भारत के दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) के लिए एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। देश की प्रमुख घरेलू रेटिंग एजेंसी ICRA ने कंपनी की लॉन्ग टर्म क्रेडिट रेटिंग को बढ़ाकर AA+ कर दिया है। खास बात यह है कि यह पिछले एक दशक से अधिक समय में वेदांता ग्रुप की सबसे ऊंची घरेलू क्रेडिट रेटिंग मानी जा रही है। इससे पहले वर्ष 2014 में समूह को इस स्तर की मजबूत रेटिंग मिली थी।
रेटिंग एजेंसी ने कंपनी को “स्टेबल आउटलुक” भी दिया है। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत बने रहने की संभावना जताई गई है। ICRA ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वेदांता की कमाई क्षमता में लगातार सुधार, घटते कर्ज, बेहतर नकदी प्रवाह और सफल रिफाइनेंसिंग के चलते यह अपग्रेड किया गया है।
डीमर्जर के बीच आया बड़ा भरोसे का संकेत
वेदांता लिमिटेड इस समय अपने बड़े डीमर्जर प्लान पर काम कर रही है। कंपनी अपने कारोबार को अलग-अलग स्वतंत्र इकाइयों में बांटने की प्रक्रिया में है, ताकि हर बिजनेस पर ज्यादा फोकस किया जा सके और निवेशकों को अलग-अलग कारोबार की वास्तविक वैल्यू दिखाई दे सके।
कंपनी पहले ही यह संकेत दे चुकी है कि डीमर्जर के बाद चार नई कंपनियों की अलग लिस्टिंग देखने को मिल सकती है। ऐसे समय में ICRA का यह रेटिंग अपग्रेड निवेशकों के लिए एक मजबूत भरोसे का संकेत माना जा रहा है। रेटिंग एजेंसी के अनुसार, डीमर्जर के बाद बनने वाली कंपनियों में पूंजी आवंटन अधिक अनुशासित होगा, वित्तीय लचीलापन बढ़ेगा और बिजनेस एक्सपेंशन पर ज्यादा फोकस किया जा सकेगा। एजेंसी ने 1 मई से प्रभावी डीमर्जर प्रक्रिया के बाद कंपनी की रेटिंग पर लगी निगरानी भी हटा दी है।
किन कंपनियों की रेटिंग बढ़ी?
ICRA ने वेदांता समूह की कई प्रमुख कंपनियों की रेटिंग में सुधार किया है। इसमें सबसे प्रमुख नाम वेदांता लिमिटेड (VEDL) और वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (VAML) का है। दोनों कंपनियों की लॉन्ग टर्म रेटिंग बढ़ाकर AA+ कर दी गई है।
इसके अलावा तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) की रेटिंग भी बढ़ाई गई है। इसे पहले A+ श्रेणी में रखा गया था, जिसे अब बढ़ाकर AA- कर दिया गया है। वहीं समूह की शॉर्ट टर्म रेटिंग को सर्वोच्च A1+ श्रेणी में बरकरार रखा गया है। ICRA ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि डीमर्जर के बाद उभरने वाले दो सबसे बड़े बिजनेस समूह के कुल दीर्घकालिक कर्ज का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रखते हैं और अब दोनों को AA+ रेटिंग मिल चुकी है।
क्यों सुधरी वेदांता की स्थिति?
पिछले कुछ वर्षों में वेदांता ग्रुप पर भारी कर्ज को लेकर लगातार सवाल उठते रहे थे। हालांकि अब कंपनी ने धीरे-धीरे अपनी बैलेंस शीट मजबूत करनी शुरू कर दी है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि कंपनी की लाभप्रदता में सुधार हुआ है और नकदी प्रवाह पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है।
विशेष रूप से एल्युमिनियम, जस्ता और तेल एवं गैस कारोबार में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है। वैश्विक बाजार में कमोडिटी कीमतों में मजबूती और बेहतर लागत नियंत्रण के चलते कंपनी की आय में सुधार हुआ है। ICRA का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 तक कंपनी की आय और नकदी स्थिति मजबूत बनी रह सकती है। एजेंसी ने यह भी कहा कि अनुकूल कमोडिटी साइकल और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी का फायदा कंपनी को आगे भी मिलेगा।
वैश्विक एजेंसियों ने भी बढ़ाया भरोसा
सिर्फ ICRA ही नहीं, बल्कि पिछले दो महीनों में कई वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने भी वेदांता समूह को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स, मूडीज और फिच रेटिंग्स जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी वेदांता रिसोर्सेज की रेटिंग में सुधार किया है। वेदांता रिसोर्सेज, वेदांता लिमिटेड की होल्डिंग कंपनी है। वैश्विक एजेंसियों का यह अपग्रेड इस बात का संकेत माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा भी समूह पर बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनी इसी तरह कर्ज घटाने और नकदी प्रवाह मजबूत करने पर फोकस करती रही तो आने वाले समय में इसकी क्रेडिट प्रोफाइल और मजबूत हो सकती है।
शेयर बाजार निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह खबर?
क्रेडिट रेटिंग में सुधार का सीधा असर किसी कंपनी की फंड जुटाने की क्षमता पर पड़ता है। बेहतर रेटिंग मिलने से कंपनियों को कम ब्याज दर पर कर्ज मिल सकता है और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होता है।
वेदांता के मामले में यह इसलिए और अहम हो जाता है क्योंकि कंपनी डीमर्जर के जरिए अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स को स्वतंत्र पहचान देने की तैयारी में है। इससे भविष्य में अलग-अलग कंपनियों की वैल्यू अनलॉक होने की संभावना बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि डीमर्जर सफल रहता है और कमोडिटी बाजार अनुकूल बने रहते हैं तो वेदांता समूह के कारोबार में आगे और मजबूती देखने को मिल सकती है।
क्या आगे और बेहतर हो सकती है रेटिंग?
ICRA ने अपनी रिपोर्ट में संकेत दिया है कि डीमर्जर के बाद बनने वाली वेदांता ऑयल एंड गैस जैसी इकाइयों के लिए भी भविष्य में AA+ रेटिंग हासिल करने की संभावना मजबूत दिखाई देती है। हालांकि एजेंसी ने यह भी कहा है कि कमोडिटी कीमतों में तेज गिरावट, कर्ज बढ़ने या नकदी प्रवाह कमजोर होने जैसी परिस्थितियां भविष्य में जोखिम पैदा कर सकती हैं। फिलहाल कंपनी की वित्तीय स्थिति स्थिर और पहले की तुलना में काफी मजबूत मानी जा रही है। वेदांता के लिए यह रेटिंग अपग्रेड ऐसे समय में आया है जब कंपनी अपने कारोबारी ढांचे को पूरी तरह बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में यह उपलब्धि केवल एक रेटिंग सुधार नहीं, बल्कि निवेशकों और बाजार के लिए भरोसे का बड़ा संकेत भी मानी जा रही है।
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