भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने सिर्फ कारोबार ही नहीं बनाया, बल्कि पूरे शहरों की तस्वीर बदल दी। उन्हीं नामों में शामिल है इरफान रज्जाक एंड ब्रदर्स का नाम, जिन्होंने एक छोटी कपड़ों की दुकान से शुरुआत करके हजारों करोड़ रुपये का रियल एस्टेट साम्राज्य खड़ा कर दिया। आज इरफान रज्जाक एंड सिबलिंग्स भारत के सबसे अमीर मुस्लिम कारोबारी घरानों में चौथे स्थान पर गिने जाते हैं।
बेंगलुरु से शुरू हुआ यह सफर अब मुंबई, पुणे, दिल्ली-एनसीआर और गोवा तक पहुंच चुका है। उनकी कंपनी Prestige Estates Projects Ltd आज देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में शामिल है।
फोर्ब्स लिस्ट में शामिल इरफान रज्जाक
जब भारत के मुस्लिम अरबपतियों की बात होती है तो सबसे पहले अजीम प्रेमजी और एम ए यूसुफ अली जैसे नाम सामने आते हैं। इसी सूची में अब इरफान रज्जाक एंड ब्रदर्स भी मजबूती से अपनी जगह बना चुके हैं। फोर्ब्स इंडिया रिचेस्ट 100 की सूची में उनका नाम भारत के सबसे अमीर लोगों में शामिल है।
रियल एस्टेट सेक्टर में उनकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी कंपनी का मार्केट कैप ₹59,000 करोड़ से ज्यादा पहुंच चुका है। वहीं इरफान रज्जाक की नेटवर्थ भी ₹47,000 करोड़ से अधिक बताई जाती है।
छोटी कपड़ों की दुकान से शुरू हुई कहानी
इरफान रज्जाक की सफलता की नींव उनके पिता रज्जाक सत्तार ने रखी थी। साल 1956 में उन्होंने “Prestige” नाम से पुरुषों के कपड़ों की एक छोटी दुकान शुरू की थी। उस दौर में यह एक साधारण रिटेल बिजनेस था, लेकिन परिवार के लिए यही सबसे बड़ा सहारा था।
इरफान रज्जाक ने कम उम्र से ही अपने पिता के कारोबार में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। दुकान संभालते-संभालते उन्होंने बिजनेस की बारीकियां सीखीं। हालांकि, समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि तेजी से बढ़ते शहरों में रियल एस्टेट सेक्टर भविष्य का बड़ा अवसर बन सकता है। यहीं से उनके जीवन का सबसे बड़ा फैसला शुरू हुआ।
भाइयों के साथ मिलकर शुरू किया नया कारोबार
इरफान रज्जाक ने अपने भाइयों रिजवान रज्जाक और नोमान रज्जाक के साथ मिलकर रियल एस्टेट सेक्टर में उतरने का फैसला लिया। यह वह दौर था जब बेंगलुरु तेजी से आईटी और बिजनेस हब के रूप में विकसित हो रहा था।
साल 1986 में तीनों भाइयों ने मिलकर Prestige Estates Projects की स्थापना की। कंपनी का पहला प्रोजेक्ट “Prestige Court” था, जिसे बेंगलुरु में विकसित किया गया। यह प्रोजेक्ट सफल रहा और यहीं से कंपनी की पहचान बनने लगी।
बेंगलुरु के विकास के साथ बढ़ता गया कारोबार
1990 और 2000 के दशक में बेंगलुरु आईटी सेक्टर का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा। बड़ी टेक कंपनियों के आने से शहर में ऑफिस स्पेस, मॉल और लग्जरी हाउसिंग की मांग तेजी से बढ़ी।
इरफान रज्जाक ने इसी मौके को समझा और अपनी कंपनी को सिर्फ हाउसिंग तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कमर्शियल प्रोजेक्ट, टेक पार्क, शॉपिंग मॉल, लग्जरी अपार्टमेंट, होटल और हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट जैसे कई सेक्टर में विस्तार किया। आज दक्षिण भारत के मशहूर Forum Mall चेन को बनाने का श्रेय भी प्रेस्टिज ग्रुप को ही जाता है।
