Highlights
- अदाणी समूह IntelliSmart Infrastructure को खरीदने की दौड़ में शामिल
- कंपनी की अनुमानित वैल्यू करीब ₹3700 करोड़
- GMR, Genus Power और Swiss Fund Partners Group भी रेस में
- IntelliSmart को देशभर में 2.2 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने के ऑर्डर
- EESL के बढ़ते कर्ज को कम करने के लिए हो सकती है हिस्सेदारी बिक्री
नई दिल्ली। जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Associates) के बाद अब अदाणी समूह (Adani Group) एक और बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर डील पर नजरें गड़ाए हुए है। इस बार मामला देश के तेजी से बढ़ते स्मार्ट मीटर कारोबार से जुड़ी कंपनी IntelliSmart Infrastructure का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी की बिक्री प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और अगले दौर की बातचीत के लिए चार कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें अदाणी समूह की कंपनी भी शामिल है।
बताया जा रहा है कि इस संभावित डील की वैल्यू करीब 400 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹3700 करोड़ हो सकती है। अगर यह सौदा अदाणी समूह के पक्ष में जाता है, तो कंपनी की बिजली वितरण और स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट सेक्टर में पकड़ और मजबूत हो सकती है।
कौन-कौन हैं खरीदारी की रेस में?
शुरुआत में करीब 10 कंपनियों ने IntelliSmart Infrastructure को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी। हालांकि अब केवल चार कंपनियों को ही अंतिम चरण के लिए चुना गया है। इनमें शामिल हैं Adani Energy Solutions, GMR Smart Electricity Distribution, Genus Power Infrastructure, Swiss Fund Partners Group सूत्रों के अनुसार, इन कंपनियों ने अब IntelliSmart के फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स और बिजनेस डेटा की जांच यानी ड्यू डिलिजेंस शुरू कर दी है। संभावना जताई जा रही है कि जून 2026 के मध्य तक अंतिम और बाध्यकारी बोलियां जमा कर दी जाएंगी।
आखिर IntelliSmart इतनी खास क्यों है?
IntelliSmart Infrastructure की स्थापना साल 2019 में हुई थी। यह कंपनी राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के लिए स्मार्ट मीटर लगाने और उनसे जुड़ी डिजिटल एनर्जी सेवाएं प्रदान करती है।
भारत सरकार की स्मार्ट मीटरिंग योजना और बिजली सुधार कार्यक्रमों के चलते इस सेक्टर में तेजी से ग्रोथ देखी जा रही है। IntelliSmart को अब तक देशभर में लगभग 2.2 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने के ऑर्डर मिल चुके हैं। यही वजह है कि इसे देश के सबसे बड़े स्मार्ट मीटर प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में स्मार्ट मीटर बाजार कई गुना बढ़ सकता है क्योंकि सरकार बिजली चोरी रोकने, बिलिंग सिस्टम सुधारने और रियल टाइम एनर्जी मॉनिटरिंग को बढ़ावा दे रही है।
अदाणी समूह के लिए क्यों अहम है यह डील?
अदाणी समूह पहले से ही ऊर्जा, ट्रांसमिशन और वितरण सेक्टर में बड़ा खिलाड़ी बन चुका है। Adani Energy Solutions देशभर में बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क और ऊर्जा परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है।
अगर IntelliSmart का अधिग्रहण अदाणी समूह करता है, तो उसे स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल पावर मैनेजमेंट सेक्टर में सीधा बड़ा फायदा मिल सकता है। इससे कंपनी की मौजूदगी केवल बिजली सप्लाई तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि डेटा आधारित एनर्जी मैनेजमेंट तक फैल जाएगी।
मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भविष्य में बिजली कंपनियों का फोकस केवल बिजली सप्लाई नहीं बल्कि “स्मार्ट एनर्जी इकोसिस्टम” पर होगा। ऐसे में IntelliSmart जैसी कंपनी रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।
EESL का कर्ज भी बना बड़ी वजह
IntelliSmart दो संस्थाओं का संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) है। इसमें NIIF (National Investment and Infrastructure Fund) की 51% हिस्सेदारी EESL (Energy Efficiency Services Limited) की 49% हिस्सेदारी मौजूद है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, EESL पर मार्च 2025 तक लगभग ₹6045 करोड़ का कर्ज था। माना जा रहा है कि हिस्सेदारी बिक्री से मिलने वाली रकम का उपयोग इस कर्ज को कम करने में किया जा सकता है। यही कारण है कि अब IntelliSmart में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया को तेज किया गया है।
स्मार्ट मीटर सेक्टर में क्यों बढ़ रही दिलचस्पी?
भारत सरकार आने वाले वर्षों में करोड़ों पारंपरिक बिजली मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की योजना पर काम कर रही है। इससे बिजली चोरी कम होगी, बिलिंग में पारदर्शिता आएगी, डिस्कॉम्स का नुकसान घटेगा, उपभोक्ताओं को रियल टाइम बिजली खपत डेटा मिलेगा ऐसे में स्मार्ट मीटर सेक्टर को आने वाले दशक का बड़ा अवसर माना जा रहा है। यही वजह है कि अदाणी, GMR और Genus Power जैसी बड़ी कंपनियां इस सेक्टर में तेजी से विस्तार करना चाहती हैं।
क्या हो सकता है आगे?
फिलहाल सभी कंपनियां ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया में जुटी हैं। जून के मध्य तक अंतिम बोली जमा होने की उम्मीद है। इसके बाद तय होगा कि IntelliSmart Infrastructure किस कंपनी के हाथ जाएगी।
अगर यह डील अदाणी समूह जीतता है, तो यह JP Associates के बाद समूह की एक और बड़ी रणनीतिक खरीद मानी जाएगी। इससे भारत के स्मार्ट पावर और डिजिटल एनर्जी सेक्टर में अदाणी समूह का प्रभाव और बढ़ सकता है।
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