- Nomura ने Tata Steel, JSW Steel, Jindal Steel और Lloyds Metals पर Buy रेटिंग दी
- चीन की कोयला खदान दुर्घटना के बाद भी भारतीय स्टील कंपनियों पर भरोसा कायम
- Tata Steel के लिए ₹240 और Lloyds Metals के लिए ₹2050 का टार्गेट
- कोकिंग कोल सप्लाई प्रभावित होने से वैश्विक स्टील सेक्टर पर नजर
दरअसल 23 मई को चीन के शानक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी स्थित लियुशेन्यु कोयला खदान में बड़ा हादसा हुआ था। इस दुर्घटना के बाद चीन में कोयला उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्टील उत्पादन में कोकिंग कोल की अहम भूमिका होती है और चीन दुनिया के सबसे बड़े स्टील उत्पादकों में शामिल है। ऐसे में इस दुर्घटना का असर अंतरराष्ट्रीय स्टील बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
Nomura ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मौजूदा व्यवधान के कारण उत्पादन पर प्रतिदिन लगभग 319 किलो टन (kt) का असर पड़ सकता है। हालांकि इसके बावजूद भारतीय कंपनियां तुलनात्मक रूप से मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही हैं।
Tata Steel समेत इन कंपनियों को मिला Buy Rating
ब्रोकरेज फर्म के अनुसार भारतीय स्टील कंपनियों की बैलेंस शीट, लागत नियंत्रण क्षमता और घरेलू मांग की मजबूती उन्हें बेहतर स्थिति में रखती है। यही वजह है कि Nomura ने चार बड़े स्टील शेयरों पर खरीदारी की सलाह दी है।
Nomura की पसंदीदा स्टील कंपनियां
| स्टॉक | रेटिंग | टार्गेट प्राइस | संभावित रिटर्न |
|---|---|---|---|
| टाटा स्टील | Buy | ₹240 | 14% |
| JSW Steel | Buy | ₹1400 | 8% |
| जिंदल स्टील एंड पावर | Buy | ₹1350 | 10% |
| Lloyds Metals | Buy | ₹2050 | 11% |
Nomura का मानना है कि भारतीय स्टील सेक्टर में आने वाले समय में घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और निर्माण गतिविधियों का फायदा देखने को मिल सकता है। सरकार द्वारा सड़क, रेलवे, हाउसिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बढ़ते निवेश से स्टील की मांग मजबूत बनी रह सकती है।
क्यों अहम है चीन की कोयला खदान दुर्घटना?
विशेषज्ञों के मुताबिक चीन में हुई दुर्घटना केवल स्थानीय समस्या नहीं है। इसका असर वैश्विक कोकिंग कोल सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। यदि उत्पादन लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोकिंग कोल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे दुनियाभर की स्टील कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहेगी। हालांकि भारतीय कंपनियों के पास कुछ राहत के कारक भी हैं। कई कंपनियों ने पहले से लंबी अवधि के सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट किए हुए हैं। इसके अलावा भारत में घरेलू स्टील मांग लगातार मजबूत बनी हुई है, जिससे कंपनियों की आय पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
Tata Steel पर क्यों bullish है Nomura?
Tata Steel देश की सबसे बड़ी स्टील कंपनियों में शामिल है। कंपनी लगातार अपने कर्ज को कम करने, लागत नियंत्रण और क्षमता विस्तार पर काम कर रही है। भारत में कंपनी की मजबूत उपस्थिति और यूरोप कारोबार में सुधार की संभावनाओं को देखते हुए Nomura ने इस शेयर पर भरोसा जताया है। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार Tata Steel का वैल्यूएशन अभी भी आकर्षक बना हुआ है और इसमें आगे तेजी की संभावना है। यही वजह है कि फर्म ने ₹240 का टार्गेट प्राइस दिया है।
JSW Steel और Jindal Steel पर भी नजर
JSW Steel को देश की सबसे आक्रामक विस्तार करने वाली स्टील कंपनियों में गिना जाता है। कंपनी लगातार अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है। वहीं Jindal Steel & Power इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र की मांग का फायदा उठा सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि भारत में कैपेक्स साइकिल मजबूत रहती है तो स्टील सेक्टर की कंपनियों को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है।
Lloyds Metals क्यों बना निवेशकों की पसंद?
Lloyds Metals पिछले कुछ समय में निवेशकों के बीच तेजी से चर्चा में आया है। कंपनी आयरन ओर और स्टील कारोबार में विस्तार कर रही है। Nomura का मानना है कि कंपनी की ग्रोथ क्षमता मजबूत दिखाई देती है और आने वाले समय में इसका प्रदर्शन बेहतर रह सकता है।
भारतीय स्टील सेक्टर के लिए क्या हैं बड़े ट्रिगर?
विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय स्टील उद्योग के लिए अगले कुछ वर्षों में कई पॉजिटिव फैक्टर काम कर सकते हैं:
- सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च में वृद्धि
- रेलवे और हाउसिंग सेक्टर की मांग
- मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में तेजी
- चीन से प्रतिस्पर्धा में संतुलन
- घरेलू कैपेक्स साइकिल में सुधार
हालांकि निवेशकों को कच्चे माल की कीमतों, वैश्विक मंदी और चीन की आर्थिक स्थिति पर नजर बनाए रखनी होगी।
क्या निवेशकों को करना चाहिए निवेश?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि स्टील सेक्टर में निवेश करते समय उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना जरूरी है। यह सेक्टर ग्लोबल कमोडिटी कीमतों से काफी प्रभावित होता है। ऐसे में निवेशकों को लंबी अवधि का नजरिया रखना चाहिए और केवल मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। Nomura की रिपोर्ट ने फिलहाल भारतीय स्टील शेयरों को लेकर बाजार का उत्साह बढ़ाया है। आने वाले समय में यदि घरेलू मांग मजबूत बनी रहती है और वैश्विक परिस्थितियां ज्यादा खराब नहीं होतीं तो इन कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी दी गई है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
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