मुंबई और दिल्ली-एनसीआर तक फैला कारोबार
शुरुआत में कंपनी का फोकस दक्षिण भारत तक सीमित था, लेकिन बाद में प्रेस्टिज ग्रुप ने देश के अन्य बड़े शहरों में भी विस्तार शुरू कर दिया। अब कंपनी मुंबई, पुणे, दिल्ली-एनसीआर, गोवा, हैदराबाद, चेन्नई, कोच्चि जैसे बड़े बाजारों में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई जैसे हाई-वैल्यू मार्केट में एंट्री ने कंपनी की वैल्यूएशन को नई ऊंचाई दी है।
300 से ज्यादा प्रोजेक्ट पूरे कर चुकी कंपनी
प्रेस्टिज एस्टेट्स आज भारत की सबसे बड़ी लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में 300 से ज्यादा पूर्ण परियोजनाएं, 92 मिलियन वर्ग फुट से ज्यादा निर्माणाधीन क्षेत्र. रेसिडेंशियल, रिटेल, ऑफिस और हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट शामिल हैं।
कंपनी ने लग्जरी सेगमेंट में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। बेंगलुरु और मुंबई में इसके कई हाई-एंड प्रोजेक्ट करोड़ों रुपये की कीमत वाले हैं।
शेयर बाजार में भी मजबूत पकड़
Prestige Estates Projects Ltd भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ती मांग, शहरीकरण और प्रीमियम हाउसिंग की बढ़ती जरूरत ने कंपनी के कारोबार को फायदा पहुंचाया है।
विश्लेषकों का मानना है कि भारत में बढ़ती शहरी आबादी, मिडिल क्लास की आय में बढ़ोतरी, प्रीमियम रियल एस्टेट की मांग जैसे फैक्टर आने वाले वर्षों में इस सेक्टर को और मजबूत कर सकते हैं।
परिवार के पास 65% हिस्सेदारी
प्रेस्टिज एस्टेट्स में रज्जाक फैमिली ट्रस्ट प्रमोटर के रूप में मौजूद है। कंपनी में परिवार की करीब 65 फीसदी हिस्सेदारी बताई जाती है। इससे साफ है कि कंपनी पर परिवार का मजबूत नियंत्रण बना हुआ है।
यही वजह है कि निवेशक भी इसे लंबे समय तक स्थिर नेतृत्व वाली कंपनी मानते हैं।
क्यों खास है इरफान रज्जाक की सफलता की कहानी?
इरफान रज्जाक की कहानी सिर्फ अरबपति बनने की कहानी नहीं है। यह उस सोच की कहानी है जिसमें छोटे कारोबार से शुरुआत, सही समय पर बड़ा फैसला, परिवार के साथ मिलकर काम, और लगातार विस्तार की रणनीति ने एक सामान्य बिजनेस को अरबों रुपये की कंपनी में बदल दिया।
आज जब भारत का रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से बदल रहा है, तब प्रेस्टिज ग्रुप उन कंपनियों में शामिल है जो देश के बड़े शहरों का भविष्य तैयार कर रही हैं।
निष्कर्ष
एक छोटी कपड़ों की दुकान से शुरू हुआ सफर आज हजारों करोड़ रुपये के रियल एस्टेट साम्राज्य में बदल चुका है। इरफान रज्जाक एंड ब्रदर्स ने यह साबित किया है कि सही विजन, धैर्य और समय पर लिए गए फैसले किसी भी छोटे कारोबार को बड़ी सफलता में बदल सकते हैं।
भारत के चौथे सबसे अमीर मुस्लिम कारोबारी घराने के रूप में उनकी पहचान आज लाखों युवाओं और उद्यमियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
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