Fino Payments Bank Shares: फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयरों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। जून 2026 के शानदार बिजनेस अपडेट के बाद निवेशकों ने बैंक के शेयरों पर जमकर दांव लगाया, जिसके चलते इंट्रा-डे कारोबार में शेयर 12% से ज्यादा उछल गया। सबसे बड़ी वजह रही कंपनी के लोन रेफरल बिजनेस में तीन गुना से अधिक की सालाना बढ़ोतरी और नए ग्राहकों की मजबूत संख्या। हालांकि ट्रांजैक्शन आधारित कुछ सेवाओं में दबाव बना रहा, लेकिन बाजार ने कंपनी के भविष्य के ग्रोथ संकेतों को सकारात्मक माना।
12% तक उछला Fino Payments Bank का शेयर
बीएसई पर फिनो पेमेंट्स बैंक का शेयर कारोबार के दौरान 12.66% की छलांग लगाकर ₹152.60 तक पहुंच गया। बाद में कुछ निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के चलते इसमें हल्की नरमी आई, लेकिन इसके बावजूद शेयर करीब 9.78% की तेजी के साथ ₹148.70 पर कारोबार करता दिखा।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जून महीने के ऑपरेशनल अपडेट ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है, खासकर ऐसे समय में जब बैंक अपनी स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) बनने की दिशा में तैयारी कर रहा है।
लोन रेफरल बिजनेस ने दिखाई जबरदस्त ताकत
फिनो पेमेंट्स बैंक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि उसका लोन रेफरल बिजनेस रहा। यह कारोबार कंपनी के प्रस्तावित स्मॉल फाइनेंस बैंक मॉडल के लिए पायलट प्रोजेक्ट की तरह देखा जा रहा है।
जून 2026 में:
- लोन रेफरल बिजनेस ₹68 करोड़ से बढ़कर ₹240 करोड़ पहुंच गया।
- सालाना आधार पर इसमें तीन गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
- कंपनी का कहना है कि यह ग्रोथ उसके मौजूदा ग्राहक आधार में लोन की मजबूत संभावनाओं को दर्शाती है।
- इससे भविष्य में कंपनी की लेंडिंग स्ट्रैटेजी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नए ग्राहकों की संख्या में 31% की बढ़ोतरी
जून महीने में फिनो पेमेंट्स बैंक ने अपने ग्राहक आधार का भी तेजी से विस्तार किया।
मुख्य आंकड़े:
- लगभग 3.1 लाख नए खाते खोले गए।
- नए खातों में 31% सालाना वृद्धि दर्ज हुई।
- कुल ग्राहक आधार बढ़कर 1.8 करोड़ अकाउंट्स तक पहुंच गया।
बढ़ते ग्राहक आधार को कंपनी की दीर्घकालिक ग्रोथ के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ी एक्टिविटी
फिनो पेमेंट्स बैंक का डिजिटल प्लेटफॉर्म FinoPay मोबाइल ऐप भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
जून 2026 में:
- ऐप के एक्टिव यूजर्स 38% बढ़कर करीब 8.4 लाख हो गए।
- डिजिटल एंगेजमेंट में लगातार सुधार देखने को मिला।
- इससे कंपनी की डिजिटल बैंकिंग रणनीति को भी मजबूती मिली है।
इन कारोबारों में बनी रही चुनौती
हालांकि सभी मोर्चों पर तस्वीर पूरी तरह सकारात्मक नहीं रही।
जून महीने में इन सेवाओं पर दबाव बना रहा:
- रेमिटेंस बिजनेस
- माइक्रो एटीएम सर्विस
- आधार आधारित भुगतान प्रणाली (AePS)
इसके पीछे प्रमुख कारण रहे:
- ग्राहकों का तेजी से UPI आधारित भुगतान की ओर बढ़ना।
- बेहतर ट्रांजैक्शन प्रोफाइल वाले उच्च गुणवत्ता वाले मर्चेंट्स पर कंपनी का फोकस।
- हालांकि इन कारोबारों में गिरावट की रफ्तार पहले के मुकाबले धीमी हुई है, जिसे स्थिरता का संकेत माना जा रहा है।
पिछले एक साल में निवेशकों को मिला बड़ा झटका
भले ही सोमवार को शेयर में शानदार तेजी देखने को मिली हो, लेकिन पिछले एक साल का प्रदर्शन अब भी निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा है।
- 21 अक्टूबर 2025: शेयर ने ₹339 का एक साल का उच्च स्तर बनाया।
- 25 मार्च 2026: यह गिरकर ₹110.10 तक पहुंच गया।
- यानी लगभग पांच महीनों में शेयर करीब 67.5% टूट गया।
हालिया रिकवरी के बावजूद शेयर अभी भी अपने रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे कारोबार कर रहा है।
आगे निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी?
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में निवेशकों की नजर इन प्रमुख पहलुओं पर रहेगी:
- लोन रेफरल बिजनेस की निरंतर ग्रोथ
- स्मॉल फाइनेंस बैंक बनने की प्रक्रिया में प्रगति
- डिजिटल ग्राहकों की संख्या में वृद्धि
- ट्रांजैक्शन बिजनेस में स्थिरता
- आगामी तिमाही वित्तीय नतीजे
यदि कंपनी इन क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन जारी रखती है, तो शेयर में आगे भी सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


