देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये पर दबाव के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने 23 मई 2026 को पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल अब ₹108.45 प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि दिल्ली में इसकी कीमत ₹99.51 प्रति लीटर हो गई है।
पिछले 10 दिनों में पेट्रोल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कई शहरों में यह बढ़ोतरी ₹1 प्रति लीटर से ज्यादा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं तो आने वाले दिनों में आम लोगों पर महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल के दाम?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी का सीधा असर घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ता है।
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हुआ है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी भी तेल आयात को महंगा बना रही है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में पेट्रोल की कीमतों पर केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स का भी बड़ा असर होता है। यही वजह है कि भारत में पेट्रोल की कीमतें कई पड़ोसी देशों की तुलना में अधिक हैं।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के नए रेट
| शहर | पेट्रोल कीमत | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹99.51 | +₹0.87 |
| मुंबई | ₹108.45 | +₹0.86 |
| कोलकाता | ₹110.64 | +₹0.98 |
| चेन्नई | ₹105.33 | +₹0.82 |
| गुरुग्राम | ₹100.37 | +₹1.07 |
| नोएडा | ₹99.70 | +₹0.86 |
| बेंगलुरु | ₹108.09 | +₹0.95 |
| भुवनेश्वर | ₹106.18 | +₹1.00 |
| चंडीगढ़ | ₹98.97 | +₹0.87 |
| हैदराबाद | ₹112.81 | +₹0.97 |
| जयपुर | ₹109.84 | +₹1.03 |
| लखनऊ | ₹99.31 | +₹0.86 |
| पटना | ₹111.00 | +₹1.46 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹112.64 | +₹0.93 |
साफ है कि देश के कई शहरों में पेट्रोल ₹110 प्रति लीटर के करीब या उससे ऊपर पहुंच चुका है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियां, दूध, किराना और रोजमर्रा के सामान की लागत भी बढ़ जाती है। ऑटो, टैक्सी और बस किराए में भी आने वाले दिनों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ई-कॉमर्स कंपनियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर भी इसका दबाव बढ़ेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार ईंधन महंगा होने से महंगाई दर पर असर पड़ सकता है। खासतौर पर खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी आने की आशंका रहती है।
पिछले 10 दिनों में कैसा रहा ट्रेंड?
बीते 10 दिनों में पेट्रोल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। मुंबई में पेट्रोल का रेट ₹103.54 से बढ़कर ₹108.45 प्रति लीटर तक पहुंच गया। यानी कुछ ही दिनों में करीब ₹5 प्रति लीटर की तेजी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार अस्थिर बनी हुई हैं।
भारत में पेट्रोल इतना महंगा क्यों?
भारत में पेट्रोल की कीमत में बेस प्राइस के अलावा कई तरह के टैक्स शामिल होते हैं। इसमें केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट प्रमुख है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स अलग होने के कारण पेट्रोल की कीमतें भी अलग-अलग होती हैं।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से तेल आयात महंगा हो जाता है। चूंकि भारत बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है, इसलिए रुपये में गिरावट का सीधा असर पेट्रोल की कीमतों पर पड़ता है।
आगे क्या हो सकता है?
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, अगर वैश्विक बाजार में सप्लाई सुधरती है और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है तो घरेलू स्तर पर राहत मिल सकती है। फिलहाल आम लोगों को महंगे ईंधन के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
Source: GoodReturns fuel price data, global crude oil market trends.
Also Read:


