भारत में पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर चर्चा में हैं। 27 मई 2026 को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल का दाम ₹111.21 प्रति लीटर दर्ज किया गया। हालांकि मुंबई में आज कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन कई शहरों में मामूली बढ़ोतरी और गिरावट देखने को मिली है। खासतौर पर चेन्नई, गुरुग्राम और पटना में पेट्रोल महंगा हुआ है, जबकि नोएडा, जयपुर और तिरुवनंतपुरम में थोड़ी राहत मिली है।
पेट्रोल की कीमतें सिर्फ कच्चे तेल (Crude Oil) पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता भी बड़ी भूमिका निभाती है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव के कारण आने वाले दिनों में ईंधन बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर
देश के प्रमुख महानगरों में मुंबई में पेट्रोल की कीमत अभी भी सबसे ऊंचे स्तरों में बनी हुई है। महाराष्ट्र में वैट (VAT) अधिक होने के कारण यहां ईंधन की कीमतें कई अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा रहती हैं। आज यानी 27 मई 2026 को मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर पर स्थिर रहा।
दिल्ली में भी आज पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर पर कायम रही। वहीं कोलकाता में ₹113.47 और चेन्नई में ₹108.20 प्रति लीटर का रेट दर्ज किया गया।
इन शहरों में बदले पेट्रोल के दाम
कुछ शहरों में आज हल्का बदलाव देखने को मिला। चेन्नई में पेट्रोल 33 पैसे महंगा हुआ, जबकि गुरुग्राम में 25 पैसे की बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर नोएडा में 46 पैसे की गिरावट दर्ज की गई।
भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा रेट
| शहर | पेट्रोल कीमत (प्रति लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹102.12 | 0.00 |
| कोलकाता | ₹113.47 | 0.00 |
| मुंबई | ₹111.21 | 0.00 |
| चेन्नई | ₹108.20 | +₹0.33 |
| गुरुग्राम | ₹102.84 | +₹0.25 |
| नोएडा | ₹101.92 | -₹0.46 |
| बेंगलुरु | ₹110.93 | 0.00 |
| भुवनेश्वर | ₹108.81 | -₹0.08 |
| चंडीगढ़ | ₹101.54 | 0.00 |
| हैदराबाद | ₹115.73 | 0.00 |
| जयपुर | ₹112.52 | -₹0.14 |
| लखनऊ | ₹101.89 | +₹0.03 |
| पटना | ₹113.65 | +₹0.30 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.31 | -₹0.18 |
आखिर भारत में पेट्रोल इतना महंगा क्यों?
भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातक देशों में शामिल है। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ते ही इसका असर सीधे घरेलू ईंधन कीमतों पर दिखाई देता है।
लेकिन सिर्फ क्रूड ऑयल ही वजह नहीं है। पेट्रोल की कीमत में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट बड़ा हिस्सा जोड़ता है। कई राज्यों में टैक्स ज्यादा होने से वहां पेट्रोल की कीमतें काफी ऊपर चली जाती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जाता है और रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
पश्चिम एशिया संकट का भी असर
ऊर्जा बाजार इस समय पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। ईरान, होर्मुज स्ट्रेट और खाड़ी क्षेत्र से जुड़े तनाव वैश्विक तेल सप्लाई को प्रभावित कर सकते हैं। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है।
अगर सप्लाई प्रभावित होती है तो तेल कंपनियों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के रेट पर दिखाई दे सकता है।
आम आदमी पर क्या असर?
पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहती। इसका असर ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने के जरिए सब्जी, दूध, राशन और रोजमर्रा की कई वस्तुओं पर भी पड़ता है।
इसके अलावा:
- कैब और ऑटो किराया बढ़ सकता है
- लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने से ई-कॉमर्स डिलीवरी महंगी हो सकती है
- महंगाई दर पर दबाव बढ़ सकता है
- ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर प्रभावित हो सकता है
यही वजह है कि पेट्रोल की कीमतों को भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम संकेतक माना जाता है।
क्या आगे और महंगा हो सकता है पेट्रोल?
ऊर्जा विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले हफ्तों में वैश्विक तेल बाजार काफी संवेदनशील बना रह सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आती है, डॉलर मजबूत होता है, पश्चिम एशिया तनाव बढ़ता है तो भारत में ईंधन कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि अगर केंद्र और राज्य सरकारें टैक्स में राहत देती हैं, तो उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है।
निष्कर्ष
27 मई 2026 को भारत में पेट्रोल की कीमतों में बड़े बदलाव नहीं दिखे, लेकिन अलग-अलग शहरों में हल्की तेजी और गिरावट जारी है। मुंबई, हैदराबाद और पटना जैसे शहरों में पेट्रोल अभी भी ₹111 से ₹115 प्रति लीटर के बीच बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम, रुपये की स्थिति और टैक्स ढांचा आने वाले समय में ईंधन कीमतों की दिशा तय करेंगे।
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