Cotton Farming Scheme 2026: कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने कपास उत्पादन बढ़ाने और किसानों की लागत कम करने के उद्देश्य से आर्थिक सहायता योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को ₹14,000 प्रति हेक्टेयर तक की इनपुट सहायता दी जाएगी। गुजरात सरकार ने कपास उत्पादकता मिशन (Cotton Productivity Mission) के तहत किसानों से आवेदन लेना शुरू कर दिया है।
किसान इस सहायता के लिए i-Khedut पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 10 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है। इस योजना का उद्देश्य कपास की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में सुधार करना है।
कपास किसानों के लिए क्यों शुरू की गई यह योजना?
कपास खरीफ सीजन की सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक फसलों में से एक है। भारत में लाखों किसान कपास की खेती पर निर्भर हैं। कपास उत्पादन में बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और अन्य कृषि गतिविधियों पर काफी खर्च आता है।
किसानों की लागत को कम करने और आधुनिक तकनीक से कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कपास उत्पादकता मिशन शुरू किया है।
इसी मिशन के तहत गुजरात सरकार ने कपास उत्पादकों को आर्थिक सहायता देने की पहल की है। सरकार का लक्ष्य है कि किसान नई तकनीकों को अपनाएं और बेहतर उत्पादन हासिल कर सकें।
किन किसानों को मिलेगा ₹14,000 प्रति हेक्टेयर का लाभ?
इस योजना का लाभ गुजरात के कपास उत्पादक किसानों को मिलेगा। राज्य सरकार ने कपास उत्पादन वाले प्रमुख जिलों को योजना में शामिल किया है।
सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत गुजरात में कपास उत्पादन करने वाले 21 प्रमुख जिलों को कवर किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्य को लगभग ₹134.80 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है।
इस योजना में एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा कपास क्षेत्र को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
कपास किसानों को कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?
योजना के तहत किसानों को खेती की तकनीक के आधार पर अलग-अलग सहायता राशि दी जाएगी।
1. क्लोजर स्पेसिंग टेक्नोलॉजी पर ₹14,000 की मदद
जो किसान 90 सेंटीमीटर × 30 सेंटीमीटर दूरी पर कपास की बुवाई करेंगे, उन्हें सरकार की ओर से:
₹14,000 प्रति हेक्टेयर इनपुट सहायता दी जाएगी।
इस तकनीक का उद्देश्य पौधों की संख्या बढ़ाकर प्रति हेक्टेयर उत्पादन में सुधार करना है।
2. इंटीग्रेटेड क्रॉप मैनेजमेंट (ICM) पर ₹7,500 सहायता
जो किसान 90 सेंटीमीटर × 60 सेंटीमीटर दूरी के अनुसार कपास की खेती करेंगे और इंटीग्रेटेड क्रॉप मैनेजमेंट पद्धति अपनाएंगे, उन्हें:
₹7,500 प्रति हेक्टेयर आर्थिक सहायता मिलेगी।
एक किसान कितनी जमीन के लिए ले सकता है लाभ?
योजना के नियमों के अनुसार, एक किसान एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम:
2 हेक्टेयर भूमि तक सहायता प्राप्त कर सकता है।
यानी अगर किसान पात्र है और तय नियमों को पूरा करता है तो उसे अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए सरकारी मदद मिल सकती है।
आवेदन के लिए जरूरी शर्तें क्या हैं?
कपास किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रताएं पूरी करनी होंगी।
जरूरी शर्तें:
- किसान गुजरात का निवासी और कपास उत्पादक होना चाहिए।
- किसान को सरकार द्वारा प्रमाणित कपास बीज या स्वीकृत बीटी कपास बीज का इस्तेमाल करना होगा।
- किसान की Farmers ID Registration पूरी होनी चाहिए।
- खेती निर्धारित तकनीक और नियमों के अनुसार होनी चाहिए।
i-Khedut पोर्टल पर कैसे करें आवेदन?
पात्र किसान ऑनलाइन माध्यम से इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया:
- सबसे पहले गुजरात सरकार के i-Khedut पोर्टल पर जाएं।
- कृषि योजनाओं वाले विकल्प का चयन करें।
- कपास उत्पादकता मिशन से जुड़ी योजना चुनें।
- मांगी गई जानकारी भरें।
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन फॉर्म जमा करें और उसकी रसीद सुरक्षित रखें।
योजना से किसानों और टेक्सटाइल सेक्टर को मिलेगा फायदा
सरकार का मानना है कि कपास उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में सुधार होगा और देश के टेक्सटाइल उद्योग को भी फायदा मिलेगा।
भारत का कपड़ा उद्योग बड़ी मात्रा में कपास पर निर्भर है। घरेलू उत्पादन बढ़ने से कपास की उपलब्धता बेहतर होगी और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
कपास उत्पादक किसानों के लिए बड़ा अवसर
कपास की खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने वाले किसानों के लिए यह योजना आर्थिक रूप से मददगार साबित हो सकती है। ₹14,000 प्रति हेक्टेयर तक की सहायता से किसान बीज, खाद, कृषि प्रबंधन और अन्य इनपुट खर्चों को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।
अगर आप गुजरात में कपास की खेती करते हैं और योजना की पात्रता पूरी करते हैं, तो i-Khedut पोर्टल पर आवेदन करके इस सरकारी सहायता का लाभ उठा सकते हैं।


