Highlights
- मुंबई में CNG का रेट बढ़कर ₹84 प्रति किलो पहुंचा
- दिल्ली-NCR में CNG ₹83.09 प्रति किलो हुई
- पिछले 12 महीनों में CNG कीमतों में ₹4 तक की बढ़ोतरी
- वैश्विक गैस कीमतों और आयात लागत का असर घरेलू बाजार पर
- ऑटो, कैब और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर बढ़ सकता है खर्च
नई दिल्ली। देशभर में CNG (Compressed Natural Gas) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मुंबई में CNG का ताजा रेट बढ़कर ₹84 प्रति किलो पहुंच गया है। यह पिछले महीने के ₹81 प्रति किलो के मुकाबले ₹3 ज्यादा है। वहीं दिल्ली-NCR समेत कई बड़े शहरों में भी CNG महंगी हुई है। बढ़ती कीमतों का सीधा असर लाखों ऑटो चालकों, टैक्सी ऑपरेटर्स, कमर्शियल व्हीकल मालिकों और रोजाना सफर करने वाले आम लोगों पर पड़ सकता है।
ऊर्जा बाजार से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक पिछले 12 महीनों में CNG की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। जून 2025 से मई 2026 के बीच कई शहरों में ₹4 से ₹6 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक प्राकृतिक गैस बाजार में बढ़ती कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और आयात लागत में इजाफा इसका बड़ा कारण है।
मुंबई, दिल्ली-NCR समेत बड़े शहरों में क्या हैं नए CNG रेट?
देश के कई बड़े शहरों में CNG की नई कीमतें लागू हो चुकी हैं। कुछ शहरों में कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
| शहर | नया रेट (₹/Kg) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹83.09 | +₹6.00 |
| मुंबई | ₹84.00 | +₹3.00 |
| चेन्नई | ₹95.00 | +₹3.50 |
| बेंगलुरु | ₹95.00 | +₹5.00 |
| हैदराबाद | ₹97.00 | कोई बदलाव नहीं |
| भरतपुर | ₹95.00 | +₹2.50 |
| देवास | ₹95.50 | -₹0.50 |
| फिरोजाबाद | ₹97.00 | +₹3.15 |
| मथुरा | ₹97.00 | +₹4.00 |
| मेरठ | ₹89.70 | +₹3.65 |
| रेवाड़ी | ₹87.70 | +₹5.99 |
| सोनीपत | ₹92.50 | +₹5.90 |
| NCR | ₹83.09 | +₹6.00 |
डेटा के अनुसार दिल्ली-NCR में इस बार सबसे बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। राजधानी क्षेत्र में एक साथ ₹6 प्रति किलो की वृद्धि ने ऑटो और टैक्सी सेक्टर की चिंता बढ़ा दी है।
आखिर क्यों बढ़ रही हैं CNG की कीमतें?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशी बाजारों से प्राकृतिक गैस आयात करके पूरा करता है। ऊर्जा मंत्रालय और उद्योग से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक देश अपनी कुल जरूरत का आधे से ज्यादा गैस विदेशों से खरीदता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस महंगी होने का सीधा असर घरेलू CNG कीमतों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल कई बड़े कारण CNG की कीमतों को ऊपर धकेल रहे हैं:
1. वैश्विक गैस कीमतों में तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG और प्राकृतिक गैस की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता ने गैस बाजार को प्रभावित किया है।
2. रुपये में कमजोरी
डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी आयात बिल बढ़ा रही है। जब रुपये की वैल्यू घटती है तो सरकार और गैस कंपनियों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है।
3. घरेलू गैस उत्पादन सीमित
भारत में घरेलू गैस उत्पादन अभी भी मांग के मुकाबले काफी कम है। ऐसे में आयात पर निर्भरता बनी हुई है।
4. ट्रांसपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट
शहरों तक गैस पहुंचाने में पाइपलाइन, ट्रांसपोर्ट और ऑपरेशन लागत भी बढ़ी है। इसका असर अंतिम उपभोक्ता कीमतों पर पड़ता है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
CNG की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव धीरे-धीरे रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देता है।
ऑटो और कैब किराया बढ़ सकता है
दिल्ली, मुंबई और NCR में बड़ी संख्या में ऑटो और कैब CNG पर चलती हैं। ईंधन महंगा होने से किराए में बढ़ोतरी संभव है।
डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स महंगे हो सकते हैं
कई कमर्शियल वाहन CNG का इस्तेमाल करते हैं। लागत बढ़ने से ऑनलाइन डिलीवरी, ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई महंगी हो सकती है।
घरेलू बजट पर असर
अगर ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ता है तो सब्जियों, दूध, किराना और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों पर भी दबाव बन सकता है।
क्या पेट्रोल और डीजल से फिर कम होगा फायदा?
पिछले कुछ वर्षों में CNG को पेट्रोल और डीजल के सस्ते विकल्प के रूप में देखा गया था। इसी वजह से लाखों लोगों ने CNG वाहन खरीदे। लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों के बाद अब बचत का अंतर धीरे-धीरे कम हो रहा है।
हालांकि विशेषज्ञ अभी भी मानते हैं कि लंबी दूरी और ज्यादा माइलेज वाले वाहनों के लिए CNG कई मामलों में पेट्रोल से सस्ती पड़ती है। लेकिन अगर गैस कीमतों में इसी तरह तेजी जारी रही तो भविष्य में उपभोक्ताओं का रुझान इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ भी तेजी से बढ़ सकता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है तो आने वाले महीनों में CNG के दामों पर और दबाव बन सकता है।
हालांकि सरकार और गैस वितरण कंपनियां समय-समय पर कीमतों की समीक्षा करती हैं। अगर वैश्विक बाजार में राहत मिलती है तो घरेलू उपभोक्ताओं को भी कुछ राहत मिल सकती है।
तेजी से बढ़ रही है CNG वाहनों की संख्या
पर्यावरण संरक्षण और कम प्रदूषण की वजह से देश में CNG वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दिल्ली-NCR, मुंबई, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग CNG गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सरकार भी स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए शहरों में CNG स्टेशन नेटवर्क तेजी से बढ़ा रही है। लेकिन कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी इस ग्रोथ की रफ्तार पर असर डाल सकती है।
निष्कर्ष
देश में CNG अब धीरे-धीरे महंगी ईंधन श्रेणी की तरफ बढ़ती दिख रही है। मुंबई, दिल्ली-NCR और कई बड़े शहरों में बढ़ी कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार, रुपये की कमजोरी और आयात लागत फिलहाल घरेलू कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। आने वाले महीनों में वैश्विक हालात कैसे रहते हैं, उसी पर तय होगा कि CNG उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी या महंगाई का दबाव और बढ़ेगा।
Source: GoodReturns CNG Price Data, Global Natural Gas Market Trends, City Gas Distribution Industry Data.
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